राज्य सरकार पर वक्फ संपत्तियों का 42 करोड़ रुपए किराया बकाया, अकेले शिक्षा विभाग पर 33 करोड़
राज्य सरकार पर वक्फ संपत्तियों का 42 करोड़ रुपए किराया बकाया, अकेले शिक्षा विभाग पर 33 करोड़ प्रदेश में 44 वक्फ संपत्तियों पर विभिन्न विभागों के कार्यालय चल रहे. इनमें 34 संपत्तियों का किराया 12 साल से नहीं चुकाया. Publi…

सौजन्य से:- ETV Bharat
राज्य सरकार पर वक्फ संपत्तियों का 42 करोड़ रुपए किराया बकाया, अकेले शिक्षा विभाग पर 33 करोड़
प्रदेश में 44 वक्फ संपत्तियों पर विभिन्न विभागों के कार्यालय चल रहे. इनमें 34 संपत्तियों का किराया 12 साल से नहीं चुकाया.
Published : June 10, 2026 at 2:34 PM IST
जयपुर: प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के संरक्षण के लिए बना वक्फ बोर्ड वित्तीय संकट से गुजर रहा है. कर्मचारियों की तनख्वाह देने समेत रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी बोर्ड के पास वित्तीय संकट है. वक्फ बोर्ड की आय का मुख्य साधन उसकी संपत्तियां हैं, जिनसे प्रतिमाह और सालाना किराया आता है. दिलचस्प यह है कि अकेले राज्य सरकार पर ही वक्फ बोर्ड का 42 करोड़ रुपए से ज्यादा किराया बकाया है. कई बार नोटिस के बावजूद सरकार ने बोर्ड को किराया नहीं चुकाया.
44 वक्फ संपत्तियों पर सरकारी कार्यालय: राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन खानू खान बुधवाली ने बताया कि राजस्थान वक्फ बोर्ड की 44 संपत्तियों पर सरकारी विभाग चल रहे हैं. इनमें 34 संपत्तियों का किराया पिछले 12 साल से भी ज्यादा समय से बकाया है. अप्रैल 2012 से मार्च 2024 तक कुल 42 करोड़ 73 लाख 40 हजार 563 रुपए किराए के बकाया हैं. सर्वाधिक 33 करोड़ 77 लाख 76 हजार 336 रुपए बकाया शिक्षा विभाग पर है. चेयरमैन का कहना था कि वक्फ बोर्ड विभागों को कई बार किराया चुकाने के नोटिस दे चुका, लेकिन किराया जमा नहीं कराया जा रहा है. इससे वक्फ बोर्ड के सामने वित्तीय संकट खड़ा हो गया. बोर्ड की आय का मुख्य साधन संपत्तियों से मिलने वाला किराया ही है.
वक्फ संपत्तियों पर विभाग और कार्यालय
किस विभाग पर कितना किराया बकाया
पीडब्ल्यूडी ने तय किया किराया : बुधवाली का कहना है कि वक्फ संपत्तियों पर सरकारी कार्यालयों का किराया पीडब्ल्यूडी ने तय किया है. पिछले 12 साल से सरकार किराया नहीं दे रही है. भाजपा-कांग्रेस सरकारों के दौरान मुख्यमंत्री तक से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई. चेयरमैन ने कहा कि हाल में उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने समस्त विभागों के प्रमुख सचिवों और एसीएस स्तर अधिकारियों को वक्फ बोर्ड का किराया चुकाने के निर्देश दिए थे. वित्त विभाग को भी पत्रावली भेजी गई थी.
किराया दो या संपत्ति खाली करो: बोर्ड चेयरमैन बुधवाली ने कहा कि इस बार हमने वक्फ संपत्तियों पर सरकारी कार्यालय को नोटिस जारी कर सख्ती से आदेश दिए कि बकाया किराया जमा कराओ या संपत्तियां खाली करो. अभी केवल पीएचईडी ने ही साल 2012 से 2018 तक 26 लाख 64 हजार 650 रुपए किराया जमा कराया है. उन्होंने बताया कि राजस्थान में 18 से ज्यादा वक्फ संपत्तियां है, जिनका वक्फ बोर्ड संरक्षण कर रहा है. हालांकि, बोर्ड स्वायत्तशासी संस्था है. कई बार राज्य सरकार बोर्ड को वित्तीय अनुदान देती है. बोर्ड में अध्यक्ष और सदस्यों का लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचन होता है.
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