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जयपुर में 40 घंटे चला छात्रसंघ चुनाव का हाई-वोल्टेज ड्रामा खत्म, मांगों पर सहमति के बाद पानी की टंकी से उतरे छात्र

जयपुर में 40 घंटे चला छात्रसंघ चुनाव का हाई-वोल्टेज ड्रामा खत्म, मांगों पर सहमति के बाद पानी की टंकी से उतरे छात्र टीकाराम जूली की मध्यस्थता से सुलझा विवाद, सीएम-डिप्टी सीएम से वार्ता के भरोसे पर एनएसयूआई (NSUI) का आंदोल…

ETV Bharat के अनुसार1 अगस्त 2026 को 02:15 am बजे
जयपुर में 40 घंटे चला छात्रसंघ चुनाव का हाई-वोल्टेज ड्रामा खत्म, मांगों पर सहमति के बाद पानी की टंकी से उतरे छात्र

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर में 40 घंटे चला छात्रसंघ चुनाव का हाई-वोल्टेज ड्रामा खत्म, मांगों पर सहमति के बाद पानी की टंकी से उतरे छात्र

टीकाराम जूली की मध्यस्थता से सुलझा विवाद, सीएम-डिप्टी सीएम से वार्ता के भरोसे पर एनएसयूआई (NSUI) का आंदोलन स्थगित.

Published : August 1, 2026 at 6:55 AM IST

|Updated : August 1, 2026 at 7:35 AM IST

जयपुर : राजधानी जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा देर रात खत्म हो गया. प्रशासन और पानी की टंकी पर चढ़े NSUI छात्र नेताओं बीच सहमति बनी. जिसके बाद उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा गया. प्रशासन ने छात्र प्रतिनिधिमंडल से पहले उपमुख्यमंत्री, फिर मुख्यमंत्री से वार्ता और आंदोलनकारी छात्र नेताओं पर मुकदमा नहीं दर्ज करने का भरोसा दिलाया है.

जयपुर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर चल रहे NSUI के आंदोलन को शुक्रवार देर रात खत्म किया गया. करीब 40 घंटे से पानी की टंकी पर चढ़े आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता के लिए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक रफीक खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. जनप्रतिनिधियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें सरकार के साथ हुई सहमति की जानकारी देते हुए आंदोलन समाप्त करने की अपील की. इस पर छात्र नेता विजयपाल कुड़ी ने कहा कि उनकी मांगों पर सहमति बनने और उनके नेता टीकाराम जूली की अपील पर वो नीचे उतरे हैं. लेकिन यदि 7 दिन में कोई उचित फैसला नहीं लिया जाता तो फिर आंदोलन की राह पर उतरेंगे.

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तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बनी सहमति :-

- 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री से करेगा मुलाकात, प्रतिनिधिमंडल छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग और छात्रों की अन्य समस्याओं को सरकार के समक्ष विस्तार से रखेगा।

- शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी छात्र प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात तय की गई है, जिसमें छात्रसंघ चुनाव बहाली सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।

- पानी की टंकी पर चढ़कर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर NSUI कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे. इसी क्रम में कुछ छात्र नेता पानी की टंकी पर चढ़ आमरण अनशन कर रहे थे. छात्रों से समझाइश करते हुए उन्हें पानी की टंकी से उतर गया है और अनशन भी तुड़वाया गया है. अब छात्रों को पहले उपमुख्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाएगी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने आश्वस्त किया है कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आज देशभर का युवा अपनी मांगों को लेकर मुखर है और लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं, बल्कि सुना जाना चाहिए. जूली ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की है. इसके अलावा उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गृहमंत्री पर कार्रवाई करनी चाहिए.

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वहीं उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार यह प्रचारित कर रही है कि कांग्रेस सरकार ने छात्रसंघ चुनाव बंद कर दिए थे, जबकि ये गलत है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छात्रसंघ चुनाव शुरू हुए थे. अंतिम वर्ष में विधानसभा चुनाव होने के कारण छात्रसंघ चुनाव केवल स्थगित (पोस्टपोन) किए गए थे, उन्हें बंद नहीं किया गया था. जूली ने कहा कि यदि बीजेपी सरकार दावा करती है कि कांग्रेस ने चुनाव बंद किए थे, तो वो स्वयं छात्रसंघ चुनाव बहाल कर इसका श्रेय ले सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार छात्रों को भ्रमित कर रही है, जबकि वास्तविकता ये है कि कांग्रेस ने चुनाव कभी बंद नहीं किए थे, केवल विधानसभा चुनाव होने के चलते उन्हें स्थगित किया गया था.

इससे पहले दिनभर चले विरोध-प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई की ओर से टोंक रोड जाम करने की भी कोशिश गई थी, जिस पर पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था. देर रात प्रशासन के साथ बनी सहमति के बाद अब सभी की निगाहें उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठकों पर टिकी हैं, जिनसे छात्रसंघ चुनाव को लेकर आगे का रास्ता निकलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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