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राजस्थान में कोई बालिग लड़का-लड़की साथ रहना चाहे तो ? मंत्री जोगाराम ने बताया क्या होंगे अधिकार

संविधान निर्माताओं की सोच के अनुरूप कदम कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने विधेयक के प्रावधानों पर बात करते हुए कहा कि यह बिल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना और संविधान निर्माताओं की मूल सोच के बिल्कुल अनुकूल है। मुख्…

Navbharat Times के अनुसार24 अगस्त 2026 को 06:56 pm बजे
राजस्थान में कोई बालिग लड़का-लड़की साथ रहना चाहे तो ? मंत्री जोगाराम ने बताया क्या होंगे अधिकार

सौजन्य से:- Navbharat Times

संविधान निर्माताओं की सोच के अनुरूप कदम

कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने विधेयक के प्रावधानों पर बात करते हुए कहा कि यह बिल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना और संविधान निर्माताओं की मूल सोच के बिल्कुल अनुकूल है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार का मानना है कि सभी नागरिकों के लिए एक समान विधिक व्यवस्था होना समय की मांग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए तैयार किया गया है। आगामी सत्र में इस पर विस्तृत चर्चा होगी।लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कड़े प्रावधान

विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बनाए गए नियमों पर मंत्री जोगाराम पटेल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि लिव-इन को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों के विपरीत, बिल में केवल एक पारदर्शी प्रक्रिया तय की गई है ताकि संविधान प्रदत्त स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल न हो।आयु सीमा: लिव-इन में रहने वाले दोनों पार्टनर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य होगी।

अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: लिव-इन संबंध में रहने के 1 महीने (30 दिन) के भीतर इसका पंजीकरण कराना जरूरी होगा।

पंजीकरण प्रक्रिया: सरकार इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल, इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर और स्थानीय रजिस्ट्रार की व्यवस्था करेगी।

जांच और सत्यापन: रजिस्ट्रार को आवेदन की जांच करने, दोनों पक्षों को बुलाने तथा सही पाए जाने पर प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार होगा। संदिग्ध मामलों में रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है, जिसका लिखित कारण बताना होगा।

अपील का अधिकार: यदि कोई जोड़ा रजिस्ट्रेशन निरस्त होने से असंतुष्ट रहता है, तो वह महा-रजिस्ट्रार (Registrar General) के समक्ष अपील दायर कर सकेगा।

इस कानून का मकसद लिव-इन संबंधों को कानूनी दायरे में लाकर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

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