होममनोरंजनदिल्ली रोड स्थित अवैध बस बॉडी कारखाने पर छापा: बस बनने से पहले हो गया था रजिस्ट्रेशन, वाहन मालिक, बॉडी बिल्डर और अधिकारियों पर दर्ज होगा मुकदमा - Jaipur News
मनोरंजन

दिल्ली रोड स्थित अवैध बस बॉडी कारखाने पर छापा: बस बनने से पहले हो गया था रजिस्ट्रेशन, वाहन मालिक, बॉडी बिल्डर और अधिकारियों पर दर्ज होगा मुकदमा - Jaipur News

- Hindi News - Local - Rajasthan - Jaipur - Jaipur Illegal Bus Body Factory Raid | MP Registration Scam दिल्ली रोड स्थित अवैध बस बॉडी कारखाने पर छापा:बस बनने से पहले हो गया था रजिस्ट्रेशन, वाहन मालिक, बॉडी बिल्डर और अधिक…

Dainik Bhaskar के अनुसार11 जून 2026 को 05:18 am बजे
दिल्ली रोड स्थित अवैध बस बॉडी कारखाने पर छापा:  बस बनने से पहले हो गया था रजिस्ट्रेशन, वाहन मालिक, बॉडी बिल्डर और अधिकारियों पर दर्ज होगा मुकदमा - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Rajasthan

- Jaipur

- Jaipur Illegal Bus Body Factory Raid | MP Registration Scam

दिल्ली रोड स्थित अवैध बस बॉडी कारखाने पर छापा:बस बनने से पहले हो गया था रजिस्ट्रेशन, वाहन मालिक, बॉडी बिल्डर और अधिकारियों पर दर्ज होगा मुकदमा

- कॉपी लिंक

आरटीओ प्रथम की उड़नदस्ता टीम ने दिल्ली रोड खोले के हनुमान जी स्थित गोविंद वाटिका क्षेत्र में एक अवैध बस बॉडी निर्माण इकाई पर कार्रवाई करते हुए बड़ा खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान दो बसें तैयार होती मिलीं, जबकि कई अन्य बसें भी बॉडी निर्माण के लिए परिसर में खड़ी थीं। जांच में सामने आया कि जिन दो बसों का निर्माण चल रहा था, उनका रजिस्ट्रेशन करीब 15 दिन पहले ही मध्यप्रदेश के नीमच आरटीओ में किया जा चुका था, जबकि बसों की बॉडी का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ था। आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ बसों का चेसिस स्तर पर रजिस्ट्रेशन करवाकर बाद में जयपुर में अवैध रूप से बॉडी निर्माण कराया जा रहा है। सूचना के आधार पर की गई जांच में बस संख्या MP 44 ZG 9665 और MP 44 ZG 9465 निर्माणाधीन अवस्था में मिलीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन बसों का पंजीयन मध्यप्रदेश के नीमच में कराया गया, जबकि बसें वहां फिजिकली पहुंचे ही नहीं थे। ऐसे मामलों में वाहन स्वामी, बस बॉडी बिल्डर और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

तीन महीने से गैराज में चल रहा था निर्माण कार्य राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया- जांच में सामने आया कि दोनों बसें पिछले करीब तीन महीने से गैराज में निर्माणाधीन थीं। इसके बावजूद उनका पंजीयन पहले ही किया जा चुका था। वाहन का वास्तविक निर्माण पूरा होने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने से पहले पंजीयन होना गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। बिना ट्रेड सर्टिफिकेट के चल रहा था बस निर्माण आरटीओ टीम को जांच में पता चला कि मुबीर पुत्र यासिन के यहां बस बॉडी बिल्डिंग का काम किया जा रहा था। विभागीय जांच में सामने आया कि निर्माण कार्य बिना वैध ट्रेड सर्टिफिकेट के संचालित किया जा रहा था। मौके पर बस बॉडी कोड के अनुरूप दस्तावेज और आवश्यक स्वीकृतियां भी उपलब्ध नहीं मिलीं। 36 स्लीपर और वॉशरूम वाली बसें बन रही थीं निरीक्षण के दौरान मिली दोनों बसों में 36 स्लीपर और वॉशरूम की व्यवस्था की जा रही थी। अधिकारियों ने बसों का फिजिकल और मैकेनिकल परीक्षण भी किया। ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर महेश पारीक ने बताया कि दोनों वाहन चेसिस स्तर पर रजिस्टर्ड किए गए थे और मौके पर उनकी बॉडी तैयार की जा रही थी। बसों के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।

