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परीक्षा व्यवस्था में सुधार का ऐतिहासिक कदम: भजनलाल शर्मा ने केंद्र सरकार की कार्रवाई को सराहा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकसभा में पारित 'पब्लिक एक्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026' का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों युवाओं के सपनों, वर्षों की मेहनत और निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करने वाला कदम का है।

ETV Bharat के अनुसार30 जुलाई 2026 को 04:33 am बजे
परीक्षा व्यवस्था में सुधार का ऐतिहासिक कदम: भजनलाल शर्मा ने केंद्र सरकार की कार्रवाई को सराहा

सौजन्य से:- ETV Bharat

सीएम भजनलाल शर्मा ने नए परीक्षा विधेयक का स्वागत किया, बोले- युवाओं का भरोसा होगा मजबूत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए नए भारत में कोई स्थान नहीं.

Published : July 29, 2026 at 10:43 PM IST

जयपुर: लोकसभा में पारित ‘पब्लिक एक्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026’ ध्वनि मत से संसद में पास हो गया. युवाओं के लिए इस विधेयक का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वागत किया है. बुधवार को बयान जारी कर सीएम भजनलाल ने कहा कि इसे देश के करोड़ों युवाओं के सपनों, वर्षों की मेहनत और निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक और दूरगामी कदम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए नए भारत में कोई स्थान नहीं है.

पेपर लीक और परीक्षा माफिया पर प्रभावी अंकुश:मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक प्रतिभाशाली और मेहनतकश युवाओं के हितों की रक्षा करने की दिशा में मजबूत कदम है. इससे पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा माफिया और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य अनैतिक गतिविधियों पर प्रभावी और कठोर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है. ऐसे में किसी भी तरह की अनियमितता उसकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती है. परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना युवाओं के प्रति सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है.

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मेहनत और योग्यता पर आधारित होगी सफलता:मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक प्रत्येक विद्यार्थी और अभ्यर्थी के मन में यह विश्वास मजबूत करेगा कि उसकी सफलता का आधार केवल उसकी योग्यता, क्षमता, अनुशासन और कठिन परिश्रम होगा. किसी भी अभ्यर्थी को अनियमितता, नकल या भ्रष्ट तंत्र के कारण अपने अधिकार से वंचित नहीं होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन व्यवस्था का मूल आधार बनाया है. परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में उठाया गया यह कदम भी इसी सोच का हिस्सा है.

युवाओं की प्रतिभा विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत:भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और नवाचार सबसे बड़ी पूंजी हैं. देश के युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर नए भारत की विकास यात्रा को गति दे रहे हैं. ऐसे में उनकी मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष भर्ती और परीक्षा व्यवस्था केवल युवाओं के भविष्य के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा और सरकारी भर्ती व्यवस्था में आम जनता का विश्वास भी मजबूत होता है. पारदर्शी प्रक्रिया से योग्य प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और संस्थानों में बेहतर मानव संसाधन सुनिश्चित किया जा सकेगा.

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राजस्थान में भी परीक्षा पर फोकस:मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार भी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. उनका कहना है कि तकनीक के अधिकतम उपयोग और मजबूत निगरानी व्यवस्था के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां उन्हें अपनी मेहनत और योग्यता पर भरोसा हो तथा परीक्षा परिणाम को लेकर किसी प्रकार की आशंका न रहे.

प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का अभिनंदन:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस विधेयक को ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्र सरकार का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनुचित साधनों पर सख्ती से रोक लगाने वाला यह कदम देश के करोड़ों युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की रक्षा करने के साथ-साथ शिक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में विश्वास बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत की सुरक्षा और उन्हें निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना विकसित भारत के संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है. केंद्र सरकार का यह कदम इसी दिशा में एक मजबूत और निर्णायक पहल है.

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