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राजस्थान से फिर पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, दोस्त कहता रहा फिर भी नहीं माना ISI एजेंट

Rajasthan Police And Military Intelligence Caught Pakistan Spy Alwar Isi Agent Network Arrest राजस्थान से फिर पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, दोस्त कहता रहा फिर भी नहीं माना ISI एजेंट नवभारतटाइम्स.कॉम• Subscribe राजस्थान के अ…

navbharattimes.indiatimes.com के अनुसार3 अगस्त 2026 को 02:15 pm बजे
राजस्थान से फिर पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, दोस्त कहता रहा फिर भी नहीं माना ISI एजेंट

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

Rajasthan Police And Military Intelligence Caught Pakistan Spy Alwar Isi Agent Network Arrest

राजस्थान से फिर पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, दोस्त कहता रहा फिर भी नहीं माना ISI एजेंट

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राजस्थान के अलवर में आज फिर पाकिस्तानी जासूसी के तार सामने आए है। यहां से भारतीय सेना, ईटाराणा आर्मी छावनी, रेलवे स्टेशन और वंदे भारत ट्रेन की आवाजाही से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां, फोटो और वीडियो देने वालों को गिरफ्तार किया गया है।

अलवर: राजस्थान में एक के बाद एक पाकिस्तान की ओर से जासूसी करने के हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे हैं। एक बार फिर अलवर से चौंकाने वाली खबर मिली है। यहां राजस्थान पुलिस की स्पेशल ब्रांच और जम्मू की मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए अलवर से जासूसी के आरोप में चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पैसों के लालच में आकर भारतीय सेना, ईटाराणा आर्मी छावनी, रेलवे स्टेशन और वंदे भारत ट्रेन की आवाजाही से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां, फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेज रहे थे।

ये आरोपी पकड़े गए

पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी झोपड़ी गांव निवासी उमेश जाटव और उसके तीन साथी संजय जाटव, धारा जाटव और आकाश जाटव शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने फर्जी पहचान और महिलाओं के नाम से सोशल मीडिया व व्हाट्सएप के जरिए इनसे संपर्क साधा था।

साथियों ने दी थी गद्दारी न करने की सलाह

पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी उमेश जाटव ने पैसों का लालच देकर अपने दोस्तों के बैंक खातों और क्यूआर कोड का इस्तेमाल संदिग्ध लेन-देन के लिए किया। उसके साथियों का कहना है कि उन्होंने उमेश को देश से गद्दारी न करने और इस अवैध काम से दूर रहने की चेतावनी दी थी, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी और उन पर भी भारी पैसे खर्च किए।

डिजिटल सबूत और बैंक अकाउंट्स की जांच जारी

सुरक्षा एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से संदिग्ध व्हाट्सएप चैट, फोटो, वीडियो और वित्तीय लेन-देन के डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल उमेश जाटव से उद्योग नगर थाने में पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य तीनों को अलग स्थान पर रखकर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। एजेंसियां इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि आरोपियों ने अब तक कौन-कौन सी जानकारियां सीमा पार साझा की हैं और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को कितना खतरा पहुंचा है। साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है।

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