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9 अक्टूबर को जयपुर में गौ अधिकार महासभा, अनुदान बढ़ाने की मांग करेंगे गौसेवक

9 अक्टूबर को जयपुर में गौ अधिकार महासभा, अनुदान बढ़ाने की मांग करेंगे गौसेवक आलोक सिंघल ने बताया-वर्तमान में अकाल के हालात को देखते हुए गौवंश को बचाने के लिए पशु शिविर व चारा डिपो खोले जाएं. Published : October 4, 2026 a…

ETV Bharat के अनुसार4 अक्टूबर 2026 को 10:04 am बजे
9 अक्टूबर को जयपुर में गौ अधिकार महासभा, अनुदान बढ़ाने की मांग करेंगे गौसेवक

सौजन्य से:- ETV Bharat

9 अक्टूबर को जयपुर में गौ अधिकार महासभा, अनुदान बढ़ाने की मांग करेंगे गौसेवक

आलोक सिंघल ने बताया-वर्तमान में अकाल के हालात को देखते हुए गौवंश को बचाने के लिए पशु शिविर व चारा डिपो खोले जाएं.

Published : October 4, 2026 at 2:08 PM IST

बाड़मेर: प्रदेश में गौशालाओं को मिल रहे अनुदान में बढ़ोतरी और गौवंश से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गौसेवक अब एकजुट हो रहे हैं. राजस्थान गौ सेवा समिति के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर 9 अक्टूबर को जयपुर स्थित पिंजरा पोल गौशाला में गौ अधिकार हुंकार महासभा आयोजित की जाएगी.समिति पदाधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं को गौवंश हेतु दिया जा रहा अनुदान वर्तमान परिस्थितियों में नाकाफी है. चारे-पानी की बढ़ती लागत के बीच गौशालाओं का संचालन कठिन होता जा रहा है. इन्हीं मुद्दों को लेकर महासभा में प्रदेशभर से हजारों गौसेवकों के जुटने की संभावना है.

9 माह नहीं, पूरे 12 माह मिले अनुदान: राजस्थान गौ सेवा समिति के बाड़मेर जिलाध्यक्ष आलोक सिंघल ने बताया कि राजस्थान गौ सेवा समिति के प्रदेश स्तरीय आंदोलन के तहत 9 अक्टूबर को जयपुर में गौ अधिकार हुंकार महासभा आयोजित की जा रही है. गौशालाओं को वर्तमान में 9 माह की सहायता दी जा रही है, जिसे बढ़ाकर 12 माह किया जाए. तीन वर्ष से छोटे गौवंश के लिए 50 रुपए व बड़े गौवंश के लिए 100 रुपए प्रतिदिन अनुदान राशि दी जाए. वर्तमान में अकाल के हालात को देखते हुए गौवंश को बचाने के लिए पशु शिविर व चारा डिपो खोले जाएं. साथ ही 12 अंकीय टैग गौवंश को लगाने की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग की है, इसके बावजूद सरकार द्वारा मनमाने ढंग से गौशालाओं से रिकवरी की जा रही है, जो अनुचित है.

समय पर नहीं मिल रहा अनुदान: समिति के जिलाध्यक्ष आलोक सिंघल ने कहा-गौशालाओं को समय पर अनुदान का भुगतान नहीं किया जा रहा है. अधिकांश गौशालाओं का अनुदान लंबे समय से बकाया है. राजस्थान भू-राजस्व नियम के तहत गौशालाओं को शीघ्र भूमि आवंटित की जाए. प्रदेश की समस्त गोचर भूमियों का सीमांकन, अतिक्रमण मुक्ति एवं तारबंदी कराकर संरक्षण करवाया जाए. जिसमें घास एवं चारा उत्पादन, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्थानीय गौशालाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो सके, ताकि गोचर भूमि का मूल उद्देश्य सुरक्षित रखते हुए उसका प्रभावी उपयोग गौवंश के विचरण, भरण-पोषण एवं संरक्षण में किया जा सके. 9 अक्टूबर को करीब 50 बसों से सैकड़ों कार्यकर्ता महासभा में भाग लेने जयपुर जाएंगे, वहां सरकार को इन समस्याओं से अवगत करवाएंगे.

महासभा की तैयारियों को लेकर बैठक, कई गौसेवक रहे मौजूद: इस दौरान सियाणी मठ के महंत आनंदपुरी महाराज, गौ सेवा समिति के जिला महामंत्री गुलाबसिंह धांधु, आनन्द पुरोहित, किशनलाल गौड़, कंवराजसिंह सहमंत्री, रेखाराम सऊ, उज्जवल सिंघल, दिलीप कुमावत, हरिराम विश्नोई, हुकमाराम चौधरी, डॉ. जसवंतसिंह, मूलचंद माली, हिमथाराम जांगिड़, नरेन्द्र समेत कई गौसेवक उपस्थित रहे.

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