राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच मजबूत कनेक्टिविटी के लिए 414 किमी लंबा Atal Expressway
उत्तर प्रदेश के इटावा तक 414 किमी लंबा चार लेन का अटल एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्र में निवेश, उद्योग और रोजगार की संभावनाएं पैदा होंगी।

सौजन्य से:- Jagran
राजस्थान से यूपी की कनेक्टिविटी होगी मजबूत, कोटा से इटावा तक बनेगा 414 किमी लंबा 4 लेन का Atal Expressway
राजस्थान के कोटा से उत्तर प्रदेश के इटावा तक 414 किमी लंबा अटल एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह चार लेन का एक्सप्रेसवे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक वि ...और पढ़ें
HighLights
- कोटा से इटावा तक 414 किमी लंबा अटल एक्सप्रेसवे।
- 15 हजार करोड़ की लागत से बनेगा चार लेन का मार्ग।
- इटावा में कई एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा इंटरचेंज बनेगा।
गौरव डुडेजा, इटावा। उत्तर प्रदेश के हिस्से में जल्द ही एक और एक्सप्रेसवे आकार लेगा। राजस्थान के कोटा से इटावा के कुदरैल तक चंबल नदी के किनारे एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा।
चार लेन का यह एक्सप्रेसवे 414 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी चौड़ाई 60 मीटर होगी। आठ जुलाई को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कोटा में आयोजित समारोह में यह घोषणा की थी। इसके लिए डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का काम चल रहा है।
15 हजार करोड़ रुपये का आवंटन भी कर दिया गया है। इसके बनने के बाद कुदरैल सबसे बड़ा इंटरचेंज प्वाइंट बन जाएगा। यहां लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे व गंगा लिंक एक्सप्रेसवे को जोड़ने का काम पहले से ही चल रहा है।
पहले चंबल एक्सप्रेसवे के नाम से प्रस्तावित इस परियोजना का नाम अटल एक्सप्रेसवे रखा गया है। यह कोटा के सिमलिया गांव से शुरू होकर मध्यप्रदेश श्योपुर, सबलगढ़, मुरैना, भिंड होते हुए इटावा के कुदरैल तक जाएगा। राजस्थान में 94 किमी, मध्यप्रदेश में 273 किमी, उत्तर प्रदेश में 47 किमी का हिस्सा शामिल है।
खबरें और भी
अटल एक्सप्रेसवे बनने के बाद इटावा उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन जाएगा जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, अटल एक्सप्रेसवे, लिंक एक्सप्रेसवे का जुड़ाव होगा। इससे क्षेत्र में निवेश उद्योग व रोजगार की संभावनाएं पैदा होंगी।
अभी कोटा पहुंचने में इटावा से 12 घंटे का समय लगता है, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी महज चार घंटे की रह जाएगी। इस पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा होगी। कोटा में यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा।
अटल एक्सप्रेसवे के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद इस एक्सप्रेसवे पर काम शुरू हो जाएगा। यह कोटा से इटावा तक बनेगा।
-प्रशांत मीना, प्रबंधक तकनीकी, नेशनल हाईवे राजमार्ग प्राधिकरण ग्वालियर
27 गांव की जमीन का होगा अधिग्रहण
जनपद में सदर, भरथना व ताखा तहसील के 27 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। भिंड जनपद के गाती गांव से यह जनपद में प्रवेश करेगा। इटावा तहसील के साथ गांव, भरथना के 16 ताखा के चार गांव से होकर यह गुजरेगा। नेशनल हाईवे राजमार्ग प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण की धारा 3-ए के तहत जिला प्रशासन को अधिग्रहण करने का निर्देश दिया है। यह फोरलेन बनेगा और इसकी चौड़ाई 60 मीटर होगी। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने बताया कि निर्देश के बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी ।
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें
1192 किमी कॉरिडोर के साथ एक्सप्रेसवे निर्माण में राजस्थान भारत में शीर्ष पर है, ETTravelWorld

रेज़ पावर इंफ्रा ने राजस्थान में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पदचिह्न का विस्तार किया, अतिरिक्त वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन के साथ महत्वपूर्ण 400 केवी ग्रिड परिसंपत्तियों को चालू किया - द ट्रिब्यून

Energy Summit 2026 : राजस्थान में एनर्जी ट्रांजिशन पर मंथन, सीएस बोले- सरकार का प्रदेश में एनर्जी सेक्टर के रिफॉर्म पर जोर


