होमक्राइमराजस्थान पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि वह संजय लीला भंसाली समेत अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को बंद कर देगी
क्राइम

राजस्थान पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि वह संजय लीला भंसाली समेत अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को बंद कर देगी

वादकरणराजस्थान पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि वह संजय लीला भंसाली समेत अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को बंद कर देगी यह मामला 'लव एंड वॉर' के लिए लाइन प्रोड्यूसर की नियुक्ति को लेकर धोखाधड़ी और धमकी के आरोपों से जुड…

hindi.barandbench.com के अनुसार31 जुलाई 2026 को 07:15 pm बजे
राजस्थान पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि वह संजय लीला भंसाली समेत अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को बंद कर देगी

सौजन्य से:- hindi.barandbench.com

वादकरणराजस्थान पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि वह संजय लीला भंसाली समेत अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को बंद कर देगी

यह मामला 'लव एंड वॉर' के लिए लाइन प्रोड्यूसर की नियुक्ति को लेकर धोखाधड़ी और धमकी के आरोपों से जुड़ा है।

राजस्थान पुलिस ने रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट की फ़िल्म 'लव एंड वॉर' के सिलसिले में फ़िल्ममेकर संजय लीला भंसाली और उनकी प्रोडक्शन टीम के दो सदस्यों के ख़िलाफ़ पिछले साल दर्ज धोखाधड़ी के मामले में क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल करने का फ़ैसला किया है।

यह जानकारी 17 जुलाई को राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू के सामने तब दी गई, जब तीन आरोपियों की ओर से FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई हो रही थी।

सरकारी वकील ने बताया कि मामले की पूरी जांच के बाद पुलिस ने संबंधित कोर्ट में 'नेगेटिव फाइनल रिपोर्ट' दाखिल करने का प्रस्ताव दिया है।

'नेगेटिव फाइनल रिपोर्ट' दाखिल करने का मतलब है कि जांच एजेंसी को आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं।

अब ट्रायल कोर्ट तय करेगा कि पुलिस की रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या नहीं।

इस जानकारी को देखते हुए, हाई कोर्ट ने भंसाली, प्रोडक्शन मैनेजर उत्कर्ष बाली और अरविंदर गिल की ओर से केस रद्द करने के लिए दायर याचिका पर आगे सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

आरोपियों की याचिका खारिज करते हुए बेंच ने कहा, "इस कोर्ट ने मामले पर विचार किया है और इसे देखते हुए, इस मामले में दखल देने का कोई इरादा नहीं है।"

हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को यह छूट दी कि वे सही समय पर संबंधित कोर्ट के सामने अपनी सभी दलीलें रख सकते हैं।

यह मामला 1 सितंबर, 2025 को बीकानेर के बिछवाल पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से जुड़ा है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2), 352 और 351(2) के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप लगाए गए थे।

यह शिकायत प्रतीक राज माथुर ने दर्ज कराई थी, जो लाइन-प्रोडक्शन सर्विस देने वाली एक फिल्म प्रोडक्शन और हॉस्पिटैलिटी कंपनी के फाउंडर हैं।

माथुर का आरोप है कि बाली ने नवंबर 2024 में उनसे संपर्क किया और कहा कि उन्हें 'लव एंड वॉर' फिल्म के लिए लाइन प्रोड्यूसर के तौर पर काम पर रखा जाएगा। शिकायत के मुताबिक, उन्हें प्रोडक्शन टीम के राजस्थान दौरे के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स का इंतजाम करने के लिए कहा गया था।

माथुर का दावा है कि जब उन्होंने इंतजाम करना और खर्च करना शुरू कर दिया, तो उन्हें बताया गया कि प्रोडक्शन हाउस उनके साथ किसी भी तरह के सहयोग की पुष्टि नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में किसी और व्यक्ति को लाइन प्रोड्यूसर नियुक्त कर दिया गया।

उन्होंने प्रोडक्शन टीम के सदस्यों पर यह आरोप भी लगाया कि जब उन्होंने अपने बकाया पैसे मांगे, तो उन्हें धमकी दी गई।

भंसाली और अन्य याचिकाकर्ताओं ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि माथुर के साथ बातचीत शुरुआती और संभावनाओं को समझने के लिए थी और कोई भी औपचारिक कॉन्ट्रैक्ट, वर्क ऑर्डर, फीस एग्रीमेंट या मंज़ूर किया गया बजट तय नहीं हुआ था।

उनकी याचिका के अनुसार, माथुर से 28 और 29 नवंबर, 2024 को प्रस्तावित व्यवस्थाओं को रोकने और योजनाओं को रद्द करने के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सहयोग 2 दिसंबर को खत्म कर दिया गया।

याचिकाकर्ताओं ने माथुर के लगभग ₹2 लाख के खर्च के दावे पर भी सवाल उठाए और तर्क दिया कि यह कथित खर्च उनकी मंज़ूरी के बिना किया गया था। उन्होंने इस विवाद को कमर्शियल प्रकृति का बताया और आरोप लगाया कि पेमेंट करने के लिए उन पर दबाव बनाने के मकसद से आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील निशांत बोरा पेश हुए।

राज्य की ओर से पब्लिक प्रॉसिक्यूटर समीर पारेख पेश हुए।

[आदेश पढ़ें]

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

Rajasthan police tells High Court it will close cheating case against Sanjay Leela Bhansali, others

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें