राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलकों में एक्शन, मुस्लिम संगठनों ने सरकार को घेरा
राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलकों में एक्शन, मुस्लिम संगठनों ने सरकार को घेरा राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से सटे हुए इलाकों में अवैध धार्मिक स्थलों के खिलाफ सरकार के एक्शन को लेकर मुस्लिम समुदायों में नाराजगी…

सौजन्य से:- ABP News
राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलकों में एक्शन, मुस्लिम संगठनों ने सरकार को घेरा
राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से सटे हुए इलाकों में अवैध धार्मिक स्थलों के खिलाफ सरकार के एक्शन को लेकर मुस्लिम समुदायों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. अब कांग्रेस ने भी बीजेपी सरकार को घेरा है.
राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से सटे हुए इलाकों में अवैध धार्मिक स्थलों के खिलाफ सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की प्रधान पीठ जोधपुर से भले ही याचिकाकर्ताओं को कोई फौरी राहत ना मिली हो, लेकिन मुस्लिम समुदाय सरकार की कार्रवाई पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं. इस मामले में लगातार सियासत भी हो रही है.
गौरतलब है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के बाद राजस्थान में पाकिस्तान बॉर्डर से सटे हुए सात जिलों में प्रशासन ने अवैध रूप से बने हुए धार्मिक स्थलों को लेकर नोटिस जारी किया था. यह कार्यवाही बॉर्डर पर होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने और सीमाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करने को आधार बनाकर की जा रही थी. हालांकि, अधिकतर धार्मिक स्थल एक वर्ग विशेष के होने की वजह से इस कार्यवाही पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
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100 से अधिक धार्मिक स्थलों को नोटिस
जानकारी के मुताबिक बॉर्डर के नजदीक के करीब 100 से ज्यादा धर्म विशेष के इबादत स्थलों को नोटिस जारी किया गया. उनसे जवाब तलब किया गया और कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया. 76 धार्मिक स्थलों से जुड़े लोगों ने नोटिस को राजस्थान हाई कोर्ट की प्रधान पीठ जोधपुर में चुनौती दी. कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ताओं के साथ ही सरकार का पक्ष भी सुना. कोर्ट ने सीधे तौर पर दखल देने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को दूसरे प्लेटफार्म पर जाने को कहा.
मुस्लिम समुदाय ने लगाया निशाना बनाने का आरोप
बहरहाल इस मुद्दे को लेकर मुस्लिम संगठन लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं. उनका कहना है कि इसके जरिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. उनका उत्पीड़न किया जा रहा है. जो मस्जिद व दूसरे धार्मिक स्थल सालों से इस्तेमाल हो रहे हैं और उनमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन उनको तोड़ने या हटाने की कोशिश पूरी तरह गलत है. इस मामले में मुस्लिम संगठनों के साथ ही PUCL अन्य संस्थाओं ने एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं और सरकार की नियत पर सवाल खड़े किए गए हैं.
एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) संस्था ने पूरी रिपोर्ट पेश की है. संस्था के महासचिव मुजम्मिल रिजवी का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर मुसलमानो का उत्पीड़न कतई उचित नहीं है. उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. इस मामले में अब ऊपर की अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी है.
कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा
कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि बीजेपी को सिर्फ हिंदू मुसलमान करना और देश के लोगों को आपस में लड़ाना भर ही आता है. वह सिर्फ नफरत की राजनीति करना जानती है. कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव और मीडिया कोऑर्डिनेटर स्वर्णिम चतुर्वेदी के मुताबिक बीजेपी के हर गलत फैसलों का विरोध खुलकर किया जाएगा और पीड़ितों का साथ दिया जाएगा. दूसरी तरफ बीजेपी के फायर ब्रांड विधायक बाबा बालमुकुंद आचार्य का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है. अगर लंबे समय से कुछ गलत हो रहा था तो उसे अब ठीक करने की जरूरत है. ऐसे मामलों को ना तो धार्मिक नजरिए से देखना चाहिए और ना ही सियासी चश्मे से. सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए.
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