राजस्थान: रक्षाबंधन पर जयपुर में दिखी भाई-बहन के प्रेम की झलक, बाजारों से लेकर घरों तक दिखी त्योहार की रौनक
राजस्थान: रक्षाबंधन पर जयपुर में दिखी भाई-बहन के प्रेम की झलक, बाजारों से लेकर घरों तक दिखी त्योहार की रौनक रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को जयपुर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भाई-बहन के प्रेम और विश्वास की झलक देख…

सौजन्य से:- Amar Ujala
राजस्थान: रक्षाबंधन पर जयपुर में दिखी भाई-बहन के प्रेम की झलक, बाजारों से लेकर घरों तक दिखी त्योहार की रौनक
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को जयपुर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भाई-बहन के प्रेम और विश्वास की झलक देखने को मिली। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और लंबी उम्र की कामना की। बाजारों में राखियों, मिठाइयों और उपहारों की जमकर खरीदारी हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को जयपुर शहर से लेकर जयपुर ग्रामीण के गांवों तक भाई-बहन के प्रेम और विश्वास की तस्वीर देखने को मिली। सुबह से ही घर-आंगन में त्योहार की रौनक रही।बहनों ने पूजा की थाली सजाई, भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधकर सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार और शगुन देकर हर सुख-दुख में साथ निभाने का वादा किया।
रक्षाबंधन के दौरान कई परिवारों में वर्षों बाद भाई-बहनों का मिलन हुआ। दूर-दराज के शहरों में रहने वाले भाई अपनी बहनों से मिलने घर पहुंचे तो परिवार की खुशियां और बढ़ गईं। जिन भाई-बहनों का मिलना संभव नहीं हो पाया, उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
ग्रामीण इलाकों में भी सुबह से ही घरों में विशेष पकवान और मिठाइयां बनाने का सिलसिला शुरू हो गया था। राखी बांधने के बाद परिवार के सदस्य एक साथ बैठे और हंसी-मजाक के बीच त्योहार का आनंद लिया। भाई-बहनों ने एक-दूसरे के साथ तस्वीरें और सेल्फी लेकर इन यादगार पलों को कैमरे में कैद किया।
इन राखियों ने विशेष ध्यान खींचा
रक्षाबंधन को लेकर शहर के बाजारों में भी विशेष रौनक दिखाई दी। पारंपरिक रेशमी राखियों के साथ कुंदन, मोती, स्टोन, ब्रेसलेट और आकर्षक डिजाइन वाली राखियों की मांग रही। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर, रंग-बिरंगी और खिलौने जैसी राखियां आकर्षण का केंद्र बनीं। जयपुर में राजस्थानी संस्कृति की झलक वाली राखियां भी लोगों को पसंद आईं। ‘खम्मा घणी सा’ और ‘राम-राम सा’ जैसे संदेशों वाली राखियों ने विशेष ध्यान खींचा।
ये भी पढ़ें- जयपुर में दर्दनाक हादसा: बारिश के पानी से भरे निर्माणाधीन मकान के गड्ढे में डूबे दो मासूम भाई-बहन
राखी के साथ मिठाई, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और उपहारों की खरीदारी भी खूब हुई। बहनों ने भाइयों की पसंद को ध्यान में रखते हुए राखियां खरीदीं, वहीं भाइयों ने बहनों के लिए उनकी पसंद के उपहार चुने। बाजारों से लेकर घरों तक पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
रक्षाबंधन महज कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और अपनत्व को मजबूत करने का अवसर है। राखी का धागा भले ही नाजुक हो, लेकिन इससे जुड़ी भावनाएं रिश्तों को मजबूती देती हैं। जयपुर से लेकर गांवों तक यही संदेश गूंजता रहा धागा छोटा सही, लेकिन प्यार और विश्वास हमेशा बड़ा बना रहे।
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

मूंग के दाने जितने छोटे लड्डू गोपाल! उदयपुर के स्वर्ण शिल्पी ने बनाई अद्भुत सूक्ष्म कलाकृति

जयपुर: दरगाह विवाद में हिंदू पक्ष ने हाईकोर्ट में दाखिल किया जवाब, जिला अदालत की सुनवाई जारी रखने की मांग

निकाय चुनाव 2026: अजमेर और सिरोही में टिकट न मिलने से बीजेपी में बगावत, नाराज नेताओं ने निर्दलीय ठोकी ताल


