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अजमेर में छह माह में 5वीं बार हड़ताल पर उतरे सफाईकर्मी, चरमराई शहर की सफाई

अजमेर में छह माह में 5वीं बार हड़ताल पर उतरे सफाईकर्मी, चरमराई शहर की सफाई नगर निगम अधिकारियों पर अस्थायी सफाईकर्मियों के 12 दिन की हड़ताल का पैसा काटने का आरोप. Published : July 8, 2026 at 5:13 PM IST अजमेर: शहर में सफा…

ETV Bharat के अनुसार8 जुलाई 2026 को 01:24 pm बजे
अजमेर में छह माह में 5वीं बार हड़ताल पर उतरे सफाईकर्मी, चरमराई शहर की सफाई

सौजन्य से:- ETV Bharat

अजमेर में छह माह में 5वीं बार हड़ताल पर उतरे सफाईकर्मी, चरमराई शहर की सफाई

नगर निगम अधिकारियों पर अस्थायी सफाईकर्मियों के 12 दिन की हड़ताल का पैसा काटने का आरोप.

Published : July 8, 2026 at 5:13 PM IST

अजमेर: शहर में सफाईकर्मी फिर हड़ताल पर चले गए, जिससे सफाई व्यवस्था चरमरा गई. शहर की सड़कों पर कचरा बिखरा है. डोर 2 डोर कचरा संग्रहण करने वाले ट्रिपर नहीं आने से घरों से कचरा नहीं उठा. सफाई कर्मियों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी मनमाना रवैया अपना रहे हैं और उनके मेहनताने से मनमानी कटौती कर रहे हैं. शहर में सफाईकर्मियों की छह माह में पांचवीं बार हड़ताल है.

संयुक्त सफाईकर्मी संघ के पदाधिकारी अनिल गोयर ने बताया कि अस्थाई और स्थाई सफाई कर्मियों ने मिलकर नगर निगम अधिकारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. 24 घंटे में भी निगम ने सफाईकर्मियों की मांग नहीं मानी तब बुधवार से स्थायी और अस्थायी सफाईकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई. इससे पहले नगर निगम के सफाईकर्मी गांधी भवन चौराहे पर एकत्र हुए. संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया. सफाई कर्मचारियों ने निगम अधिकारियों पर अस्थायी सफाई कर्मियों के मासिक भुगतान से 2 हजार रुपए काटने और विरोध करने पर मनमाने ढंग से तबादला करने का आरोप लगाया.

2000 रुपए काटे: गोयर ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों ने मनमर्जी से गत मई माह में 12 दिन हड़ताल पर रहे 2250 अस्थायी सफाईकर्मियों के मासिक भुगतान से 2000 रुपए काटने के आदेश दिए. 3 सर्किल इंस्पेक्टर, 2 जमादार, एक कचरा संग्रहण प्रबंधक को मूल विभाग से हटाकर कांजी हाउस में लगा दिया. तीन अधिकारियों के भी द्वेषता से तबादले कर दिए गए.

12 दिन के काटे पैसे: संयुक्त सफाईकर्मी संघ के उपाध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि 6 माह में पांचवीं हड़ताल है. निगम अधिकारी के कमरे में सकारात्मक बात हो जाए तो हड़ताल की नौबत ही ना आए. सफाईकर्मियों की जायज मांग है. मई में 12 दिन हुई हड़ताल के 2250 अस्थायी सफाईकर्मियों का 12 दिन का भुगतान हर कर्मचारी के मासिक वेतन से 2000 रुपए काट लिए गए. निगम अधिकारियों ने हड़ताल पर गए अस्थायी सफाई कर्मियों का सहयोग करने का आरोप लगाते हुए 6 स्थायी सफाईकर्मियों और तीन अधिकारियों का मूल विभाग ही बदल दिया.

पढ़ें:विरोध का ये कैसा तरीका ? भीलवाड़ा में सफाईकर्मियों ने नगर निगम में लाकर डाला कचरा

ये चाहते है कार्मिक: संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ की पांच सूत्रीय मांग है. सफाई कर्मचारियों ने मांग की है कि अस्थायी सफाईकर्मियों को अलग अलग वार्डों में लगाएं, लेकिन कार्य क्षेत्र समीप दिया जाए. इन कार्मिकों का वेतन 9 हजार रुपए है, लिहाजा ड्यूटी के बाद होटल या अन्य प्रतिष्ठानों में काम कर परिवार पालते हैं.ऐसे में दूर क्षेत्र में लगाया तो परिवार का गुजारा कैसे होगा?. कोई स्थाईकर्मी अस्थायी कर्मचारियों की आवाज उठाता है तो अधिकारी उसका तत्काल तबादला कर देते हैं. जिन सफाईकर्मियों के तबादले किए गए, उन्हें वापस मूल विभाग में लगा दिया जाए.

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