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राजस्थान में सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने छात्राओं से उतरवाए कपड़े, निलंबित

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने कथित तौर पर छात्राओं से कपड़े उतरवाए, जिस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। शिक्षिका ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने एक हजार रुपये गुम होने के शक में छात्राओं के कपड़े उतरवाए, लेकिन छात्राओं और अभिभावकों ने इसे एक अभद्र व्यवहार बताया।

ABP News के अनुसार16 जुलाई 2026 को 10:59 am बजे
राजस्थान में सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने छात्राओं से उतरवाए कपड़े, निलंबित

सौजन्य से:- ABP News

राजस्थान में महिला टीचर की बेशर्मी, 1000 रुपये गुमने पर छात्राओं से उतरवाए कपड़े, सस्पेंड

Rajasthan News In Hindi: राजस्थान के सरकारी स्कूल में छात्राओं के कपड़े उतरवाने के आरोप में महिला टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि 1 हजार रुपये गुम होने के शक में टीचर ने अभद्र व्यवहार किया.

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं से कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद बुधवार (15 जुलाई) को ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय के बाहर प्रदर्शन कर मेन गेट पर ताला लगा दिया. आरोप है कि एक शिक्षिका के पैसे गुम होने पर कक्षा नौ और 11 की छात्राओं की तलाशी के दौरान उनसे कपड़े उतरवाए गए.

मामले की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षिका को निलंबित कर दिया है. बता दें कि हिंदी की शिक्षिका सरस्वती मीणा के करीब एक हजार रुपये गुम हो गए थे. आरोप है कि उन्होंने कक्षा 9 और 11 की छात्राओं पर संदेह जताते हुए उनकी तलाशी ली. छात्राओं और परिजनों का आरोप है कि तलाशी के दौरान छात्राओं से कपड़े उतरवाए गए, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हुईं.

छात्राओं ने घटना की जानकारी परिवार को दी

छात्राओं ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद गांव में आक्रोश फैल गया. इसके बाद बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक विद्यालय पहुंचे और मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया.

सूचना मिलने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रतिभा मीणा मौके पर पहुंचीं. उन्होंने छात्राओं से अलग-अलग बातचीत कर घटना की जानकारी ली और मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया.

विद्यालय शिक्षा, भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ अध्यापिका सरस्वती मीणा के खिलाफ प्राप्त शिकायतों को देखते हुए विभागीय जांच शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत वरिष्ठ अध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.

धौलपुर किया गया शिक्षिका का निलंबन

दलवीर सिंह ने बताया कि निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय, राजाखेड़ा (धौलपुर) किया गया है. सीबीईओ प्रतिभा मीणा के अनुसार, विद्यालय के संस्था प्रधान मनोज कुमार मीणा ने मामले को समय रहते उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया और इसे अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया.

उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है. अभिभावकों ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ शिक्षकों ने छात्राओं पर घटना के बारे में किसी को जानकारी नहीं देने का दबाव बनाया. सीबीईओ ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया.

स्कूल प्रिंसिपल ने घटना पर क्या कहा?

प्रधानाचार्य मनोज कुमार मीणा ने कहा, "शिक्षिका ने छात्राओं से माफी मांग ली थी. विद्यालय प्रशासन से भी भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने संबंधी लिखित आश्वासन लेने की बात हुई थी. इसी कारण मामले की जानकारी तत्काल उच्च अधिकारियों को नहीं दी जा सकी."

शिक्षिका सरस्वती मीणा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा, "मेरे एक हजार रुपये गुम हो गए थे. उनकी तलाश के लिए छात्राओं से पूछताछ की गई थी. छात्राओं के कपड़े उतरवाने के आरोप निराधार हैं. महिला शिक्षिका होने के नाते मैंने केवल छात्राओं से ही पूछताछ करना उचित समझा था."

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