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अजमेर में डेंगू से लड़की की मौत, जनवरी से अब तक 73 केस आ चुके

अजमेर में डेंगू से लड़की की मौत, जनवरी से अब तक 73 केस आ चुके संभाग के सभी जिलों में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप देखते स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अलर्ट. लोगों को कर रहा जागरूक. Published : September 30, 2026 at 8:35 PM…

ETV Bharat के अनुसार30 सितंबर 2026 को 04:04 pm बजे
अजमेर में डेंगू से लड़की की मौत, जनवरी से अब तक 73 केस आ चुके

सौजन्य से:- ETV Bharat

अजमेर में डेंगू से लड़की की मौत, जनवरी से अब तक 73 केस आ चुके

संभाग के सभी जिलों में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप देखते स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अलर्ट. लोगों को कर रहा जागरूक.

Published : September 30, 2026 at 8:35 PM IST

अजमेर: मौसम परिवर्तन के साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है. खासकर डेंगू अजमेर संभाग में पैर पसार रहा है. डेंगू से किशनगढ़ के देवडूंगरी निवासी 16 वर्षीय लड़की की मौत हो गई. संभाग के छह जिलों में अभी तक 73 डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं.12 मामले मलेरिया के भी दर्ज हुए हैं. डेंगू और मलेरिया के प्रकोप को देखते स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग अलर्ट हो गया. कई माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहा है.

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. संपत सिंह जोधा ने बताया कि इस बार गत वर्ष की तुलना में टोंक जिले को छोड़ शेष सभी 5 जिलों में बारिश कम हुई. ऐसे में मच्छरजनित रोग गत वर्ष से इस बार कम हुए. संभाग के छह जिलों में डेंगू के वर्ष 2025 में 109 मरीज थे. इस बार अभी तक 73 मरीज सामने आए. इस संख्या को विभाग गंभीरता से ले रहा है. मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए संभाग के सभी जिलों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लोगों को जागरूक कर रहे हैं. जीरो डे भी मनाया जाता है, जिसमें लोगों के घरों की छतों पर पानी की टंकियों को खाली करवा साफ भरवाते हैं. घरों की पड़े टायर, कूलर या अन्य बर्तन और गड्ढ़ों में भरे पानी को भी खाली कराते हैं.

ये उपाय किए: डॉ. जोधा ने बताया कि विभागीय टीमें लोगों को मच्छर जनित बीमारियों के लिए जागरूक करती है. मच्छरों के लार्वा नष्ट करने के लिए टेमिफोस का उपयोग कर रहे हैं. जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज पाए जाते हैं, उनके घर के आसपास के 50 घरों में पायरेथन का स्प्रे भी किया.

प्लेटलेट्स घिरने पर घबराए नहीं: उन्होंने बताया कि डेंगू होने पर प्लेटलेट्स घटती है. इससे कई रोगी घबरा जाते हैं. 10 हजार प्लेटलेट्स भी आती है तो भी डरने की जरूरत नहीं है. डॉ. जोधा ने बताया कि डेंगू हेमरेजिंग फीवर होता है तो रोगी के जगह से ब्लीडिंग (रक्त स्राव) शुरू हो जाता है. महिलाओं के माहवारी में जरूरत से ज्यादा रक्तस्राव होना, चोट से ज्यादा खून बहना, नाक या मुंह से खून आना, यह लक्षण तभी प्रतीत होते हैं जब डेंगू हेमरेजिंग फीवर आता है.

साधारणतया डेंगू में तेज बुखार और प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं. बुखार को रोकने के लिए पेरासिटामोल गोली दी जाती है. गीले कपड़े को सिर पर रखा जाता है. तरल भोजन लेना भी जरूरी है. जोधा ने बताया कि किशनगढ़ के देवडूंगरी की 16 वर्षीय लड़की की डेंगू से मौत हुई है. वह जेएलएन अस्पताल में भर्ती थी. उसमें डेंगू के अलावा बुखार के अन्य कारण भी थे.

मच्छर जनित बीमारियों के संभाग में स्थिति: उन्होंने बताया कि मलेरिया के मरीज गत वर्ष 20 सामने आए थे. इस बार 12 मरीज मलेरिया के सामने आ चुके. चिकनगुनिया के गत वर्ष चार मरीज सामने आए व इस बार एक भी मरीज नहीं है. स्वाइन फ्लू के दो मरीज सामने आए, जो अब स्वस्थ हैं. स्क्रब टायफस के गत वर्ष 42 मरीज सामने आए. इस बार एक भी मरीज सामने नहीं आया. मौसम परिवर्तन के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार खांसी के मरीजों की संख्या ज्यादा है.

पूरे कपड़े पहनकर रहें: डॉ. जोधा ने बताया कि मलेरिया के मच्छर रात को काटता है, जबकि डेंगू का मच्छर दिन में काटता है. ऐसे में दिन के समय में बाहर जाएं तो खुद को कवर रखें. मसलन पूरी बांह का शर्ट पहनें. शॉर्ट्स पहनकर बाहर न जाएं.

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