अवैध निर्माण से तनाव के बीच हत्या का मामला: परिजनों ने आरोपी के प्रकरण की जांच मांगी
उदयपुर में सेटबैक विवाद में 68 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या के बाद पुलिस और कानून प्रशासन की सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

सौजन्य से:- ETV Bharat
उदयपुर में सेटबैक विवाद ने ली जान: बुजुर्ग फाइनेंसर की हत्या, परिजनों के विरोध के बाद अवैध निर्माण ध्वस्त
मृतक की बेटी का कहना था कि उसके पिता कानूनी लड़ाई जीत चुके थे. इसके बावजूद आरोपी निर्माण कार्य नहीं रोक रहा था.
Published : July 29, 2026 at 6:58 PM IST
उदयपुर: प्रतापनगर थाना क्षेत्र के ओस्तवाल नगर में सेटबैक विवाद को लेकर हुई बुजुर्ग की हत्या के बाद बुधवार को शहर में तनावपूर्ण माहौल बन गया. घटना से आक्रोशित लोग और परिजन महाराणा भूपाल चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त कानूनी कार्रवाई तथा मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
यूडीए तहसीलदार विजय रेगर ने बताया कि ओस्तवाल नगर निवासी 68 वर्षीय फाइनेंसर सागरमल मेहता का पड़ोसियों से लंबे समय से सेटबैक को लेकर विवाद चल रहा था. आरोप है कि मंगलवार देर रात विवाद इतना बढ़ गया कि तीन युवकों ने उन पर लाठी-डंडों और घूंसों से हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल मेहता की मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया.
बुधवार सुबह बड़ी संख्या में समाज जन एमबी अस्पताल पहुंचे और पुलिस, प्रशासन व यूडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मुख्य आरोपी द्वारा किए गए अवैध निर्माण की शिकायतें पहले भी कई बार की गई थीं, लेकिन यूडीए ने समय रहते कार्रवाई नहीं की. अवैध निर्माण हटाया जाता तो विवाद इतना नहीं बढ़ता और एक बुजुर्ग की जान बच सकती थी.
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प्रदर्शन की सूचना पर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, यूडीए तहसीलदार विजय रेगर सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से समझाइश की, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे. आखिरकार, यूडीए की टीम ने पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में मुख्य आरोपी के अवैध निर्माण वाले हिस्से पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया.
शव ले जा रही एंबुलेंस के सामने आए प्रदर्शनकारी: इस दौरान एमबी अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव और बढ़ गया, जब पोस्टमार्टम के बाद एक पुलिस अधिकारी का शव एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था. प्रदर्शनकारियों के एम्बुलेंस के सामने आने से स्थिति बिगड़ने लगी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने समझाइश कर भीड़ को हटाया और हालात पर काबू पा लिया.
मृतक की बेटी ने आरोप लगाया कि उनके पिता लगातार अवैध निर्माण का विरोध कर रहे थे और इस संबंध में कानूनी लड़ाई भी जीत चुके थे. इसके बावजूद आरोपी निर्माण कार्य नहीं रोक रहा था. फिलहाल, पुलिस हत्या के मामले में तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच जारी है.
मामले की जांच डीएसपी छवि शर्मा को सौंपी गई है, जो जल्द ही जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगी. -उमेश ओझा, एडिशनल एसपी.
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