राजस्थान पंचायत चुनाव में AAP ने खोले पत्ते; 60 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी
राजस्थान पंचायत चुनाव में AAP ने खोले पत्ते; 60 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी पहले चरण में प्रदेश के 16 जिलों में जिला परिषद सदस्यों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन भरे जा रहे हैं। जिला परिषद स…

सौजन्य से:- Hindustan
राजस्थान पंचायत चुनाव में AAP ने खोले पत्ते; 60 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी
पहले चरण में प्रदेश के 16 जिलों में जिला परिषद सदस्यों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन भरे जा रहे हैं। जिला परिषद सदस्य के लिए जिला स्तर पर, जबकि पंचायत समिति सदस्य के लिए संबंधित उपखंड स्तर पर नामांकन दाखिल किए जाएंगे।
राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई। इसी के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए कुल 60 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। वहीं बीजेपी और कांग्रेस में टिकटों को लेकर मंथन अभी जारी है। दोनों प्रमुख दलों में दावेदारों के नाम पर अंतिम सहमति बनाने की कवायद चल रही है।
पहले चरण में 16 जिलों में चुनाव
पहले चरण में प्रदेश के 16 जिलों में जिला परिषद सदस्यों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन भरे जा रहे हैं। जिला परिषद सदस्य के लिए जिला स्तर पर, जबकि पंचायत समिति सदस्य के लिए संबंधित उपखंड स्तर पर नामांकन दाखिल किए जाएंगे।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। पंच और सरपंच के लिए पहले चरण में 23 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि इनके चुनाव से जुड़ी अधिसूचना भी गुरुवार को जारी कर दी गई है।
AAP ने 60 नामों से बढ़ाई सियासी हलचल
पंचायतीराज चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 60 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इनमें 15 प्रत्याशी जिला परिषद सदस्य के लिए और 45 प्रत्याशी पंचायत समिति सदस्य के लिए मैदान में उतारे गए हैं।
AAP की सूची सामने आने के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा पर नजरें टिक गई हैं। दोनों दलों में कई सीटों पर दावेदारों की संख्या ज्यादा होने के कारण अंतिम फैसला लेने में मंथन चल रहा है।
टिकटों की घोषणा में देरी के पीछे बगावत रोकने की रणनीति
बीजेपी और कांग्रेस के टिकटों की घोषणा आखिरी वक्त तक खिंचने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक दोनों दल 11-12 अक्टूबर के आसपास उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की तैयारी में हैं। जिन सीटों पर दावेदारों के बीच विवाद या बगावत की आशंका है, वहां पार्टी आखिरी समय तक नाम सार्वजनिक नहीं करने की रणनीति अपना सकती है।
ऐसे मामलों में उम्मीदवार के नाम की घोषणा करने के बजाय सीधे निर्वाचन अधिकारी के पास पार्टी का सिंबल जमा करवाने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है। हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों में भी दोनों प्रमुख दलों ने कई जगह इसी तरह आखिरी समय पर सिंबल जमा करवाए थे।
जिला प्रमुख और प्रधान की कुर्सी पर भी नजर
पंचायत चुनाव सिर्फ सदस्य चुनने तक सीमित नहीं हैं। जिला परिषद के निर्वाचित सदस्यों में से ही जिला प्रमुख और पंचायत समिति सदस्यों में से प्रधान का चुनाव किया जाएगा। ऐसे में संभावित जिला प्रमुख और प्रधान के दावेदार भी अपने-अपने स्तर पर राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हैं।
टिकट वितरण के साथ ही कई इलाकों में यह भी देखा जा रहा है कि किस दावेदार को पार्टी मैदान में उतारती है और चुनाव के बाद जिला प्रमुख या प्रधान पद के लिए कौन से समीकरण बन सकते हैं।
आचार संहिता लागू, सरकार के कामकाज पर भी असर
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसके तहत तबादलों पर रोक है। मंत्री अपने क्षेत्रों में सरकारी वाहनों से नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस या डाक बंगलों में ठहरने पर भी पाबंदी रहेगी।
सरकार नई योजनाओं या कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी। पहले से चल रहे काम जारी रहेंगे और जिन टेंडरों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, उन्हें भी जारी रखा जा सकता है। हालांकि ऐसी कोई नई सरकारी घोषणा नहीं की जा सकती, जिससे सीधे तौर पर मतदाताओं के प्रभावित होने की संभावना हो।
1.69 लाख नए जनप्रतिनिधि चुनने की तैयारी
इन पंचायतीराज चुनावों के जरिए प्रदेश में करीब 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे। चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया है। यानी बड़ी संख्या में महिलाएं पंचायतीराज संस्थाओं में प्रतिनिधित्व करेंगी।
प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में 7,200 महिला सरपंच चुनी जाएंगी। इसके अलावा करीब 65 हजार महिला वार्ड पंच बनने की उम्मीद है। वहीं 457 प्रधान पदों में से 221 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
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