रामदेवरा मेले के लिए कांच का सिंहासन और बाबा रामदेव की प्रतिमा की समीक्षा
बाबा रामदेव के प्रति आस्था भरे मारवाड़ में हर साल नए रूप में दिखती है. जोधपुर के युवकों के सामाजिक व धार्मिक संगठन 'महादेव ग्रुप' ने रामदेवरा के लिए कांच की नक्काशी से बना 8 फीट ऊंचा सिंहासन और बाबा की प्रतिमा तैयार की है. जीवंत रूप मानते हैं स्वरूप को श्रद्धालु, भाद्रपद माह में मसूरिया मंदिर से पैदल यात्रा रामदेवरा के लिए रवाना होगी.

सौजन्य से:- ETV Bharat
जोधपुर से रामदेवरा जाएगा कांच का सिंहासन और बाबा रामदेव की प्रतिमा, श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
बाबा रामदेव की प्रतिमा को जीवंत मानकर पूजा की जा रही है. इसे भाद्रपद की शुरुआत में मसूरिया मंदिर से रामदेवरा ले जाया जाएगा.
Published : August 15, 2026 at 2:58 PM IST
जोधपुर: मारवाड़ में बाबा रामदेव के प्रति आस्था हर साल नए रूप में दिखती है. जोधपुर के युवकों के सामाजिक व धार्मिक संगठन 'महादेव ग्रुप' ने इस बार रामदेवरा के लिए कांच की नक्काशी से बना 8 फीट ऊंचा सिंहासन और बाबा की प्रतिमा तैयार की है. महाराष्ट्र के कारीगरों ने 5 दिन में इसे तैयार किया. देखने में यह इतना जीवंत लगता है कि श्रद्धालु इसे बाबा का साक्षात स्वरूप मान रहे हैं. जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर इस सिंहासन को विशेष रथ में रखकर रामदेवरा ले जाया जाएगा. पिछले तीन साल से ग्रुप हर बार कुछ अनूठा कर रहा है. पहले कांच का घोड़ा, फिर कांच की मूर्ति और अब कांच का सिंहासन. यह प्रतिमा पब्लिक पार्क स्थित शिव मंदिर में दर्शनार्थ रखी है. भाद्रपद माह में मसूरिया मंदिर से पैदल यात्रा रामदेवरा रवाना होगी.
ग्रुप के नितिन देवड़ा ने बताया कि महादेव ग्रुप के युवा पिछले तीन सालों से रामदेवरा मेले के लिए हर बार कुछ नया कर रहे हैं. सामान्यतः लोग रामदेव बाबा की सवारी उनके घोड़े की प्रतिकृति कपड़े के घोड़े वहां चढ़ाते हैं. हमने तीन साल पहले सोचा कि कुछ ऐसा करें जिसे लोग याद रखें, इसलिए सबसे पहले कांच का घोड़ा वहां भेंट किया. इसके बाद गत वर्ष कांच के घोड़े के साथ बाबा की मूर्ति भी कांच की बनाई. इस बार कांच की नक्काशी से सिंहासन बनाया और बाबा की आकर्षक मूर्ति बनाई है.
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जीवंत रूप मानते हैं स्वरूप को: देवड़ा ने बताया कि बाबा रामदेव के प्रति लोगों की गहरी आस्था है. इसलिए जब इस बार कुछ नया करने का सोच रहे थे तो महाराष्ट्र के कारीगरों ने कहा कि प्रयास किया और उन्होंने 5 दिन में ही सिंहासन और बाबा की प्रतिमा यह स्वरूप बनाकर दिया. इसे जीवंत स्वरूप मानकर ही पूजा की जा रही है. तेज गर्मी है इसलिए एयरकंडीशन भी लगाया है. अभी सिंहासन और बाबा रामदेव की प्रतिमा पब्लिक पार्क स्थित शिव मंदिर में अमरनाथ महादेव के शिवलिंग के पास आमजन के दर्शनार्थ रखी गई है. जहां श्रावण मास में लोग दर्शन के लिए आते हैं. भाद्र माह की शुरुआत के साथ रथ पैदल यात्रा मसूरिया मंदिर से रामदेवरा के लिए रवाना होगा.
मारवाड़ का कुंभ कहलाता है मेला: राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई प्रदेशों के जन-जन के आराध्य लोकदेवता बाबा रामदेव के प्राकट्य दिवस भाद्रपद शुक्ल द्वितीया बीज पर रामदेवरा में मेला भरता है, जो 9 दिन चलता है, लेकिन श्रद्धालु श्रावण मास के अंतिम दिनों से ही आना शुरू हो जाते हैं. इस दौरान बहुत जगह पर मेले होते हैं. सबसे ज्यादा महत्व जैसलमेर के रामदेवरा के साथ-साथ जोधपुर के मसूरिया मंदिर का होता है. जोधपुर के मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर के पास ही उनके गुरु बालीनाथ जी की समाधि है. जो श्रद्धालु रामदेवरा जाते हैं वो उनके गुरु के दर्शन करने जोधपुर आते हैं. ऐसे में रामदेवरा के साथ-साथ जोधपुर में भी करीब एक माह तक लाखों लोगों का आना होता है.
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