कौन हैं IAS अभय कुमार? जो बन सकते हैं राजस्थान के अगले मुख्य सचिव, ये नाम भी रेस में शामिल
आइए जानते हैं कि कौन हैं अभय कुमार और क्यों उन्हें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार का नया 'टॉप ब्यूरोक्रैट' माना जा रहा है। आईआईटी के गलियारों से ब्यूरोक्रेसी के शिखर तक 21 अगस्त 1968 को जन्मे अभय कुमार मूल रूप से एक त…

सौजन्य से:- Navbharat Times
आइए जानते हैं कि कौन हैं अभय कुमार और क्यों उन्हें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार का नया 'टॉप ब्यूरोक्रैट' माना जा रहा है।
आईआईटी के गलियारों से ब्यूरोक्रेसी के शिखर तक
21 अगस्त 1968 को जन्मे अभय कुमार मूल रूप से एक तकनीकी पृष्ठभूमि से आते हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने बी.टेक और एम.टेक की उच्च शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास की और 1992 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी बने।अभय कुमार को प्रशासनिक मशीनरी का लंबा अनुभव
अभय कुमार को राजस्थान की प्रशासनिक मशीनरी का लंबा अनुभव है। अपने शानदार करियर में उन्होंने एसडीओ, अतिरिक्त कलेक्टर, निदेशक, विशेष सचिव, जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट जैसे जमीनी पदों से लेकर विभिन्न विभागों के सचिव, प्रधान सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे नीति-निर्माता पदों पर अपनी काबिलियत साबित की है। वे सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े संवेदनशील 'गृह विभाग' के अतिरिक्त मुख्य सचिव की बड़ी जिम्मेदारी भी बेहद कुशलता से संभाल चुके हैं।क्यों है अभय कुमार का दावा सबसे मजबूत?
प्रशासनिक हलकों में अभय कुमार को अगला मुख्य सचिव बनाने के पीछे दो सबसे बड़े कारण माने जा रहे हैं।- वरिष्ठता: 1992 बैच के होने के नाते वे इस समय वरिष्ठता की सूची में सबसे मजबूत दावेदार हैं।
- भजनलाल सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट की कमान: वर्तमान में जल संसाधन विभाग के मुखिया के तौर पर अभय कुमार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सबसे पसंदीदा और फ्लैगशिप प्रोजेक्ट 'रामजल सेतु लिंक प्रोजेक्ट' की पूरी कमान संभाल रहे हैं।
- इसके अलावा, उनके पक्ष में समय भी है। अभय कुमार की सेवानिवृत्ति 31 अगस्त 2028 को होनी है। यानी यदि वे मुख्य सचिव बनते हैं, तो सरकार को उनके रूप में दो साल का एक लंबा और स्थिर कार्यकाल मिलेगा।
रेस में शामिल अन्य दो 'दिग्गज' दावेदार
हालांकि अभय कुमार इस रेस में सबसे आगे हैं, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में दो और नाम चर्चा का विषय बने हुए हैं।- रजत कुमार मिश्रा (1992 बैच): अभय कुमार के ही बैच के आईएएस रजत कुमार वर्तमान में केंद्र में डेपुटेशन पर हैं और केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में सचिव पद पर तैनात हैं। प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन के माहिर मिश्रा का केंद्र सरकार से बेहतरीन तालमेल है और वे जनवरी 2028 में रिटायर होंगे।
- अखिल अरोड़ा (1993 बैच): मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के एसीएस अखिल अरोड़ा भी मजबूत प्रशासनिक छवि रखते हैं। वित्त और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी जैसे भारी-भरकम विभागों को संभाल चुके अरोड़ा को सरकारी योजनाओं के लिए सुचारू फंडिंग सुनिश्चित करने का श्रेय जाता है। वे फरवरी 2029 में रिटायर होंगे, लेकिन उन्हें सीएस बनाने के लिए सरकार को 1992 बैच के अफसरों को सुपरसीड करना होगा।
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