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Big Alert: MCX के नाम पर हो रही ठगी, जयपुर में ठगों ने जमाया डेरा

Big Alert: MCX के नाम पर हो रही ठगी, जयपुर में ठगों ने जमाया डेरा मुख्य बातें - ठग मोबाइल नंबर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप, WhatsApp, Telegram, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाने की…

Hindustan के अनुसार14 जुलाई 2026 को 05:33 am बजे
Big Alert: MCX के नाम पर हो रही ठगी, जयपुर में ठगों ने जमाया डेरा

सौजन्य से:- Hindustan

Big Alert: MCX के नाम पर हो रही ठगी, जयपुर में ठगों ने जमाया डेरा

मुख्य बातें

- ठग मोबाइल नंबर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप, WhatsApp, Telegram, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं

देश के प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स (MCX) ने निवेशकों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। 13 जुलाई को जारी एक प्रेस रिलीज में एक्सचेंज ने कहा है कि राजस्थान के जयपुर समेत कुछ इलाकों में कुछ फर्जी लोग और संस्थाएं MCX के नाम और ब्रांड का गलत इस्तेमाल कर निवेशकों को ठगने की कोशिश कर रही हैं।

WhatsApp, Telegram और फर्जी ऐप के जरिए हो रही ठगी

एमसीएक्स के मुताबिक ठग मोबाइल नंबर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप, WhatsApp, Telegram, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग खुद को MCX से जुड़ा बताकर या किसी प्रतिष्ठित संस्था का नाम लेकर निवेशकों को झांसे में लेते हैं।

ठग ऐसे देते हैं लालच

फर्जी गिरोह निवेशकों को कई तरह के प्रलोभन देते हैं, जैसे…

- निवेश पर गारंटीड या निश्चित रिटर्न का वादा।

- सोशल मीडिया ग्रुप में जोड़कर जल्दी अमीर बनने का दावा।

- अनधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल।

- फर्जी लिंक या थर्ड पार्टी ऐप के जरिए पैसे जमा कराने की मांग।

- खुद को MCX का कर्मचारी या सहयोगी बताना।

MCX ने कहा- हमारा कोई संबंध नहीं

एमसीएक्स ने स्पष्ट किया है कि इन फर्जी संस्थाओं या व्यक्तियों का एक्सचेंज से कोई संबंध नहीं है। ये न तो MCX के रजिस्टर्ड मेंबर हैं और न ही किसी अधिकृत ट्रेडिंग सदस्य के अधिकृत प्रतिनिधि।

एमसीएक्स ने निवेशकों को चेतावनी दी है कि ऐसे गैरकानूनी कमोडिटी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग करना कानून के खिलाफ है। यदि कोई निवेशक ऐसे प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाता है, तो होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी उसकी स्वयं की होगी।

विवाद होने पर नहीं मिलेगी कोई मदद

एमसीएक्स ने कहा कि यदि किसी फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के बाद विवाद होता है, तो निवेशकों को एक्सचेंज की निवेशक सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा विवाद निपटान की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी और न ही निवेशक शिकायत निवारण का अधिकार भी नहीं मिलेगा।

डीपफेक वीडियो और फर्जी विज्ञापनों से भी सावधान

एमसीएक्स ने कहा कि सोशल मीडिया पर शेयर बाजार और ट्रेडिंग से जुड़े डीपफेक वीडियो, नकली विज्ञापन और फ्री टिप्स तेजी से फैलाए जा रहे हैं। लालच में आकर किसी भी अनधिकृत स्कीम या ऐप में निवेश न करें।

धोखाधड़ी होने पर कहां करें शिकायत?

यदि आपको कोई संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक मिले तो उसकी शिकायत संचार साथी (Chakshu) पोर्टल पर करें। यदि आपके साथ साइबर ठगी हो चुकी है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

निवेश से पहले यह जरूर जांचें

निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि जिस ब्रोकर या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का आप उपयोग कर रहे हैं, वह SEBI और MCX से रजिस्टर्ड है। अधिकृत ट्रेडिंग सदस्यों और अधिकृत व्यक्तियों की सूची MCX की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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