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राजस्थान दिवस पर सांस्कृतिक संध्या की झलकें, सामाजिक समरसता का उदाहरण

राजस्थान दिवस पर राजस्थान संस्कृति मंच की ओर से गोरखपुर में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।

Amar Ujala के अनुसार16 जुलाई 2026 को 04:20 am बजे
राजस्थान दिवस पर सांस्कृतिक संध्या की झलकें, सामाजिक समरसता का उदाहरण

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Gorakhpur News: राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं की दिखी झलक

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- राजस्थान दिवस पर राजस्थान संस्कृति मंच की ओर से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

गोरखपुर। राजस्थान संस्कृति मंच की ओर से राजस्थान दिवस के अवसर पर रविवार को भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इसमें राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सौहार्द्र की आकर्षक झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि एएसपी दिनेश गोदारा ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति भारतीय जीवन मूल्यों, अनुशासन और लोक गौरव की सशक्त अभिव्यक्ति है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी विरासत के प्रति जागरूक बनाते हैं।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि राजस्थान की लोक संस्कृति परंपरा और सामाजिक समरसता उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। गीडा की सीईओ अनुज मलिक ने कहा कि जब समाज अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजता है, तभी वह आने वाली पीढ़ियों को मजबूत पहचान और नैतिक आधार दे पाता है। शिक्षाविद आशुतोष मिश्र ने राजस्थान की संस्कृति को शौर्य, स्वाभिमान और मानवीय मूल्यों का अद्भुत संगम बताया।

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कार्यक्रम के दौरान राजस्थानी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया गया। लोक नृत्य, संगीत और आत्मीय संवाद ने मरुधरा की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराया। समारोह में विनोद, सुरेन्द्र, चम्पालाल आदि उपस्थित रहे।

गोरखपुर। राजस्थान संस्कृति मंच की ओर से राजस्थान दिवस के अवसर पर रविवार को भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इसमें राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सौहार्द्र की आकर्षक झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि एएसपी दिनेश गोदारा ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति भारतीय जीवन मूल्यों, अनुशासन और लोक गौरव की सशक्त अभिव्यक्ति है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी विरासत के प्रति जागरूक बनाते हैं।

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नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि राजस्थान की लोक संस्कृति परंपरा और सामाजिक समरसता उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। गीडा की सीईओ अनुज मलिक ने कहा कि जब समाज अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजता है, तभी वह आने वाली पीढ़ियों को मजबूत पहचान और नैतिक आधार दे पाता है। शिक्षाविद आशुतोष मिश्र ने राजस्थान की संस्कृति को शौर्य, स्वाभिमान और मानवीय मूल्यों का अद्भुत संगम बताया।

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कार्यक्रम के दौरान राजस्थानी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया गया। लोक नृत्य, संगीत और आत्मीय संवाद ने मरुधरा की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराया। समारोह में विनोद, सुरेन्द्र, चम्पालाल आदि उपस्थित रहे।

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