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राजस्थान को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में काम तेज: उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी

राजस्थान को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने के प्रयासों में शीर्ष कदम उठाया जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक महत्व को पूरी तरह से प्रदर्शित कर सके. उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पर्यटन विभाग की विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए जिससे बड़े पर्यटन विकास प्रोजेक्ट्स का शीघ्र शिलान्यास कर कार्य शुरू कराया जाए. X के अनुसार, उन्होंने शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई जा रही हैं जो ऐतिहासिक फ्रेस्को पेंटिंग्स के वैज्ञानिक संरक्षण को बढ़ावा देगी.

ETV Bharat के अनुसार29 जुलाई 2026 को 07:11 am बजे
राजस्थान को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में काम तेज: उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी

सौजन्य से:- ETV Bharat

डिप्टी सीएम दीया ने दिए पर्यटन विकास परियोजनाओं में तेजी के संकेत, कहा-बड़े प्रोजेक्ट्स का जल्द हो शिलान्यास

बैठक में 'शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना-2026' का विस्तृत ड्राफ्ट पेश किया गया.

Published : July 28, 2026 at 8:39 PM IST

जयपुर: उप मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने मंगलवार को पर्यटन भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग की विभिन्न विकास परियोजनाओं, बजट घोषणाओं और निवेश प्रस्तावों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए और बड़े पर्यटन विकास प्रोजेक्ट्स का शीघ्र शिलान्यास कर कार्य शुरू कराया जाए. बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, पर्यटन सचिव शुचि त्यागी, पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़, वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी, अतिरिक्त निदेशक पवन जैन, राजेश शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण की नई योजना: बैठक में 'शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना-2026' का विस्तृत ड्राफ्ट पेश किया गया. योजना के तहत निजी हवेलियों में मौजूद ऐतिहासिक फ्रेस्को पेंटिंग्स के वैज्ञानिक संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य पूरे शेखावाटी क्षेत्र को 'ओपन आर्ट गैलरी' के रूप में विकसित करना है. इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होने के साथ पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी.

हेरिटेज और संग्रहालय परियोजनाओं पर विशेष जोर: उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी को राज्य की विभिन्न हेरिटेज परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया. इसमें अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के नवीनीकरण, जयपुर के ऐतिहासिक रविन्द्र मंच के पुनर्विकास, हेरिटेज प्रोजेक्ट्स के लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंट्स के एम्पैनलमेंट और विरासत संग्रहालयों के विकास संबंधी प्रस्ताव शामिल रहे.

कार्य प्रगति की समीक्षा: बैठक में बताया गया कि कला और संस्कृति विभाग का एक अध्ययन दल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, कटक और केवड़िया के प्रमुख संग्रहालयों का भ्रमण करेगा. इसका मकसद वहां की बेहतर व्यवस्थाओं और आधुनिक तकनीकों का अध्ययन कर उन्हें राजस्थान के संग्रहालयों में लागू करना है. इसके अलावा ऐतिहासिक बावड़ियों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के साथ ही विरासत संग्रहालयों के लिए गैप एनालिसिस और बिल्डिंग असेसमेंट की प्रगति की भी समीक्षा की गई.

प्रताप सर्किट और तनोट प्रोजेक्ट पर फोकस: बैठक में 206.87 करोड़ की लागत वाले महत्वाकांक्षी महाराणा प्रताप सर्किट प्रोजेक्ट की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई. जैसलमेर में पाक सीमा पर प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर परिसर को विश्वस्तरीय आस्था पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना की भी समीक्षा की गई.

AI आधारित टूरिज्म ऐप से मिलेगी स्मार्ट सुविधा: पर्यटकों को आधुनिक और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे AI इनेबल्ड टूरिज्म ऐप की प्रगति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यह ऐप पर्यटकों के लिए यात्रा, गाइडेंस, बुकिंग और अन्य सुविधाओं को सरल और उपयोगी बनाए.

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पैनोरमा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: उप मुख्यमंत्री ने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण की ओर से विकसित विभिन्न पैनोरमा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को आमजन तक पहुंचाने के लिए विशेष जनजागरूकता गतिविधियां कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर इन स्थलों को सामुदायिक धरोहर के रूप में विकसित किया जाए. साथ ही रामदेवरा मंदिर, मालासेरी सहित लोक आस्था से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर सड़क, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें.

आमेर में विश्वस्तरीय लाइट एंड साउंड शो: बैठक के आखिर में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अधिकारियों से कहा कि पर्यटन केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण साधन है. सभी परियोजनाओं को तय मियाद में पूरा करते हुए पर्यटन क्षेत्र में निवेश और विकास की गति को और तेज किया जाए. जयपुर के विश्व प्रसिद्ध आमेर किले में प्रस्तावित विश्वस्तरीय लाइट एंड साउंड शो की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस परियोजना को आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके.

1.79 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: पर्यटन विभाग ने बैठक में निवेश की स्थिति भी पेश की. अधिकारियों ने बताया कि अब तक 2,094 एमओयू के जरिए 1,79,465 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इनमें 1,359 एमओयू के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 332 परियोजनाओं का ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुका है. विभाग ने दिसंबर 2026 तक 127 एमओयू के तहत 7,247.87 रूपए करोड़ के निवेश वाले प्रोजेक्ट्स का ग्राउंड ब्रेकिंग करने का लक्ष्य रखा है.

72 बजट घोषणाओं की समीक्षा, 19 नई योजनाओं पर काम शुरू: बैठक में विभाग की बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि CMIS पोर्टल के मुताबिक साल 2024-25 से 2026-27 तक पर्यटन विभाग की कुल 72 बजट घोषणाओं में से 6 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 19 घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है. वहीं, साल 2026-27 की 23 नई घोषणाओं में से 19 पर काम शुरू किया जा चुका है. उप मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों में तेजी लाने और सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए.

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