Energy Summit 2026 : राजस्थान में एनर्जी ट्रांजिशन पर मंथन, सीएस बोले- सरकार का प्रदेश में एनर्जी सेक्टर के रिफॉर्म पर जोर
Energy Summit 2026 : राजस्थान में एनर्जी ट्रांजिशन पर मंथन, सीएस बोले- सरकार का प्रदेश में एनर्जी सेक्टर के रिफॉर्म पर जोर कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की राजस्थान शाखा की ओर से हुआ आयोजन. Published : July 23, 2026 at 2…

सौजन्य से:- ETV Bharat
Energy Summit 2026 : राजस्थान में एनर्जी ट्रांजिशन पर मंथन, सीएस बोले- सरकार का प्रदेश में एनर्जी सेक्टर के रिफॉर्म पर जोर
कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की राजस्थान शाखा की ओर से हुआ आयोजन.
Published : July 23, 2026 at 2:30 PM IST
जयपुर: राजस्थान में ऊर्जा ट्रांसमिशन की आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को देश-विदेश के विशेषज्ञों ने मंथन किया. कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) की राजस्थान शाखा की ओर से राजस्थान एनर्जी समिट-2026 के सातवें संस्करण में जयपुर में देशभर की इंडस्ट्री से जुड़े कई सीईओ और एमडी जुटे. जिसमें 'एनर्जी ट्रांजिशन के अगले चरण को गति देने' की थीम पर मंथन किया गया.
इस मौके पर राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने ग्रीन एनर्जी उत्पादन को लेकर प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आने वाला समय ग्रीन एनर्जी का होगा और प्रदेश की सरकार इसे लेकर तैयार है. राजस्थान में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा सहित अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोत से बिजली पैदा करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर प्रभावी काम : उन्होंने कहा- आज सीआईआई की ओर से राजस्थान एनर्जी ट्रांजिशन को लेकर एक समिट का आयोजन किया गया. इसमें देश-विदेश के कई एक्सपर्ट्स भाग ले रहे हैं. प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एनर्जी सेक्टर के रिफॉर्म पर जोर है. उनके विजन से राजस्थान के अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने का प्रयास किया जा रहा है. पीएम कुसुम योजना, पीएम सूर्यघर योजना और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर प्रभावी काम हुआ है.
पांच लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य : उन्होंने कहा कि राजस्थान में एनर्जी सेक्टर में रिफॉर्म की काफी संभावनाएं हैं. इसके लिए आगामी वर्षों में तीन हजार से ज्यादा एग्रीमेंट लागू किए जाएंगे. पीएम सूर्यघर योजना के तहत पांच लाख घरों में यूटिलिटी एंड एग्रीगेशन मॉडल पर सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है. पीएम कुसुम योजना में देश में राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल हैं. आज की समिट में जो मुख्य बिंदु निकलकर आएंगे. उन्हें सरकार अपनी आगामी नीति में शामिल करेगी.
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समिट के बिंदु सरकार के नीति निर्धारण में सहायक : सीआईआई राजस्थान के चेयरमैन रजनीश भंडारी ने कहा कि राजस्थान में एनर्जी ट्रांजिशन की संभावनाओं को तलाशने के लिए यह समिट हुई है. राजस्थान में इंडस्ट्रीज के लिए क्या अपॉर्चुनिटी हो सकती है. एनर्जी ट्रांजिशन से रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर कैसे तैयार किए जा सकते हैं. ग्रीन एनर्जी को लेकर और क्या काम हो सकते हैं. इन सभी बिंदुओं पर आज मंथन किया गया है. आज की समिट के मुख्य बिंदु सरकार से भी साझा किए जाएंगे ताकि नीति निर्धारण में मदद मिल सके.
पावर सेक्टर से होगी मजबूत देश की पहचान
उन्होंने कहा कि पहले ऊर्जा के स्थाई स्त्रोत होते थे और डिमांड भी स्थाई होती थी. सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा से बिजली का उत्पादन घटता-बढ़ता रहता है, जिससे ग्रिड अनस्टेबल होता है. इसलिए ग्रिड को समान अवस्था में रखने के लिए आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना जरूरी है. उन्होंने कहा कि आने वाला समय एनर्जी का है. दुनिया का ताकतवर देश वह नहीं होगा, जिसके पास ज्यादा सैन्य ताकत है या जिसकी अर्थव्यवस्था बड़ी है, बल्कि आने वाले समय में दुनिया का ताकतवर देश वह होगा, जहां ऊर्जा का उत्पादन और खपत ज्यादा हो. जिस देश में ज्यादा ऊर्जा पैदा होगी और उसका सही तरीके से उपयोग होगा, वही देश आने वाले समय में ताकतवर होगा.
इन्होंने भी किया कार्यक्रम को संबोधित : इस मौके पर ब्रिटिश उच्चायोग के डिप्टी हाई कमिश्रर स्टीव हिकलिंग, राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड चेयरमैन और एमडी डॉ. रोहित गुप्ता, सीआईआई राजस्थान के वाइस चेयरमैन सुकेत सिंघल, भारत ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट के कंट्री रिप्रजेंटेटिव सौम्य पी. गरनायक, केलक्स कॉर्पोरेशन के एमडी विश अय्यर, GE पावर इंडिया लिमिटेड के एमडी पुनीत भटला ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.
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