KDA का बड़ा निर्णय: कोटा में सेल परमिशन की अनिवार्यता समाप्त, जयपुर की तर्ज पर लागू होगी ई-पट्टा प्रणाली
KDA का बड़ा निर्णय: कोटा में सेल परमिशन की अनिवार्यता समाप्त, जयपुर की तर्ज पर लागू होगी ई-पट्टा प्रणाली कोटा में सेल परमिशन की बाध्यता के चलते अपनी प्रॉपर्टी को बेचने में व्यक्ति को 15 दिन से 2 महीने तक का समय लगता था.…

सौजन्य से:- ETV Bharat
KDA का बड़ा निर्णय: कोटा में सेल परमिशन की अनिवार्यता समाप्त, जयपुर की तर्ज पर लागू होगी ई-पट्टा प्रणाली
कोटा में सेल परमिशन की बाध्यता के चलते अपनी प्रॉपर्टी को बेचने में व्यक्ति को 15 दिन से 2 महीने तक का समय लगता था.
Published : July 28, 2026 at 8:35 AM IST
कोटा: जयपुर समेत कई बड़े शहरों में आमजन को अपना मकान, दुकान या व्यावसायिक स्थान बेचने के लिए सेल परमिशन लेनी नहीं पड़ती, लेकिन कोटा में यह बाध्यता लंबे समय से लागू थी. अब कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने इस नियम को हटा दिया है. इस निर्णय से कोटा के लाखों निवासियों को अपने भूखंड या भवन बेचने के लिए सेल परमिशन की आवश्यकता नहीं होगी. यह फैसला केडीए की सातवीं बैठक में सोमवार को लिया गया. साथ ही, जयपुर की तरह कोटा में भी ई-पट्टा प्रणाली लागू करने का निर्णय हुआ.
कोटा में सेल परमिशन की बाध्यता के कारण अपनी संपत्ति बेचने में व्यक्ति को 15 दिन से लेकर दो महीने तक का समय लग जाता था, क्योंकि इसके लिए उसे कोटा विकास प्राधिकरण के चक्कर लगाने पड़ते थे. अक्सर फाइल आगे बढ़ने में काफी विलंब हो जाता था. अब इस नियम को हटाने से लोगों का समय तो बचेगा ही, साथ ही उन्हें आवेदन शुल्क भी नहीं देना होगा.
केडीए आयुक्त बचनेश अग्रवाल ने बताया कि संभागीय आयुक्त एवं केडीए अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में यह बैठक हुई. बैठक की शुरुआत छठी बैठक के निर्णयों की समीक्षा एवं पुष्टि के साथ हुई. इसके बाद विक्रय स्वीकृति (सेल परमिशन) व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया गया तथा जयपुर की तर्ज पर ई-पट्टा प्रणाली को लागू करने पर सहमति बनी.
आयुक्त अग्रवाल ने बताया कि बैठक में वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट को भी अनुमोदित किया गया. इसके अलावा, श्री मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर, कैथूनीपोल चौराहा सौंदर्यीकरण एवं सड़क चौड़ीकरण, रामपुरा–आर्य समाज रोड चौड़ीकरण, कुन्हाड़ी क्षेत्र में सीवरेज लाइन, सर्विस रोड और रिटेनिंग वॉल निर्माण से संबंधित निर्णय भी लिए गए. इस अवसर पर सचिव मुकेश कुमार चौधरी, एडीएम (सीलिंग) रवि वर्मा, उपायुक्त अनिल सिंघल, हर्षित वर्मा, विशेषाधिकारी शिक्षा पवन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
मंत्री ने दिए थे निर्देश: कुछ दिन पहले प्रदेश के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा कोटा दौरे पर आए थे. उन्होंने शहरी सेवा शिविर में भाग लिया और मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें एक प्रतिवेदन मिला है, जिसमें कोटा में सेल परमिशन प्रणाली की जानकारी दी गई थी, जबकि अन्य नगरीय निकायों या विकास प्राधिकरणों में यह बाध्यता नहीं है. इस पर उन्होंने केडीए से जानकारी मांगी और परीक्षण के बाद इस बाध्यता को खत्म करने के निर्देश दिए थे.
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