राजस्थान पुलिस के 75 प्रतिशत सीआई जेडीए में प्रतिनियुक्ति पर जाने के जुनून का रहस्य
राजस्थान पुलिस के जिला पुलिस और अन्य पात्र इकाइयों में कार्यरत 75 प्रतिशत सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन करने के लिए तैयार हैं। यह रहस्य है कि विभिन्न विभागों में डेपुटेशन के लिए सीआई की संख्या काफी कम है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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भास्कर एक्सक्लूसिवराजस्थान-पुलिस के 75 प्रतिशत सीआई जेडीए में चाहते हैं डेपुटेशन:जांच या केस में घिरे हैं तो नहीं बदल सकेंगे विभाग, इंटरव्यू देना भी जरूरी
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राजस्थान पुलिस के 75 प्रतिशत सर्किल इंस्पेक्टर (CI) जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में प्रतिनियुक्ति (JDA) पर जाना चाहते हैं। आखिर एक ही विभाग इतनी बड़ी संख्या में सीआई का पसंदीदा कैसे बन गया?
एप्लीकेशन कर संख्या को देखकर सीनियर अधिकारी भी हैरान हैं। दूसरे विभागों में डेपुटेशन के लिए सीआई की एप्लीकेशन आई हैं, लेकिन उनकी संख्या काफी कम है।
दरअसल, राजस्थान पुलिस के सीआई को 2 से 5 साल के लिए इन्हें अलग-अलग विभाग में लगाया जाता है। हाल ही में पुलिस मुख्यालय ने एक आदेश निकालकर विभागों में पड़े खाली पदों को भरने के लिए 22 जुलाई तक सीआई के आवेदन लिए थे।
एप्लीकेशंस की संख्या को देखते हुए डेपुटेशन के लिए नई गाइडइलान बनाई गई है। एक्सपर्ट का कहना है कि नई गाइडलाइन की शर्तें काफी सख्त हैं। इन्हें पूरा करना काफी कठिन होगा। पढ़िए- पूरी रिपोर्ट…
पुलिस हेडक्वार्टर ने मांगी थी एप्लीकेशन
राजस्थान पुलिस हेडक्वार्टर ने विकास प्राधिकरण, यूआईटी, नगर निगम, आबकारी विभाग, राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML), पीसीपीएनडीटी, राजस्थान रोडवेज, और रिएल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) विभागों में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनमें 75 प्रतिशत सीआई ने जेडीए में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए लिखा है। एप्लीकेशन की आखिरी तारीख के बाद अब नई गाडलाइन जारी की गई हैं, जिन्हें पूरा करने वालों को ही दूसरे विभागों में भेजा जाएगा।
किन अधिकारियों को नहीं मिलेगा मौका
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आईबी (इंटेलिजेंस), दूरसंचार और आरएसी में तैनात सीआई से आवेदन नहीं मांगे गए हैं। यह अवसर केवल जिला पुलिस और अन्य पात्र इकाइयों में कार्यरत इंस्पेक्टरों के लिए है।
आखिर क्यों महत्वपूर्ण है यह आदेश?
विकास प्राधिकरण, नगर निगम, आबकारी, रोडवेज और रेरा जैसे विभागों में कानून व्यवस्था, जांच, प्रवर्तन, अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई और कॉर्डिनेशन जैसे कार्यों में पुलिस अधिकारियों की अहम भूमिका रहती है।
ऐसे विभागों में प्रतिनियुक्ति को कई अधिकारी अपने करियर के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानते हैं, क्योंकि यहां उन्हें पुलिसिंग के साथ प्रशासनिक अनुभव भी मिलता है।
डेपुटेशन के साथ जिम्मेदारी भी बदलती है
नगर निगम में अतिक्रमण और प्रवर्तन कार्रवाई में काम की जिम्मेदारी होती है। विकास प्राधिकरण और यूआईटी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जिम्मेदारी मिलती है। आबकारी विभाग में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने में सीआई का रोल होता है।
वहीं, RSMML में खनन से जुड़े मामलों की निगरानी और ऑपरेशन करने की जिम्मेदारी होती है। PCPNDT में अवैध भ्रूण लिंग जांच रोकने की कार्रवाई की जाती है।
राजस्थान रोडवेज में सतर्कता और सुरक्षा संबंधी कार्य की बड़ी जिम्मेदारी होती हैं। वहीं, रेरा में रियल एस्टेट से जुड़े मामलों की जांच और प्रवर्तन को लेकर जानकारी मिलती है।
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