अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी का गैंगस्टर्स से गठजोड़, रुपए लेकर गुर्गों को देता सुविधाएं, हुआ गिरफ्तार
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी का गैंगस्टर्स से गठजोड़, रुपए लेकर गुर्गों को देता सुविधाएं, हुआ गिरफ्तार पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी जेल प्रहरी कुछ समय पहले फरार हुए हार्डकोर अपराधी के लगातार संपर्क में था. Publ…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी का गैंगस्टर्स से गठजोड़, रुपए लेकर गुर्गों को देता सुविधाएं, हुआ गिरफ्तार
पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी जेल प्रहरी कुछ समय पहले फरार हुए हार्डकोर अपराधी के लगातार संपर्क में था.
Published : August 11, 2026 at 3:55 PM IST
जयपुर : राजस्थान में संगठित गिरोह से जुड़े गैंगस्टर्स पर पुलिस और एंटी गैंगस्टर्स टास्क फोर्स (एजीटीएफ) लगातार शिकंजा कस रही है. इस बीच अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के एक प्रहरी का गैंगस्टर्स से गठजोड़ सामने आया है. जेल में बंद गैंगस्टर्स के गुर्गों को जेल प्रहरी रुपए के लालच में सुविधाएं मुहैया करवा रहा था. वह गैंगस्टर्स से रुपए लेकर जेल में बंद उनके गुर्गों की डिमांड पूरी कर रहा था. इसकी भनक लगने पर जयपुर के दौलतपुरा थाना पुलिस ने आरोपी जेल प्रहरी को दबोच लिया है. आरोपी जेल प्रहरी की ओर से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गुर्गों की बाहर बैठे गैंगस्टर्स से बात करवाने की बात भी सामने आई है.
फरार गैंगस्टर के लगातार संपर्क में था : जयपुर (पश्चिम) डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के जेल प्रहरी धारा सिंह चौहान को दौलतपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वह दौसा जिले के पालुंदा गांव का का रहने वाला है. जेल प्रशासन को उसकी गिरफ्तारी की सूचना दी गई है. पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी जेल प्रहरी कुछ समय पहले फरार हुए हार्डकोर अपराधी के लगातार संपर्क में था. दोनों के बीच बातचीत होने की भी जानकारी मिली है. उसका कॉल आने पर वह जेल में बंद गुर्गों तक सूचना पहुंचाता था. गुर्गों की गैंगस्टर्स से बातचीत करवाने की जानकारी भी सामने आई है. गुर्गों को जेल के भीतर शराब पहुंचाने की बात भी सामने आई है, जिसे लेकर तस्दीक की जा रही है.
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जेल की जानकारी पहुंचाता गैंगस्टर्स तक : एजीटीएफ और पुलिस को यह भी इनपुट मिला कि आरोपी जेल प्रहरी जेल की हर छोटी बड़ी गतिविधि की जानकारी गैंगस्टर्स तक पहुंचाता था. ऐसे में पुलिस और एजीटीएफ पूरे मामले की गहनता से पड़ताल में जुटी है. इस मामले को लेकर पुलिस जेल में बंद गैंगस्टर्स के गुर्गों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर उनसे भी पूछताछ करेगी. फिलहाल, धारा सिंह से पूछताछ जारी है. उसके साथ ही पहले पकड़े गए गैंगस्टर्स के गुर्गे संदीप से भी पुलिस पूछताछ कर रही है.
एजीटीएफ के इनपुट पर पकड़ा था संदीप को : उन्होंने बताया कि एजीटीएफ के इनपुट पर चार दिन पहले गैंगस्टर्स के गुर्गे संदीप सिंह को पकड़ा था. उससे पूछताछ में सामने आया कि विदेश में बैठे एक गैंगस्टर ने उसके पास गैंग में नए गुर्गे जोड़ने के लिए रुपए भिजवाए थे. इनमें से कुछ रकम उसे जेल प्रहरी धारा सिंह तक पहुंचाने को कहा गया था. धारा सिंह ने मानसरोवर में किसी परिचित को रुपए देने को कहा, जहां संदीप रुपए दे आया. संदीप से पूछताछ में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने जेल प्रहरी धारा सिंह को गिरफ्तार कर लिया. उसने चैनल के जरिए गैंगस्टर्स से करीब 50 हजार रुपए लिए हैं.
नेटवर्क की जड़ें खंगालने में जुटी पुलिस : अब तक की पड़ताल में सामने आया हैं कि आरोपी गैंगस्टर्स के लिए एक तरह से मुखबिर का काम भी करता था. वह जेल प्रशासन से जुड़ी और जेल में बंद विरोधी गैंग के बदमाशों से जुड़ी जानकारी भी आगे पहुंचाता था. अब उससे पूछताछ में उसके संपर्क के लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में उसके साथ कोई और भी इस मामले में शामिल था या नहीं. इसके साथ ही प्रदेश की अन्य जेलों में कहीं इस तरह का कोई खेल तो नहीं चल रहा. इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है.
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