ईपीएफओ पर मांगों को अनदेखा करने का आरोप: पेंशनरों ने कहा- सांसद को कहने के बाद भी नहीं हुआ उच्च पेंशन पर फैसला - Chittorgarh News
- Hindi News - Local - Rajasthan - Chittorgarh - Udaipur Pensioners High Pension Delay | EPFO Jaipur ईपीएफओ पर मांगों को अनदेखा करने का आरोप:पेंशनरों ने कहा- सांसद को कहने के बाद भी नहीं हुआ उच्च पेंशन पर फैसला - कॉपी लि…

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Chittorgarh
- Udaipur Pensioners High Pension Delay | EPFO Jaipur
ईपीएफओ पर मांगों को अनदेखा करने का आरोप:पेंशनरों ने कहा- सांसद को कहने के बाद भी नहीं हुआ उच्च पेंशन पर फैसला
- कॉपी लिंक
उदयपुर संभाग की छूट प्राप्त कंपनियों के ईपीएस-95 पेंशनरों ने ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के जयपुर कार्यालय पर राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने मांगों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है। पेंशनरों ने कहा- उच्च पेंशन से जुड़े मामले पिछले पांच महीने से अटक
नहीं मिला कोई जवाब
पेंशनरों ने कहा- कई बार ईमेल और स्पीड पोस्ट से लेटर भेजने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला है। देश की कई अन्य कंपनियों के पेंशनरों को यह फायदा पहले से मिल रहा है, लेकिन उदयपुर संभाग के पेंशनरों को अब तक इससे वंचित रखा गया है।
सांसद के पहुंचने के बाद भी नहीं मिला जवाब
राष्ट्रीय संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक नरेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया- इस मामले को लेकर सांसद सी.पी.जोशी खुद भविष्य निधि कार्यालय उदयपुर पहुंचे थे और अधिकारियों से चर्चा की थी।
इसके बाद उदयपुर कार्यालय ने पूरा मामला जयपुर कार्यालय को भेज दिया था। पेंशनरों का कहना है कि पिछले पांच महीने से हर सप्ताह ईमेल भेजे जा रहे हैं और स्पीड पोस्ट से भी कई पत्र भेजे गए हैं, लेकिन जयपुर कार्यालय ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया।
बुजुर्ग पेंशनरों को हो रही परेशानी
नरेंद्र सिंह शक्तावत का कहना है कि इस मामले से जुड़े ज्यादातर पेंशनरों की उम्र करीब 70 साल है। कई लोग अपनी बढ़ी हुई पेंशन मिलने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि महंगाई और इलाज का खर्च बढ़ने से आर्थिक परेशानी हो रही है। ऐसे में समय पर फैसला नहीं होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
दूसरी कंपनियों के पेंशनरों को मिल रहा फायदा
नरेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया- सेल, भेल और टाटा जैसी बड़ी कंपनियों के पेंशनरों को पिछले दो साल से वास्तविक वेतन के आधार पर उच्च पेंशन का लाभ मिल रहा है। वहीं उदयपुर संभाग की छूट प्राप्त कंपनियों के पेंशनरों को अब तक यह लाभ नहीं दिया गया है। पेंशनरों का कहना है कि एक ही नियम होने के बावजूद अलग-अलग लोगों के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है।
कई अदालतों में पेंशनरों को मिली राहत
समिति का कहना है कि देश के कई हाईकोर्ट पेंशनरों के पक्ष में फैसला दे चुके हैं। इसके बावजूद उदयपुर संभाग के पेंशनरों के मामलों में अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
पेंशनरों का आरोप है कि सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स और जानकारी देने के बाद भी उनके मामलों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।
आंदोलन करने की चेतावनी
राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त, नई दिल्ली से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।समिति का कहना है कि जयपुर कार्यालय जल्द सभी लंबित मामलों का निपटारा करे और उदयपुर संभाग के पेंशनरों को भी अन्य कंपनियों के पेंशनरों की तरह उच्च पेंशन का लाभ दिया जाए।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उदयपुर और जयपुर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। राष्ट्रीय संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष प्रभु लाल शर्मा, शहर अध्यक्ष कैलाश चंद्र पोखरना, सुधीर मेहता, सत्यनारायण सेन, चंद्रशेखर पालीवाल, राजीव शर्मा, लाल शंकर पुरोहित और लालचंद नाहर सहित कई पेंशनरों ने मामले को लेकर नाराजगी जताई है।
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

89K views · 2.2K reactions | राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले का एक गांव, इस्लामपुर, इन दिनों प्रदेश की राजनीति और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है. गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने की मांग हो रही है. इसकी चर्चा गांव की गलियों से लेकर राजधानी जयपुर तक है. रिपोर्टः मोहर सिंह मीणा वीडियो एडिटिंगः निमित वत्स | BBC News हिन्दी

जयपुर: पाकिस्तान तक फेसबुक से बना कॉन्टेक्ट, कलमा पढ़कर बनी 'खदीजा', महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार

जयपुर के न्यू सांगानेर रोड पर जाम खत्म करने का ब्लूप्रिंट तैयार; 24 करोड़ होंगे खर्च


