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Give Up Campaign बना गरीबों के लिए वरदान, राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा नए लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ

Give Up Campaign बना गरीबों के लिए वरदान, राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा नए लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ सक्षम लोगों ने गरीबों का हक छोड़ा तो जरूरतमंद को मिला लाभ. Published : July 24, 2026 at 4:30 PM IST जयपुर: राजस्था…

ETV Bharat के अनुसार24 जुलाई 2026 को 02:14 pm बजे
Give Up Campaign बना गरीबों के लिए वरदान, राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा नए लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ

सौजन्य से:- ETV Bharat

Give Up Campaign बना गरीबों के लिए वरदान, राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा नए लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ

सक्षम लोगों ने गरीबों का हक छोड़ा तो जरूरतमंद को मिला लाभ.

Published : July 24, 2026 at 4:30 PM IST

जयपुर: राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर भजनलाल सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि का हासिल की है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शुरू किए गए 'गिव अप अभियान' के जरिए प्रदेश में एक करोड़ से अधिक नए पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाया गया है. यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशील शासन की मिसाल भी है.

सक्षम लोगों के स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए योजना में जगह बनी और लंबे समय से खाद्य सुरक्षा का इंतजार कर रहे पात्र लोगों को इसका लाभ मिल सका. शुक्रवार को सचिवालय में ईटीवी भारत से बातचीत में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि प्रदेश में 1 करोड़ 77 हजार 182 नए जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की गई है. वहीं, 'गिव अप अभियान' के तहत करीब 94 लाख 99 हजार 250 सक्षम लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ दिया. उन्होंने दावा किया कि यह प्रदेश के इतिहास में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. गोदारा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में तो पोर्टल ही नहीं खुलती थी.

सीमा पूरी होने से अटके थे लाखों पात्र परिवार : सुमित गोदारा ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राजस्थान में जनसंख्या के अनुपात के आधार पर करीब 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीमा निर्धारित है. यह सीमा पूरी हो जाने के कारण नए पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल करने में परेशानी आ रही थी सरकार के सामने चुनौती थी कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक कैसे पहुंचाया जाए और अपात्र या सक्षम लोगों को योजना से हटाकर पात्र परिवारों के लिए जगह कैसे बनाई जाए. इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 1 नवंबर 2024 को 'गिव अप अभियान' शुरू किया गया.

अभियान के तहत सक्षम लोगों से अपील की गई कि वे स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ें, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को योजना से जोड़ा जा सके. अभियान का असर यह रहा कि 94 लाख से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ दिया. इसके बाद 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा खोला गया, जिससे लंबे समय से योजना में शामिल होने का इंतजार कर रहे पात्र परिवारों के लिए रास्ता खुला. पोर्टल खुलने के बाद 87 लाख 81 हजार 518 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा गया. इसके अलावा वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इससे पहले 12 लाख 95 हजार 664 लोगों को भी योजना से जोड़ा जा चुका था. इस तरह सरकार का दावा है कि कुल मिलाकर एक करोड़ से अधिक नए पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिला है.

पढ़ें : 54 लाख से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 73 लाख पात्र लोग जोड़े

राजस्थान का 'गिव अप मॉडल' बना राजनीतिक संदेश : गोदारा ने कहा कि इस अभियान को केवल खाद्य सुरक्षा योजना के विस्तार के तौर पर नहीं, बल्कि 'सबका हक, पात्र को अधिकार' की नीति के रूप में पेश कर रही है. सरकार का राजनीतिक संदेश साफ है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए, जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है. उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में शुरू किया गया 'गिव अप अभियान' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना में चलाए गए 'गिव इट अप' अभियान की तर्ज पर सामाजिक भागीदारी का एक नया मॉडल बना है. केंद्र के उज्ज्वला अभियान में करीब 1.16 करोड़ लोगों ने स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ी थी. इसी तरह राजस्थान में सक्षम लोगों द्वारा खाद्य सुरक्षा छोड़ने को सरकार गरीबों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बता रही है.

खाद्य सुरक्षा में नए जोड़े गए लाभार्थी :

- वर्तमान भाजपा सरकार बनने के बाद 1 जनवरी 2024 से 31 अगस्त 2024 तक जोड़े गए नए लाभार्थी - 12,95,664

- 26 जनवरी 2025 को पोर्टल खोलने के बाद 24 जुलाई 2026 तक जोड़े गए नए लाभार्थी - 87,81,518

- कुल जोड़े गए लाभार्थी - 1,00.77.182 (राज्य के कुल लाभार्थियों 4.37 करोड़ का 23 प्रतिशत)

खाद्य सुरक्षा में नये नाम जोड़ने में टॉप 5 जिले :

- जयपुर - 3,81,816

- सीकर - 3,50,983

- जोधपुर - 3,33,378

- बाड़मेर - 3,19,431

- भीलवाडा - 3,16,316

Give Up - (1 नवम्बर 2024 से 28.02.2026) :

- प्रदेश की कुल NFSA सिलिंग - 4,46,61,960

- प्रदेश में कुल NFSA यूनिट - 4,36,54,091

- 1 नवम्बर 2024 से दिनांक 24 जुलाई 2026 तक खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ने वाले सक्षम/अपात्र लाभार्थियों की संख्या - 94,99,250 (21.76%)

राज्य की सिलिंग के विरूद्ध उपलब्ध स्थान - 10,07,869

एक लाभ से जुड़ रहे कई सरकारी योजनाओं के फायदे : गोदारा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में नए जुड़े लाभार्थियों को केवल प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं का लाभ ही नहीं मिलेगा, बल्कि वे अन्य सरकारी योजनाओं से भी लाभान्वित होंगे. इनमें मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं. यानी खाद्य सुरक्षा में एक परिवार के जुड़ने से उसे कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता भी खुलता है. ऐसे में एक करोड़ से अधिक नए लोगों का खाद्य सुरक्षा के दायरे में आना प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए बड़ा सामाजिक सुरक्षा कवच माना जा रहा है.

पढ़ें : गिव अप अभियान में भीलवाड़ा प्रदेश में प्रथम स्थान पर, 1 लाख 47000 लोगों ने छोड़ी सब्सिडी

मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मंत्री ने जताया आभार : इस उपलब्धि के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर इस उपलब्धि के लिए उनका आभार जताया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरू किया गया 'गिव अप अभियान' गरीबों के लिए वरदान साबित हुआ है. अब इस उपलब्धि को 'सशक्त राजस्थान-समृद्ध राजस्थान' के संकल्प से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है. राजस्थान में एक करोड़ से अधिक नए लोगों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने का दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब सरकार अपनी योजनाओं के जरिए गरीब और वंचित वर्ग तक सीधा लाभ पहुंचाने को अपनी प्राथमिकता बता रही है.

कांग्रेस सरकार में पोर्टल रहती थी बंद : भाजपा सरकार इस उपलब्धि को कांग्रेस शासन से अलग अपनी कार्यशैली के तौर पर प्रस्तुत कर रही है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय खाद्य सुरक्षा का पोर्टल खुलने को लेकर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था. गोदारा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय तो पोर्टल ही नहीं खुलता था. कभी-कभार अगर खुलता भी था तो दो दिन में बंद हो जाता था. हमारी सरकार ने पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम किया और पोर्टल खोलकर लाखों लोगों को इसका लाभ दिया.

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