एक-दो दिन में सड़क पर आ जातीं बसें कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंची भास्कर टीम ने पाया कि दोनों बसों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका था। बसों की बॉडी तैयार की जा चुकी थी और अंतिम फिटिंग का काम चल रहा था। यदि विभागीय कार्रवाई नहीं होती तो संभवतः एक-दो दिन में ये बसें कारखाने से बाहर निकलकर संचालन के लिए तैयार हो जातीं। पंजीयन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू डीटीओ नाथू सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन स्वामियों, बस बॉडी बिल्डर और पंजीयन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। साथ ही दोनों वाहनों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले ऐसे वाहनों और अवैध निर्माण इकाइयों के खिलाफ विभाग का विशेष अभियान जारी है। परिवहन विभाग की निगरानी पर भी उठे सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि जयपुर-दिल्ली हाईवे से महज 10 मीटर की दूरी पर संचालित इस इकाई में लंबे समय से बस निर्माण का काम चल रहा था, लेकिन इसकी जानकारी विभाग को गुप्त सूचना मिलने के बाद ही हो सकी। ऐसे में अवैध बस निर्माण और पंजीयन के पूरे नेटवर्क की जांच अब परिवहन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

- बीज निगम में घूसखोरी,पूछताछ में रोने लगा विधायक का PA: आरोपी पूर्व डायरेक्टर ने बताया- रेड में साथ जाता था, फिर करता था वसूली

- जयपुर-भीलवाड़ा हाईवे पर गड्ढे से हादसे का खतरा: वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे, ग्रामीणों ने की समाधान की मांग

- राजस्थान-आज से बदलेगा मौसम, 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट: तेज बरसात के साथ ओले गिरने की भी आशंका; पारा 46 के करीब

- जहां 8 जिंदा जले,वो मकान मालिक भी फैक्ट्री में हिस्सेदार: 5 मकान पटाखे बनाने के लिए किराए पर दिए, मास्टरमाइंड से लेता था 1 लाख किराया

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें

89K views · 2.2K reactions | राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले का एक गांव, इस्लामपुर, इन दिनों प्रदेश की राजनीति और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है. गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने की मांग हो रही है. इसकी चर्चा गांव की गलियों से लेकर राजधानी जयपुर तक है.  

रिपोर्टः मोहर सिंह मीणा
वीडियो एडिटिंगः निमित वत्स | BBC News हिन्दी
राजनीति

89K views · 2.2K reactions | राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले का एक गांव, इस्लामपुर, इन दिनों प्रदेश की राजनीति और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है. गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने की मांग हो रही है. इसकी चर्चा गांव की गलियों से लेकर राजधानी जयपुर तक है. रिपोर्टः मोहर सिंह मीणा वीडियो एडिटिंगः निमित वत्स | BBC News हिन्दी

जयपुर: पाकिस्तान तक फेसबुक से बना कॉन्टेक्ट, कलमा पढ़कर बनी 'खदीजा', महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार
क्राइम

जयपुर: पाकिस्तान तक फेसबुक से बना कॉन्टेक्ट, कलमा पढ़कर बनी 'खदीजा', महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार

जयपुर के न्यू सांगानेर रोड पर जाम खत्म करने का ब्लूप्रिंट तैयार; 24 करोड़ होंगे खर्च
शिक्षा-करियर

जयपुर के न्यू सांगानेर रोड पर जाम खत्म करने का ब्लूप्रिंट तैयार; 24 करोड़ होंगे खर्च

जयपुर में झमाझम बरसात, चूरू में ओले गिरे:  सीकर में गाड़ियां फंसी; पारा लुढ़का, लेकिन उमस बढ़ी; आज 20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट - Jaipur News
कृषि

जयपुर में झमाझम बरसात, चूरू में ओले गिरे: सीकर में गाड़ियां फंसी; पारा लुढ़का, लेकिन उमस बढ़ी; आज 20 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट - Jaipur News