होमशिक्षा-करियरदेश में अब चुनाव बंद कर देना चाहिए; आशुतोष रांका भाजपा की जीत पर भड़क उठे
शिक्षा-करियर

देश में अब चुनाव बंद कर देना चाहिए; आशुतोष रांका भाजपा की जीत पर भड़क उठे

देश में अब चुनाव बंद कर देना चाहिए; आशुतोष रांका भाजपा की जीत पर भड़क उठे राजस्थान के मेयर चुनाव में भाजपा का दबदबा देखने को मिला। भगवा पार्टी ने अजमेर और पाली में भी अपना मेयर बनवाने में कामयाब रही, जहां कांग्रेस से पिछ…

Hindustan के अनुसार21 सितंबर 2026 को 12:04 pm बजे
देश में अब चुनाव बंद कर देना चाहिए; आशुतोष रांका भाजपा की जीत पर भड़क उठे

सौजन्य से:- Hindustan

देश में अब चुनाव बंद कर देना चाहिए; आशुतोष रांका भाजपा की जीत पर भड़क उठे

राजस्थान के मेयर चुनाव में भाजपा का दबदबा देखने को मिला। भगवा पार्टी ने अजमेर और पाली में भी अपना मेयर बनवाने में कामयाब रही, जहां कांग्रेस से पिछड़ गई थी।

राजस्थान के निकाय चुनाव में सबसे अधिक वार्डों में जीत दर्ज करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मेयर चुनाव में भी अपना दबदबा कायम रखा। केवल बीकानेर में अपना मेयर बनवाने में कामयाब रही कांग्रेस को अजमेर और पाली में बड़ा झटका लगा, जहां उसकी बढ़ते के बावजूद भाजपा ने मेयर पद पर कब्जा कर लिया। नतीजों के बीच राजस्थान से आने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक आशुतोष रांका भड़क गए। उन्होंने कहा कि अब देश में चुनाव बंद करवा देना चाहिए।

आशुतोष रांका ने राजस्थान के निकाय चुनावों के नतीजों पर बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा कि वोट किसी को मिले सरकार एक ही बननी है तो चुनाव की क्या जरूरत। रांका ने कहा, 'आज राजस्थान निकाय अध्यक्ष चुनाव में जिस तरह की तस्वीरें सामने आई है, उसके बाद मुझे लगता है कि देश में चुनाव अब बंद करवा देने चाहिए। जब वोट चाहे किसी को ही मिल रहा हों, जब सरकार एक की ही बननी है तो चुनाव की क्या जरूरत?' गौरतलब है कि रांका इन दिनों राजस्थान में सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान चला रहे हैं।

राजस्थान में 309 निकायों के लिए दो चरणों 9 और 11 सितंबर को मतदान कराया गया। 14 सितंबर को आए नतीजों में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी तो कांग्रेस के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी दमखम दिखाया। 32 निकायों में प्रमुख निर्विरोध चुने जा चुके थे। 273 निकायों में महापौर और अध्यक्ष पद के लिए सोमवार सुबह दस 10 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हुआ और नतीजे आने शुरू हुए तो एक बार फिर भाजपा ने अपना दबदबा कायम किया।

अजमेर और पाली में भाजपा ने चौंकाया

सबसे ज्यादा चौंकाने वाले नतीजे अजमेर और पाली नगर निगम से आए, जहां कांग्रेस के ज्यादा पार्षद होने के बावजूद मेयर पद पर भाजपा ने कब्जा जमा लिया। अजमेर में भाजपा के सिर्फ 32 पार्षद जीते थे, जबकि मेयर चुनाव में 42 वोट पाकर अनामिका शर्मा मेयर बनीं। यहां कांग्रेस पार्षदों के क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय उम्मीदवारों के भाजपा के पक्ष में वोट करने की चर्चा है। उधर, पाली में भी बड़ा उलटफेर हुआ। यहां भाजपा के 21 पार्षद जीत थे, जबकि मेयर उम्मीदवार नमिता बुबकिया को 33 वोट मिले। कांग्रेस को 29 पार्षद जीते थे, लेकिन महज 3 ही वोट उसे मेयर चुनाव में मिले।

बीकानेर में 12 साल बाद कांग्रेस

बीकानेर नगर निगम में 12 साल बाद कांग्रेस ने वापसी करते हुए अपना बोर्ड बनाया। कांग्रेस के अनिल कल्ला ने भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 20 वोटों से हराया। कल्ला को कुल 50 वोट मिले, जबकि शेखावत को 30 मत हासिल हुए। 80 सदस्यीय बोर्ड में कांग्रेस के 42 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 27 पार्षद निर्वाचित हुए। यहां 10 निर्दलीय और एक आरएलपी का पार्षद चुना गया था।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें