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नगर निगम जयपुर का जेईएन 80 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, निर्माण कार्य नहीं रुकवाने की एवज में मांगी थी

नगर निगम जयपुर का जेईएन 80 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, निर्माण कार्य नहीं रुकवाने की एवज में मांगी थी एसीबी ने आरोपी की कार से रिश्वत की राशि बरामद कर ली. उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. Published : June 29, 2026 at 8…

ETV Bharat के अनुसार29 जून 2026 को 04:24 pm बजे
नगर निगम जयपुर का जेईएन 80 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, निर्माण कार्य नहीं रुकवाने की एवज में मांगी थी

सौजन्य से:- ETV Bharat

नगर निगम जयपुर का जेईएन 80 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, निर्माण कार्य नहीं रुकवाने की एवज में मांगी थी

एसीबी ने आरोपी की कार से रिश्वत की राशि बरामद कर ली. उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया.

Published : June 29, 2026 at 8:45 PM IST

जयपुर: एसीबी ने नगर निगम जयपुर के कनिष्ठ अभियंता को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. जेईएन ने निर्माण कार्य नहीं रुकवाने की एवज में 2 लाख की रिश्वत मांगी थी. परिवादी ने पुराने मकान को तोड़कर नया बनाने की अनुमति ली थी. स्वीकृति मिलने के बाद भी 3 जून को आरोपी ने मकान सील करने की धमकी दी. सत्यापन में 1 लाख की मांग की पुष्टि हुई. एसीबी ने आरोपी को ट्रैप कर की कार के डैशबोर्ड से 80 हजार बरामद किए. धोवण में गुलाबी रंग भी मिला. पर्स से 27,400 रुपए भी मिले.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी एसयू प्रथम जयपुर को परिवादी की ओर से एक शिकायत प्राप्त हुई थी कि पुराने क्षतिग्रस्त मकान को ध्वस्त कर नया मकान निर्माण के लिए नगर निगम सिविल लाइन जोन में भवन निर्माण स्वीकृति के लिए आवेदन किया गया था. चार माह बाद मकान की सील खोली गई. परिवादी को बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो गई. इसके बावजूद 3 जून को आरोपी कनिष्ठ अभियंता संजय कुमार बैरवा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल निर्माणाधीन मकान पर पहुंचे. यहां मकान को पुनः सील करने, गार्ड बैठाने और निर्माण कार्य रुकवाने की धमकी दी.

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आरोपी संजय कुमार बैरवा की ओर से मकान को सील नहीं करने और निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने की एवज में स्वयं और तत्कालीन उपायुक्त (डीसी) सुनील बैरवा के नाम पर 2 लाख रुपए रिश्वत राशि की मांग कर परिवादी को परेशान किया जा रहा था. शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया. गत 4 जून को मांग सत्यापन के दौरान आरोपी बैरवा की ओर से 1 लाख रुपए रिश्वत राशि की मांग की पुष्टि हुई. उसके कहने पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आरोपी दीनदयाल ने 20 हजार रुपए रिश्वत राशि प्राप्त की. आगे की कार्रवाई में सह-परिवादी से आरोपी संजय ने उसके पिता के मकान को सील नहीं करने, सील खुलवाने और निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने की एवज में शेष रिश्वत राशि की मांग की.

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पुलिस इंस्पेक्टर अर्चना मीणा ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया. एसीबी दल ने सोमवार को आरोपी बैरवा को अपनी कार का लॉक खोलकर सह-परिवादी से 80 हजार रुपए रिश्वत लेकर डैशबोर्ड में रखते समय गिरफ्तार कर लिया. एसीबी ने डैशबोर्ड से रिश्वत राशि बरामद कर ली. आरोपी के पर्स में 27 हजार 400 रुपए की संदिग्ध नकद राशि भी बरामद हुई. प्रथम दृष्टया आरोपी के पास परिवादी का कार्य लंबित होना पाया गया. उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. अब एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है.

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