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राजस्थान में जेन-जी वोटर्स का महत्व: एक नए चुनावी फैक्टर का उदय

राजस्थान की राजनीति में जेन-जी वोटर्स अब नया चुनावी फैक्टर बनते दिख रहे हैं। भारत की जनगणना 2036 रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 14 से 29 साल की आयुवर्ग के बच्चों की आबादी लगभग 1 करोड़ 30 हजार से अधिक है, जो की राजस्थान की आबादी का 12% है।

Amar Ujala के अनुसार28 जुलाई 2026 को 08:45 am बजे
राजस्थान में जेन-जी वोटर्स का महत्व: एक नए चुनावी फैक्टर का उदय

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Gen-Z: राजस्थान की आबादी का 12% जेन-जी, सियासत में उलटफेर करने में सक्षम; काम करेगा BJP-कांग्रेस का ये पैतरा?

Mon, 27 Jul 2026 01:13 PM IST

Sourabh Bhatt

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: Sourabh Bhatt

Updated Mon, 27 Jul 2026 01:13 PM IST

सार

राजस्थान की राजनीति में अब जेन-जी नया चुनावी फैक्टर बनता दिख रहा है। भारत की जनगणना 2036 रिपोर्ट के ताजा अनुमानों के अनुसार राजस्थान में इस जेन-जी कैटेगिरी की आबादी करीब 1 करोड़ से ज्यादा है। दिल्ली के छात्र आंदोलन के बाद यही आंकड़ा सियासी दलों में बेचैनी पैदा कर रहा है।

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विस्तार

देश में चुनावी रणनीतियां लंबे समय तक जातीय समीकरण, धर्म, क्षेत्र, महिला और पुरुष मतदाताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही हैं लेकिन पेपरलीक के मुद्दे पर हुए छात्र आंदोलन ने देश की राजनीति की दशा और दिशा बदल दी है। नई पीढ़ी की मुखर अभिव्यक्ति और विरोध ने राजनीतिक दलों को अपनी चुनावी शब्दावली में एक नया शब्द जोड़ने पर मजबूर कर दिया है..'जेन-जी'। भारत की जनगणना 2036 : जनसंख्या का अनुमान’ रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में राजस्थान में जेन-जी (1997 से 2012) है। यानी 14 से 29 साल की आयुवर्ग के बच्चों की तादाद लगभग 1 करोड़ 30 हजार से अधिक है।

यही वजह है कि राजस्थान की सियासत भी इस शब्द को लेकर बेचैन दिखाई देने लगी है। इसी के चलते दिल्ली के जंतर-मंतर में चले छात्र आंदोलन के बाद अब भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियां अब इस जेन-जी पीढ़ी से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।

आगामी पंचायत और निकाय चुनावों के साथ 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों दल उस युवा वर्ग तक पहुंचने की कोशिश में हैं, जो सोशल मीडिया से प्रभावित है, मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखता है और पारंपरिक राजनीतिक सोच से अलग माना जाता है। ये वह वर्ग है जो किसी भी दल के आईटी सेल की अल्गोरिदम पर भारी है।

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इस पूरी बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का हालिया बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा था कि नई पीढ़ी के साथ केवल "ऑर्डर" देकर काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके साथ "डिस्कशन" करना होगा और हर बात का तर्क भी समझाना होगा।

यह भी पढें- जमीनी विवाद में दबंगई: नागौर में दुकान में घुसकर अधेड़ पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला, वारदात CCTV में कैद

बीजेपी की तैयारियां

दिल्ली में छात्र आंदोलन की गूंज के बाद राजस्थान में भाजपा ने अपने युवा संपर्क अभियान की शुरुआत कारगिल विजय दिवस के अवसर पर की। जयपुर में भाजपा युवा मोर्चा ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म *शेरशाह* का सामूहिक प्रदर्शन कराया। कार्यक्रम के दौरान पहली बार बड़े स्तर पर "जेन-जी विद मोदी" की ब्रांडिंग और नारे देखने को मिले।

बड़े विज्ञापनों से सरकार नौकरियां गिनवाने में जुटी

भाजपा सरकार ने हाल ही में एक बड़ा विज्ञापन जारी कर पिछले ढाई वर्षों में दी गई सरकारी नियुक्तियों का जिलावार विवरण सार्वजनिक किया। इसके साथ ही आगामी समय में 81 हजार पदों पर प्रस्तावित भर्तियों की जानकारी भी साझा की गई। इससे सरकार युवाओं के बीच रोजगार और भर्ती को लेकर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश करती दिख रही है।

संगठन को मिला नया आउटरीच प्लान

वहीं भाजपा की सोशल मीडिया विंग अब संगठनात्मक स्तर पर भी युवाओं तक पहुंचने की तैयारी कर रही है। दिल्ली से ये प्लान दिया गया है। भाजपा सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी हीरेंद्र कौशिक के अनुसार पार्टी जल्द ही "स्टूडेंट फीडबैक कार्यक्रम" शुरू करेगी। इसके तहत युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और सोशल मीडिया टीम कॉलेजों, छात्रावासों और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से संवाद करेगी। शिक्षा, केंद्र सरकार की शिक्षा संबंधी पहल, पेपरलीक पर युवाओं की राय और उनके सुझावों को अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गौरा का कहना है कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता नीट में पास हुए बच्चों के घर जाकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सारा फीडबैक हम इकट्ठा कर रहे हैं।

