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बूंदी व अलवर में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान: आह्वान-डर नहीं, अधिकार के साथ पुलिस तक पहुंचें महिलाएं

बूंदी व अलवर में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान: आह्वान-डर नहीं, अधिकार के साथ पुलिस तक पहुंचें महिलाएं महिलाओं से राजकॉप सिटीजन ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की अपील की. Published : August 3, 20…

ETV Bharat के अनुसार3 अगस्त 2026 को 03:15 pm बजे
बूंदी व अलवर में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान: आह्वान-डर नहीं, अधिकार के साथ पुलिस तक पहुंचें महिलाएं

सौजन्य से:- ETV Bharat

बूंदी व अलवर में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान: आह्वान-डर नहीं, अधिकार के साथ पुलिस तक पहुंचें महिलाएं

महिलाओं से राजकॉप सिटीजन ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की अपील की.

Published : August 3, 2026 at 4:19 PM IST

बूंदी/अलवर : महिलाएं किसी भी प्रकार के अपराध या उत्पीड़न की स्थिति में डरें नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के साथ सीधे पुलिस तक पहुंचें. महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस का संकल्प है और इस दिशा में राजस्थान पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है. यह बात पुलिस उप महानिरीक्षक (सुरक्षा) ममता गुप्ता ने बूंदी के नगर परिषद के टाउन हॉल में 'महिला सुरक्षा संकल्प अभियान' के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही. उधर, महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की रोकथाम तथा अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने की मंशा से अलवर में महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम हुआ.

बूंदी में डीआईजी ममता गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 1 जुलाई से 29 जुलाई तक महिला सुरक्षा संकल्प अभियान संचालित किया गया. अभियान का मकसद महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों, हेल्पलाइन सेवाओं और पुलिस की सहायता प्रणाली के प्रति जागरूक बनाना था. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर बूंदी पहुंचकर उन्होंने अभियान के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की.

महिलाओं में हो विश्वास, हर परिस्थिति में पुलिस उनके साथ : डीआईजी गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, घरेलू विवादों, सुरक्षा संबंधी चुनौतियों तथा महिला अपराधों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि महिलाओं को यह विश्वास होना चाहिए कि पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है. प्रत्येक थाने में महिला पुलिसकर्मी उनकी शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनने के लिए उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि समाज में आज भी महिलाओं के विरुद्ध अपराध चिंता का विषय हैं. इन घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज की सोच में बदलाव और व्यापक जनजागरूकता भी आवश्यक है. महिलाएं समाज की आधी आबादी ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं, इसलिए उनका सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है.

पुलिस की सराहना: बूंदी पुलिस द्वारा अभियान के दौरान किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं को सुरक्षा कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों और पुलिस सहायता के बारे में जागरूक किया है. उन्होंने कहा कि बूंदी पुलिस ने अभियान को केवल औपचारिकता नहीं बनाया, बल्कि जनभागीदारी के साथ धरातल पर प्रभावी तरीके से संचालित किया. जयपुर से आई एएसपी तृप्ति विजय ने कहा कि राजस्थान पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने महिलाओं से राजकॉप सिटीजन ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने, ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने तथा किसी भी प्रकार की घटना की सूचना बिना किसी भय के पुलिस को देने की अपील की. कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी. सिंह, एएसपी अदिति चौधरी, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, महिला प्रतिनिधि, छात्राएँ और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे.

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अलवर में आईपीएस शिवानी बोलीं-प्रताड़ना या अपराध पर पुलिस से बेझिझक कहें: इधर, अलवर में पुलिस मुख्यालय से आई आईपीएस अधिकारी शिवानी ने कहा कि महिलाएं किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अपराध होने पर बेझिझक पुलिस से संपर्क करें. पुलिस हर शिकायत को गंभीरता से दर्ज कर तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करती है. पुलिस का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना और प्रत्येक मामले में साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करना है. पूरे प्रदेश में एक महीने से महिला सुरक्षा को लेकर विशेष सेंसिटाइजेशन एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इनमें स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर जाकर छात्राओं एवं कामकाजी महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों तथा पुलिस सहायता प्रणाली की जानकारी दी जा रही है. अभियान में महिलाओं को पॉक्सो अधिनियम, पॉश अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े प्रावधानों तथा महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी जा रही है. किसी महिला को कार्यस्थल या अन्य किसी स्थान पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है तो वह सीधे पुलिस से संपर्क कर सकती है या ऑनलाइन पोर्टल से शिकायत दर्ज करा सकती हैं.

सामाजिक जागरूकता भी अहम: अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. अलवर एसपी सुधीर चौधरी के नेतृत्व में कार्यक्रम में 750 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया. इसमें स्कूल और कॉलेज की छात्राओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला प्रशासनिक अधिकारियों और सफल महिलाओं को भी आमंत्रित किया गया. छात्राओं को राजकॉप ऐप, महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, पुलिस सहायता सेवाओं और आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई.

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