राजस्थान के दो कोर्ट को भेजे गए धमकी भरे ईमेल: जजों को बाहर निकालने की चेतावनी और 6 ब्लास्ट की धमकी
राजस्थान के जोधपुर हाईकोर्ट और अजमेर जिला न्यायालय को एक धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है। साथ ही, जजों को तुरंत बाहर निकालने की चेतावनी भी दी गई है। इस मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं।

सौजन्य से:- Hindustan
6 ब्लास्ट होंगे, जजों को बाहर निकालो; राजस्थान के दो कोर्ट को धमकी भरा ईमेल
कोर्ट को भेजे गए धमकी भरे ईमेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में जल्द ही छह जिलेटिन बम से विस्फोट होंगे। मेल में जजों को तुरंत बाहर निकालने की चेतावनी भी दी गई थी। साथ ही कुछ धार्मिक टिप्पणियां भी लिखी गई थीं।
राजस्थान में सोमवार सुबह न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब राजस्थान के जोधपुर हाईकोर्ट और अजमेर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले। ईमेल मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS), डॉग स्क्वायड और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। दोनों जगहों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घंटों चली जांच के बाद कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल ईमेल भेजने वाले की पहचान करने और उसके आईपी एड्रेस को ट्रेस करने में जुटी हैं।
हाईकोर्ट में डेढ़ घंटे चला सर्च ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह जोधपुर हाईकोर्ट प्रशासन को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड तत्काल हाईकोर्ट परिसर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
सुरक्षा एजेंसियों ने करीब एक से डेढ़ घंटे तक कोर्ट परिसर के हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली। कोर्ट भवन, पार्किंग, गलियारों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जांच की गई, लेकिन किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। जांच पूरी होने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली।
अजमेर कोर्ट को भी मिला धमकी भरा ईमेल
इसी दौरान अजमेर जिला न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला। सुबह करीब 7:15 बजे सूचना मिलते ही सीओ (नॉर्थ) शिवम जोशी, सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह और भारी पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। कोर्ट परिसर उस समय खाली होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों को तलाशी अभियान चलाने में आसानी रही।
पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर कोर्ट भवन, चैंबर, पार्किंग और बाहरी क्षेत्र के चप्पे-चप्पे की जांच की। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड ने भी मौके पर सघन जांच की, लेकिन वहां भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
मेल में 6 ब्लास्ट की धमकी
अजमेर कोर्ट को भेजे गए धमकी भरे ईमेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में जल्द ही छह जिलेटिन बम से विस्फोट होंगे। मेल में जजों को तुरंत बाहर निकालने की चेतावनी भी दी गई थी। साथ ही कुछ धार्मिक टिप्पणियां भी लिखी गई थीं। हालांकि पुलिस इस संदेश की सत्यता की तकनीकी जांच कर रही है और पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
जोधपुर हाईकोर्ट को इससे पहले भी कई बार धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। इसी वर्ष फरवरी में भी दो बार इसी तरह के ईमेल भेजे गए थे। हर बार सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी।
वहीं, अजमेर में भी पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी धमकी है। चार दिन पहले आरटीओ कार्यालय को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था, जिससे प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गई थी। उस मामले में भी जांच के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला था।
साइबर सेल कर रही तकनीकी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह ईमेल पहले मिले धमकी भरे संदेशों की तरह शरारतपूर्ण या होक्स (Hoax) प्रतीत हो रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जा रहा है।
सीओ (नॉर्थ) शिवम जोशी ने बताया कि पुलिस और साइबर सेल की टीमें ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस को ट्रेस करने, उसकी पहचान करने और यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसके पीछे किसी एक व्यक्ति का हाथ है या कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। इसके साथ ही पहले मिले धमकी भरे ईमेल से भी इसकी तकनीकी तुलना की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी सतर्कता
लगातार न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों को मिल रही धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्क हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि अदालतों जैसे संवेदनशील परिसरों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। हर धमकी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों मामलों की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही ईमेल भेजने वाले तक पहुंचने का दावा कर रही है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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