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आरपीएससी भर्ती पोर्टल हैकिंग के बाद साइबर पुलिस अलर्ट: शिक्षण संस्था और विश्वविद्यालयों को वेब पोर्टल सुरक्षित करने की एडवाइजरी - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार1 अगस्त 2026 को 12:15 am बजे
आरपीएससी भर्ती पोर्टल हैकिंग के बाद साइबर पुलिस अलर्ट:  शिक्षण संस्था और विश्वविद्यालयों को वेब पोर्टल सुरक्षित करने की एडवाइजरी - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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आरपीएससी भर्ती पोर्टल हैकिंग के बाद साइबर पुलिस अलर्ट:शिक्षण संस्था और विश्वविद्यालयों को वेब पोर्टल सुरक्षित करने की एडवाइजरी

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राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के भर्ती पोर्टल में हुई सेंधमारी के बाद राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा अलर्ट मोड पर आ गई है। शाखा ने शुक्रवार को विस्तृत एडवाइजरी जारी कर सभी विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी और निजी संगठनों को अपन

- साइबर क्राइम शाखा ने 4 प्रमुख तकनीकी खामियां बताईं

- हेल्पलाइन 1930 सहित आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए

आपातकालीन स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 एवं 9257510100 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। एडीजी (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि हाल ही में आरपीएससी भर्ती पोर्टल में हैकर्स ने अवैध रूप से प्रवेश कर परीक्षा परिणाम, अभ्यर्थियों की मेरिट सूची और आवेदन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की थी। अजमेर पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पोर्टल में हैकर ऐसे तलाशते हैं 4 बड़ी खामियां

- आईडी बदलकर डेटा देखना: सर्वर पर सुरक्षा अनुमति की जांच नहीं होने पर हैकर यूआरएल में दी गई आईडी बदलकर दूसरे यूजर का गोपनीय डेटा देख सकते हैं।

- डेटाबेस में सीधी सेंधमारी: वेबसाइट के सर्च बॉक्स या लॉगिन फॉर्म में गलत एसक्यूएल कमांड डालकर हैकर डेटाबेस तक पहुंचते हैं। इससे जानकारी पढ़ने, बदलने या मिटाने का खतरा है।

- बिना पुष्टि के पासवर्ड बदलना: पासवर्ड रीसेट के दौरान वर्तमान पासवर्ड या सेशन की दोबारा जांच नहीं होना बड़ा तकनीकी जोखिम है।

- लॉगिन के असीमित प्रयास: ओटीपी या पासवर्ड डालने की सीमा तय नहीं होने पर हैकर ऑटोमेटेड टूल्स के जरिए लाखों बार पासवर्ड का अनुमान लगा सकते हैं।

तकनीकी चूक मिलते ही ; अपराधी वेबसाइट के यूआरएल और एचटीटीपी रिक्वेस्ट में तकनीकी खामियां तलाशते हैं। बॉट या स्क्रिप्ट से अलग-अलग आईडी भेज सिस्टम की सुरक्षा जांचते हैं। तकनीकी चूक मिलते ही अवैध कमांड चला संवेदनशील डेटा चुरा लेते हैं या रिकॉर्ड बदलते हैं।

तुरंत उठाएं ये कदम;

- रैंडम आईडी का इस्तेमाल: सर्वर पर हर रिक्वेस्ट की जांच हो। क्रमवार आईडी की जगह यूयूआईडी/जीयूआईडी जैसे सुरक्षित पहचानकर्ताओं का उपयोग किया जाए।

- इनपुट की सख्त जांच : सभी फॉर्म, वेब पते और डेटा की सर्वर स्तर पर वैलिडेशन हो। सुरक्षित डेटाबेस तकनीकों जैसे प्रीपेयर्ड स्टेटमेंट्स, पैरामीटराइज्ड क्वेरीज या ओआरएम फ्रेमवर्क का उपयोग किया जाए।

- दोहरी सुरक्षा (एमएफए): नया पासवर्ड बनाने से पहले पुराने की दोबारा जांच अनिवार्य हो। संवेदनशील कार्यों के लिए बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण लागू हो।

- अकाउंट लॉक सुविधा: लॉगिन/ ओटीपी प्रयासों की अधिकतम सीमा हो। बार-बार गलत पासवर्ड पर अकाउंट कुछ समय के लिए स्वत: लॉक हो।

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