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जौहर यूनिविर्सिटी कार्रवाई का विरोध, अजमेर दरगाह से स्वतंत्र आवाज

उत्तर प्रदेश के जौहर यूनिविर्सिटी पर कार्रवाई का विरोध अब अजमेर दरगाह से भी उठा है। दरगाह के अधिकारियों ने कहा कि यूनिविर्सिटी का ध्वस्तीकरण छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है और मुसलमानों को लगातार निशाना बनाने का एक और उदाहरण है।

ABP News के अनुसार20 जुलाई 2026 को 11:10 am बजे
जौहर यूनिविर्सिटी कार्रवाई का विरोध, अजमेर दरगाह से स्वतंत्र आवाज

सौजन्य से:- ABP News

जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का विरोध, अजमेर दरगाह में उठी आवाज, 'मुसलमानों को किया जा रहा टारगेट'

Jauhar University: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई पर अजमेर दरगाह की अंजुमन कमेटी के सचिव सैय्यद सरवर चिश्ती ने बयान जारी कर इस कार्रवाई का विरोध जताया है.

उत्तर प्रदेश में पूर्व मंत्री और सांसद रहे आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई के विरोध में अब अजमेर दरगाह से भी आवाज उठी है. अजमेर दरगाह की अंजुमन कमेटी के सचिव और खादिम सैय्यद सरवर चिश्ती ने बयान जारी कर यूनिवर्सिटी पर की जा रही कार्रवाई का विरोध जताया है.

चिश्ती ने अपने फेसबुक अकांउट पर वीडियो जारी कर कहा कि शिक्षा संस्थान किसी एक समुदाय के नहीं होते, बल्कि वहां सभी धर्मों के छात्र पढ़ाई करते हैं. ऐसे संस्थानों को निशाना बनाना शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह की कार्रवाई होती है तो उसका असर हजारों छात्रों की पढ़ाई पर पड़ता है.

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सरवर चिश्ती ने कहा- ये छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मुसलमानों और उनके शिक्षा संस्थानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. साथ ही कहा कि अब यह केवल एक यूनिवर्सिटी का मामला नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है. उन्होंने सभी अभिभावकों और समाज से छात्रों के समर्थन में खड़े होने की अपील की. सरवर चिश्ती ने यह भी कहा कि 24 जुलाई को दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर प्रस्तावित बैठक में भी इस विषय पर चर्चा की जाएगी और छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई जाएगी.

इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हजरत मौलाना सैयद अरशद मदनी ने भी इस कार्रवाई को भी गलत करार दिया. उन्होंने कहा था कि जो किया जा रहा है वो गलत है. अनियमितताएं होने पर भी, विध्वंस से पहले मामले का फैसला न्यायालय द्वारा किया जाना चाहिए.

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क्या है मामला?

बता दें कि रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने 'मोहम्मद अली जोहर यूनिवर्सिटी' के 40 में से 38 बिल्डिंग के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. RDA का कहना है कि भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत भवन मानचित्र के किया गया था. RDA के अनुसार, केवल मेडिकल कॉलेज और अकादमिक ब्लॉक के पास निर्माण की स्वीकृति दी गई थी, जबकि अन्य निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली गई.

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