चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, वलसाड से फतेहपुर सीकरी जा रही महिला ने कोटा में बच्चे को दिया जन्म
चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, वलसाड से फतेहपुर सीकरी जा रही महिला ने कोटा में बच्चे को दिया जन्म चलती ट्रेन में एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई. रेलवे टीम की त्वरित मदद से मां और नवजात दोनों सुरक्षित. Published…

सौजन्य से:- ETV Bharat
चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, वलसाड से फतेहपुर सीकरी जा रही महिला ने कोटा में बच्चे को दिया जन्म
चलती ट्रेन में एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई. रेलवे टीम की त्वरित मदद से मां और नवजात दोनों सुरक्षित.
Published : June 10, 2026 at 8:24 AM IST
कोटा: सूरत के वलसाड से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी जा रही एक महिला के ट्रेन में ही प्रसव का मामला सामने आया है. यह प्रसव कोटा रेल मंडल से गुजरते समय हुआ. सूचना मिलते ही रेलवे की टीम ने तुरंत मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई. नर्सिंग स्टाफ भी मौके पर पहुंचा और ट्रेन कोटा जंक्शन पहुंचने के बाद देखभाल की. महिला ने कोटा पहुंचने से पहले ही बच्चे को जन्म दे दिया था.
देर रात मिली सूचना: कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह घटना वलसाड-सूबेदारगंज ट्रेन में 9 जून की सुबह हुई. 24 वर्षीय सोनी देवी 8 जून को वलसाड से फतेहपुर सीकरी जाने के लिए परिवार के साथ ट्रेन में सवार हुई थीं, वह गर्भवती थीं. ट्रेन में लेबर पेन शुरू होने पर सहयात्रियों ने स्टाफ को सूचना दी. देर रात 2:50 बजे यह जानकारी रेलवे के कमर्शियल कंट्रोल रूम तक पहुंची.
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सूचना पर पहुंची मेडिकल टीम: सूचना मिलते ही रेल प्रबंधन सक्रिय हो गया. ट्रेन के कोटा पहुंचने से पहले ही मेडिकल टीम को अलर्ट कर स्टेशन पर बुलाया गया. महज 25 मिनट में टीम पहुंच गई. इसमें सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. सना जमील, स्टाफ ड्रेसर अकीला बानो और अन्य सदस्य शामिल थे, जब मेडिकल टीम जंक्शन पर पहुंची, तब तक सोनी देवी ने बच्चे को जन्म दे दिया था. टीम ने गर्भनाल काटकर बच्चे को अलग किया, एंटीसेप्टिक सफाई की और स्टेराइल क्लैंपिंग की प्रक्रिया पूरी की. चिकित्सा टीम ने मां और नवजात दोनों की जांच की. दोनों स्वस्थ पाए गए.
दवाइयां देकर भेजा: डॉक्टरों ने उन्हें पास के अस्पताल में शिफ्ट होने की सलाह दी, लेकिन परिजनों और महिला ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया. उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखने का फैसला किया. चिकित्सकों ने नवजात शिशु के लिए जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराईं. इसके बाद ट्रेन रवाना हो गई. सौरभ जैन ने बताया कि रेलवे अधिकारियों ने इस दौरान पूरी मदद सुनिश्चित की और स्थिति को कुशलतापूर्वक संभाला.
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