कांग्रेस बनाएगी 'जेन-जी' कमेटी

कांग्रेस की बात करें तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवाओं की गूंज कार्यक्रम की शुरुआज राजस्थान के कोटा शहर से की। इस कार्यक्रम को युवाओं का जबरदस्त समर्थन भी मिला।

राजस्थान कांग्रेस के सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग के चेयरमैन सुमित भगासरा के अनुसार पार्टी "जेन-जी कमेटी" बनाने जा रही है। शुरुआत राज्य स्तर से होगी, जिसके बाद विधानसभा और ब्लॉक स्तर तक अलग-अलग समितियां गठित की जाएंगी। उद्देश्य युवाओं के बीच सीधे संवाद का नेटवर्क तैयार करना है।

क्यों अहम है जेन-जी?

'भारत की जनगणना 2036 रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में वर्ष 2026 में प्रदेश की अनुमानित आबादी 8.38 करोड़ होगी। इनमें 15 से 39 वर्ष आयु वर्ग के 3.58 करोड़ युवा होंगे, जो कुल आबादी का 42.87 प्रतिशत हैं। यानी हर 100 राजस्थानियों में लगभग 43 युवा होंगे। इसमें भी यदि जेन-जी केटेगिरी के युवाओं को छांटे तो इनकी आबादी करीब 1 करोड़, 30 हजार से अधिक है। यानी जेन-जी की आबादी कुल आबादी का लगभग 12 प्रतिशत है।

इनका कहना है-

2014 के बाद पहली बार छात्र आंदोलन का व्यापक रूप दिखा है। छात्र शक्ति या युवा शक्ति सेल्फ मोडिवेटेड है। जो आंदोलन रुख अपनाया वह नीतिगत था। सत्ताधारी दल के मंत्री को त्यागपत्र देना पड़ गया। 12 साल के बाद पहली बार सत्ताधारी मोर्चा को यह आभास हुआ कि युवा शक्ति से निपटना इतना आसान नहीं है। अब सबसे बड़ा मैसेज गया है वह यह है कि प्रजातंत्र को यह न समझे कि वह जो चाहेगा, करेगा। इस आंदोलन से देश में डेमोक्रेटिक सिस्टम को एक नई ताकत मिली है। कांग्रेस को यह आंदोलन बैठे-बिठाए एक उपहार के रूप में मिला है।

-प्रकाश भंडारी- वरिष्ठ पत्रकार

पार्टी जल्द ही "स्टूडेंट फीडबैक कार्यक्रम" शुरू करेगी। इसके तहत युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और सोशल मीडिया टीम कॉलेजों, छात्रावासों और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगी।

-हीरेंद्र कौशिक- प्रदेश प्रभारी, भाजपा सोशल मीडिया सेल

युवा मोर्चा के कार्यकर्ता नीट में पास हुए बच्चों के घर जाकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सारा फीडबैक हम इकट्ठा कर रहे हैं।

-शंकर गौरा- प्रदेशाध्यक्ष, बीजेपी युवा मोर्चा

पार्टी "जेन-जी कमेटी" बनाने जा रही है। शुरुआत राज्य स्तर से होगी, जिसके बाद विधानसभा और ब्लॉक स्तर तक अलग-अलग समितियां गठित की जाएंगी। उद्देश्य युवाओं के बीच सीधे संवाद का नेटवर्क तैयार करना है।

-सुमित भगासरा- चेयरमैन , सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म

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यही वजह है कि राजस्थान की सियासत भी इस शब्द को लेकर बेचैन दिखाई देने लगी है। इसी के चलते दिल्ली के जंतर-मंतर में चले छात्र आंदोलन के बाद अब भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियां अब इस जेन-जी पीढ़ी से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।

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आगामी पंचायत और निकाय चुनावों के साथ 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों दल उस युवा वर्ग तक पहुंचने की कोशिश में हैं, जो सोशल मीडिया से प्रभावित है, मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखता है और पारंपरिक राजनीतिक सोच से अलग माना जाता है। ये वह वर्ग है जो किसी भी दल के आईटी सेल की अल्गोरिदम पर भारी है।

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इस पूरी बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का हालिया बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा था कि नई पीढ़ी के साथ केवल "ऑर्डर" देकर काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके साथ "डिस्कशन" करना होगा और हर बात का तर्क भी समझाना होगा।

यह भी पढें- जमीनी विवाद में दबंगई: नागौर में दुकान में घुसकर अधेड़ पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला, वारदात CCTV में कैद

बीजेपी की तैयारियां

दिल्ली में छात्र आंदोलन की गूंज के बाद राजस्थान में भाजपा ने अपने युवा संपर्क अभियान की शुरुआत कारगिल विजय दिवस के अवसर पर की। जयपुर में भाजपा युवा मोर्चा ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म *शेरशाह* का सामूहिक प्रदर्शन कराया। कार्यक्रम के दौरान पहली बार बड़े स्तर पर "जेन-जी विद मोदी" की ब्रांडिंग और नारे देखने को मिले।

