30 साल पुराना यमुना जल विवाद सुलझा, अमित शाह की मौजूदगी में समझौता; हरियाणा के साथ अब राजस्थान को भी मिलेगा पानी - haryana rajasthan yamuna water dispute resolved presence of amit shah deal signed
30 साल पुराना यमुना जल विवाद सुलझा, अमित शाह की मौजूदगी में समझौता; हरियाणा के साथ अब राजस्थान को भी मिलेगा पानी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल परियोजना पर एक महत्वपूर्ण…

सौजन्य से:- Jagran
30 साल पुराना यमुना जल विवाद सुलझा, अमित शाह की मौजूदगी में समझौता; हरियाणा के साथ अब राजस्थान को भी मिलेगा पानी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल परियोजना पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। ...और पढ़ें
HighLights
- हरियाणा-राजस्थान के बीच यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर
- तीन दशक पुरानी पानी की समस्या का समाधान हुआ
- हरियाणा से राजस्थान को पाइपलाइन से मिलेगा पानी
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में सोमवार को नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में हरियाणा सरकार और राजस्थान सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में हुए इस समझौते के अंतर्गत हरियाणा व राजस्थान के लोगों की पानी से जुड़ी लगभग तीन दशक पुरानी समस्या का समाधान हो गया है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए सहकारी संघवाद के मंत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। दोनों राज्यों के बीच हुआ जल समझौता इस बात का उदाहरण है कि अगर राज्य सहकारी संघवाद की सोच को आगे बढ़ाएं तो तीन दशक पुरानी समस्या भी सरलता से सुलझ सकती है।
समझौते के तहत जुलाई से अक्टूबर तक लगभग 580 एमसीएम पानी यमुना नहर से तीन भूमिगत पाइप लाइनों के जरिये राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा। इन तीन पाइप लाइनों का व्यास 3.6 मीटर से भी अधिक होगा, जिनके माध्यम से राजस्थान और हरियाणा राज्यों के लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था होगी।
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अमित शाह ने कहा कि यह समझौता दोनों राज्यों के लिए विन-विन सिचुएशन का अच्छा उदाहरण है। समझौते में वित्तीय जिम्मेदारी, लागत साझीकरण, जल आवंटन और जल छोड़ने के प्रोटोकाल के साथ रखरखाव का बारीकी से ध्यान रखा गया है।
हरियाणा, राजस्थान और विशेषकर केंद्रीय जल आयोग ने इस समझौते का जो प्रारूप बनाया है वह आने वाले कई दशकों तक विवादहीन समझौते के रूप में स्थापित रहेगा। समझौते के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में भी पीने का पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो जाएगी।
परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइन के जरिये राजस्थान के हिस्से का यमुना का पानी पहुंचाना है। इससे राज्य, अपर यमुना बेसिन के इस्तेमाल लायक सतही पानी के बंटवारे पर 1994 के समझौते के तहत मिले पानी का सही तरीके से इस्तेमाल कर पाएगा। इस परियोजना से राजस्थान के सूखे और कम बारिश वाले इलाकों में पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
हथनीकुंड बैराज से राजस्थान तक बिछेगी पाइपलान
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि यमुना जल परियोजना को लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में लगातार हरियाणा और राजस्थान के बीच बैठकें हुई। एमओयू के अंतर्गत हरियाणा में जुलाई और अक्टूबर के बीच जो वर्षा का सरप्लस पानी होता है, राजस्थान उसे पाइपलाइन के माध्यम से ले जाकर पेयजल के लिए उपयोग करेगा।
इस परियोजना के अंतर्गत हथनीकुंड बैराज से राजस्थान तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी और सरप्लस पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी समेत राजस्थान व केंद्र सरकार के अधिकारी मौजूद रहे।
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