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'प्रधान' के इस्तीफे बाद अब निशाने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री, कर्मचारियों और शिक्षकों ने बर्खास्तगी की उठाई मांग

'प्रधान' के इस्तीफे बाद अब निशाने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री, कर्मचारियों और शिक्षकों ने बर्खास्तगी की उठाई मांग मंत्री के कथित अभद्र व्यवहार, विवादित बयानों और विभाग में लंबित समस्याओं के खिलाफ शिक्षा मंत्री की बर्खास…

ETV Bharat के अनुसार28 जुलाई 2026 को 08:54 am बजे
'प्रधान' के इस्तीफे बाद अब निशाने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री, कर्मचारियों और शिक्षकों ने बर्खास्तगी की उठाई मांग

सौजन्य से:- ETV Bharat

'प्रधान' के इस्तीफे बाद अब निशाने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री, कर्मचारियों और शिक्षकों ने बर्खास्तगी की उठाई मांग

मंत्री के कथित अभद्र व्यवहार, विवादित बयानों और विभाग में लंबित समस्याओं के खिलाफ शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे.

Published : July 26, 2026 at 3:34 PM IST

जयपुर: केंद्र में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर उठे विवाद और उनके इस्तीफे के बाद अब राजस्थान में भी शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लेकर विरोध तेज हो गया है. अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) शिक्षा मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग करते हुए जयपुर के 22 गोदाम पुलिया के नीचे जुटा. महासंघ ने मंत्री के कथित अभद्र व्यवहार, विवादित बयानों और शिक्षा विभाग में लंबित समस्याओं के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे.

प्रदेश के शिक्षक और कर्मचारी शिक्षा मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए रविवार को सड़कों पर उतरे. महासंघ के प्रमुख महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश के पांच लाख से ज्यादा शिक्षक शिक्षा मंत्री की कार्यशाली से प्रभावित हो रहे हैं. उनका कहना था कि शिक्षकों को नकारा-निकम्मा कहना, महिला शिक्षकों की पोशाकों पर कथित अमर्यादित टिप्पणियां और सार्वजनिक मंचों पर दिए कुछ बयान शिक्षक समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री की भाषा और व्यवहार से शिक्षकों में भय और असंतोष है. केवल बयानबाजी ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की कई अहम समस्याएं भी लंबे समय से समाधान का इंतजार कर रही हैं. तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं होना, पदोन्नतियां लंबित रहना, स्थानांतरण नीति को लेकर असंतोष और विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान महिला शिक्षकों के मोबाइल फोन चेक करने जैसे मामलों को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी है. उनका आरोप है कि शिक्षा विभाग में प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं.

विधानसभा घेराव और दिल्ली कूच की चेतावनी: महासंघ के संरक्षक सियाराम शर्मा ने कहा कि हालिया तबादलों में कोई एप्लीकेशन नहीं दी गई. कोई नियम फॉलो नहीं किए गए. सिर्फ विधायकों के कहने पर बिना योग्यता के ट्रांसफर कर दिए गए. इससे शिक्षक वर्ग में असंतोष है. वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा लिया जाना चाहिए ताकि शिक्षक वर्ग और उनके परिवारों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो सके. उनका कहना था, यदि सरकार समय रहते इस मामले पर फैसला नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. आगे विधानसभा सत्र शुरू होना है. ऐसे में विधानसभा का घेराव किया जाएगा. आवश्यकता पड़ी तो दिल्ली कूच करेंगे.

दिलावर का खुला विरोध: दिल्ली में हुए प्रोटेस्ट के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफे देना पड़ा. इसी क्रम में अब राजस्थान में भी शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ कर्मचारी और शिक्षक संगठनों का खुला विरोध सामने आने लगा है. इससे शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक बहस के केंद्र में आ गए.

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