जयपुर में इंटरनेट बंद कर जेडीए ने ढहाए थे मकान, अब 9 संपत्तियों पर कोर्ट स्टे, अधर में लटका भारू मार्ग प्रोजेक्ट!
जयपुर में भारी पुलिस बंदोबस्त और मोबाइल इंटरनेट बंद कर भारू मार्ग पर मकान ढहाने वाले जेडीए के बुलडोजरों पर अचानक ब्रेक लग गया है। कार्रवाई के बीच बचे हुए 9 संपत्ति मालिकों ने कोर्ट से स्टे हासिल कर लिया है, जिससे सड़क चौ…

सौजन्य से:- Navbharat Times
जयपुर में भारी पुलिस बंदोबस्त और मोबाइल इंटरनेट बंद कर भारू मार्ग पर मकान ढहाने वाले जेडीए के बुलडोजरों पर अचानक ब्रेक लग गया है। कार्रवाई के बीच बचे हुए 9 संपत्ति मालिकों ने कोर्ट से स्टे हासिल कर लिया है, जिससे सड़क चौड़ीकरण का यह मेगा प्रोजेक्ट अब पूरी तरह अधर में लटक गया है।
जयपुर: गुलाबी नगरी का बेहद चर्चित और महत्वाकांक्षी 'भारू मार्ग चौड़ीकरण प्रोजेक्ट' एक बार फिर कानूनी दांव-पेंच के भंवर में फंस गया है। दो दिन पहले जिस सड़क को चौड़ा करने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने भारी पुलिस अमला तैनात किया था और एहतियातन मोबाइल इंटरनेट तक बंद कर दिया था, वहां अब अचानक बुलडोजरों के पहिए थम गए हैं।
मलबे के ढेर और भारी विरोध के बीच बचे हुए करीब 9 संपत्ति मालिकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर 'स्टे ऑर्डर' हासिल कर लिया है। इस अदालती आदेश के बाद जेडीए को अपना तोड़फोड़ का अभियान तुरंत रोकना पड़ा है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
कहीं 'खातीपुरा' जैसा हाल न हो जाए?
भारू मार्ग पर थमी इस कार्रवाई ने स्थानीय निवासियों के जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। नंदपुरी कॉलोनी के लोग इस घटनाक्रम को देखकर सहमे हुए हैं, क्योंकि उन्हें अप्रैल 2025 का वो नजारा याद आ रहा है जब जेडीए ने लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह मार्ग को चौड़ा करने का अभियान चलाया था। उस वक्त जेडीए ने एक बड़ा अभियान चलाकर करीब 274 निर्माणों को ध्वस्त कर दिया था। लेकिन, ठीक इसी तरह 11 संपत्ति मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया। जेडीए के एक अधिकारी ने दबी जुबान में स्वीकार किया।
एक साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। वह सड़क आज तक चौड़ी नहीं हो सकी। जब तक कोर्ट से राहत नहीं मिलती और बचे हुए निर्माण नहीं हटाए जाते, तब तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाना मुमकिन नहीं है।
जेडीए अधिकारी
'जमीन भी गई, दुकानें भी टूटीं और सड़क भी वैसी ही है'
जेडीए की इस आधी-अधूरी कार्रवाई से वे लोग सबसे ज्यादा आक्रोशित हैं जिनके आशियाने और दुकानें उजाड़ दी गईं। हालिया कार्रवाई में अपनी करीब 150 वर्ग गज जमीन गंवाने वाले स्थानीय निवासी कैलाश मीणा ने कहा, 'जेडीए सभी निर्माण हटाने में नाकाम रहा है। हम अब इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि वे कभी भारू मार्ग की चौड़ाई बढ़ा भी पाएंगे या नहीं।'
वहीं, खातीपुरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष भवानी सिंह राठौड़ का दर्द भी कुछ ऐसा ही है। उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, 'मैंने अपनी दुकानें खो दीं, लेकिन बदले में हमें चौड़ी सड़क तक नसीब नहीं हुई। रही-सही कसर सड़क पर पड़े मलबे ने पूरी कर दी है, जो अभी तक वहां से हटाया नहीं गया है।' इससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
फिलहाल नंदपुरी इलाके में मलबे को हटाने का काम तो चल रहा है, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद जेडीए प्रशासन नए सिरे से किसी भी निर्माण को हाथ नहीं लगा पा रहा है। जेडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, अब सारी उम्मीदें अदालत की अगली सुनवाई पर टिक गई हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अगले हफ्ते होने वाली सुनवाई में कोर्ट उन्हें हरी झंडी देगा, जिससे बचे हुए निर्माणों को हटाकर सड़क को जल्द से जल्द चौड़ा किया जा सके।
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
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