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'100 साल पुरानी घास लगी है, उसे खोदने से रोकें...', जयपुर पोलो ग्राउंड केस में IPA को दिल्ली HC से झटका - delhi hc no stay on jaipur polo ground after govt takes over

'100 साल पुरानी घास लगी है, उसे खोदने से रोकें...', जयपुर पोलो ग्राउंड केस में IPA को दिल्ली HC से झटका दिल्ली हाई कोर्ट ने जयपुर पोलो ग्राउंड पर केंद्र सरकार के कब्जे के बाद इंडियन पोलो एसोसिएशन को राहत देने से इनकार कर…

Jagran के अनुसार29 जून 2026 को 04:25 pm बजे
'100 साल पुरानी घास लगी है, उसे खोदने से रोकें...', जयपुर पोलो ग्राउंड केस में IPA को दिल्ली HC से झटका
 - delhi hc no stay on jaipur polo ground after govt takes over

सौजन्य से:- Jagran

'100 साल पुरानी घास लगी है, उसे खोदने से रोकें...', जयपुर पोलो ग्राउंड केस में IPA को दिल्ली HC से झटका

दिल्ली हाई कोर्ट ने जयपुर पोलो ग्राउंड पर केंद्र सरकार के कब्जे के बाद इंडियन पोलो एसोसिएशन को राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एक बार सरका ...और पढ़ें

HighLights

- दिल्ली हाई कोर्ट ने पोलो ग्राउंड पर रोक से किया इनकार

- केंद्र सरकार ने जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्जा ले लिया है

- इंडियन पोलो एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई 1 जुलाई को

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जयपुर पोलो ग्राउंड का केंद्र सरकार की ओर से कब्जा लेने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन पोलो एसोसिएशन (IPA) को राहत देने से इनकार दिया।

न्यायमूर्ति विनोद कुमार की अवकाश पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्जा लेने के बाद कोई रोक का आदेश जारी नहीं किया जा सकता।

पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ आईपीए की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से भी इनकार कर दिया। अवकाश पीठ ने पाया कि ट्रायल कोर्ट का आदेश उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामले को एक जुलाई को रोस्टर बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।

रेस कोर्स में जयपुर पोलो ग्राउंड से जुड़ा केस

यह मामला रेस कोर्स इलाके में 15.20 एकड़ के जयपुर पोलो ग्राउंड से जुड़ा का है। पीठ ने कहा कि एक बार सरकार कब्जा ले लेती है, तो रोक का कोई सवाल ही नहीं उठता। पीठ ने कहा कि अगर आईपीए की अपील स्वीकार हो जाती है तो पहले वाली स्थिति बहाल हो जाएगी।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कीर्तिमान सिंह पीठ से आग्रह किया इस बीच पोलो ग्राउंड को खोदे जाने से बचाया जाए, वरना बेदखली आदेश के खिलाफ सत्र अदालत में लंबित अपील बेकार हो जाएगी।

ग्राउंड पर 100 साल पुरानी घास लगी है

उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी जयपुर पोलो ग्राउंड की अंतरराष्ट्रीय स्तर की घास को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं। यह भी कहा कि ग्राउंड खोदने की इतनी जल्दी क्या है? यह 100 साल पुरानी घास है। उन्हें एक तारीख तक ग्राउंड नहीं खोदना चाहिए।

वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता आशीष दीक्षित ने पीठ को बताया कि पोलो ग्राउंड की बाउंड्री बनाने के लिए सीमांकन किया जा रहा है और उस घास (टर्फ) पर कुछ नहीं किया जा रहा है। आईपीए सत्र अदालत के 18 जून के आदेश को चुनौती दी।

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कोर्ट ने आईपीए की याचिका खारिज की

ट्रायल कोर्ट ने जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्जा वापस पाने, 20 मई के बेदखली आदेश को लागू करने पर रोक लगाने और जयपुर पोलो ग्राउंड को तोड़ने, उखाड़ने, खोदने, उसमें छेड़छाड़ या बदलाव करने से रोकने की मांग वाली आईपीए की याचिका खारिज कर दी थी।

याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता की अंतरिम अर्जी को खारिज करना साफ तौर पर गलत था और अपील लंबित रहने के दौरान ही अधिकारियों ने जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्जा ले लिया।

याचिका में कहा गया कि जयपुर पोलो ग्राउंड एक खास स्पोर्ट्स सुविधा है न कि कोई आम खाली जमीन। इसके टर्फ की लगातार कटाई, सिंचाई, लेवलिंग, खरपतवार नियंत्रण और ट्रेंड ग्राउंड स्टाफ द्वारा देखभाल की जरूरत होती है।

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