बड़े विज्ञापनों से सरकार नौकरियां गिनवाने में जुटी

भाजपा सरकार ने हाल ही में एक बड़ा विज्ञापन जारी कर पिछले ढाई वर्षों में दी गई सरकारी नियुक्तियों का जिलावार विवरण सार्वजनिक किया। इसके साथ ही आगामी समय में 81 हजार पदों पर प्रस्तावित भर्तियों की जानकारी भी साझा की गई। इससे सरकार युवाओं के बीच रोजगार और भर्ती को लेकर सकारात्मक संदेश देने की कोशिश करती दिख रही है।

संगठन को मिला नया आउटरीच प्लान

वहीं भाजपा की सोशल मीडिया विंग अब संगठनात्मक स्तर पर भी युवाओं तक पहुंचने की तैयारी कर रही है। दिल्ली से ये प्लान दिया गया है। भाजपा सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी हीरेंद्र कौशिक के अनुसार पार्टी जल्द ही "स्टूडेंट फीडबैक कार्यक्रम" शुरू करेगी। इसके तहत युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और सोशल मीडिया टीम कॉलेजों, छात्रावासों और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से संवाद करेगी। शिक्षा, केंद्र सरकार की शिक्षा संबंधी पहल, पेपरलीक पर युवाओं की राय और उनके सुझावों को अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गौरा का कहना है कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता नीट में पास हुए बच्चों के घर जाकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सारा फीडबैक हम इकट्ठा कर रहे हैं।

कांग्रेस बनाएगी 'जेन-जी' कमेटी

कांग्रेस की बात करें तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवाओं की गूंज कार्यक्रम की शुरुआज राजस्थान के कोटा शहर से की। इस कार्यक्रम को युवाओं का जबरदस्त समर्थन भी मिला।

राजस्थान कांग्रेस के सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग के चेयरमैन सुमित भगासरा के अनुसार पार्टी "जेन-जी कमेटी" बनाने जा रही है। शुरुआत राज्य स्तर से होगी, जिसके बाद विधानसभा और ब्लॉक स्तर तक अलग-अलग समितियां गठित की जाएंगी। उद्देश्य युवाओं के बीच सीधे संवाद का नेटवर्क तैयार करना है।

क्यों अहम है जेन-जी?

'भारत की जनगणना 2036 रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में वर्ष 2026 में प्रदेश की अनुमानित आबादी 8.38 करोड़ होगी। इनमें 15 से 39 वर्ष आयु वर्ग के 3.58 करोड़ युवा होंगे, जो कुल आबादी का 42.87 प्रतिशत हैं। यानी हर 100 राजस्थानियों में लगभग 43 युवा होंगे। इसमें भी यदि जेन-जी केटेगिरी के युवाओं को छांटे तो इनकी आबादी करीब 1 करोड़, 30 हजार से अधिक है। यानी जेन-जी की आबादी कुल आबादी का लगभग 12 प्रतिशत है।

इनका कहना है-

2014 के बाद पहली बार छात्र आंदोलन का व्यापक रूप दिखा है। छात्र शक्ति या युवा शक्ति सेल्फ मोडिवेटेड है। जो आंदोलन रुख अपनाया वह नीतिगत था। सत्ताधारी दल के मंत्री को त्यागपत्र देना पड़ गया। 12 साल के बाद पहली बार सत्ताधारी मोर्चा को यह आभास हुआ कि युवा शक्ति से निपटना इतना आसान नहीं है। अब सबसे बड़ा मैसेज गया है वह यह है कि प्रजातंत्र को यह न समझे कि वह जो चाहेगा, करेगा। इस आंदोलन से देश में डेमोक्रेटिक सिस्टम को एक नई ताकत मिली है। कांग्रेस को यह आंदोलन बैठे-बिठाए एक उपहार के रूप में मिला है।

-प्रकाश भंडारी- वरिष्ठ पत्रकार

पार्टी जल्द ही "स्टूडेंट फीडबैक कार्यक्रम" शुरू करेगी। इसके तहत युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और सोशल मीडिया टीम कॉलेजों, छात्रावासों और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगी।

-हीरेंद्र कौशिक- प्रदेश प्रभारी, भाजपा सोशल मीडिया सेल

युवा मोर्चा के कार्यकर्ता नीट में पास हुए बच्चों के घर जाकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सारा फीडबैक हम इकट्ठा कर रहे हैं।

-शंकर गौरा- प्रदेशाध्यक्ष, बीजेपी युवा मोर्चा

पार्टी "जेन-जी कमेटी" बनाने जा रही है। शुरुआत राज्य स्तर से होगी, जिसके बाद विधानसभा और ब्लॉक स्तर तक अलग-अलग समितियां गठित की जाएंगी। उद्देश्य युवाओं के बीच सीधे संवाद का नेटवर्क तैयार करना है।

-सुमित भगासरा- चेयरमैन , सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म

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