होमराजनीतिजोधपुर में 360 करोड़ का प्रोजेक्ट: देश का पहला वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का फर्स्ट फेज का 80 फीसदी काम पूरा, तीन ट्रेनों का रखरखाव एक साथ
राजनीति

जोधपुर में 360 करोड़ का प्रोजेक्ट: देश का पहला वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का फर्स्ट फेज का 80 फीसदी काम पूरा, तीन ट्रेनों का रखरखाव एक साथ

जोधपुर में 360 करोड़ का प्रोजेक्ट: देश का पहला वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का फर्स्ट फेज का 80 फीसदी काम पूरा, तीन ट्रेनों का रखरखाव एक साथ एक साथ तीन ट्रेनों का मेंटेनेंस. प्रथम चरण का 80% कार्य पूरा. जोधपुर देश में…

ETV Bharat के अनुसार13 जुलाई 2026 को 03:08 pm बजे
जोधपुर में 360 करोड़ का प्रोजेक्ट: देश का पहला वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का फर्स्ट फेज का 80 फीसदी काम पूरा, तीन ट्रेनों का रखरखाव एक साथ

सौजन्य से:- ETV Bharat

जोधपुर में 360 करोड़ का प्रोजेक्ट: देश का पहला वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का फर्स्ट फेज का 80 फीसदी काम पूरा, तीन ट्रेनों का रखरखाव एक साथ

एक साथ तीन ट्रेनों का मेंटेनेंस. प्रथम चरण का 80% कार्य पूरा. जोधपुर देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव का प्रमुख केंद्र बनेगा.

Published : July 13, 2026 at 6:42 PM IST

जोधपुर: भारतीय रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल देश के पहले वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो का निर्माण तेजी से जोधपुर (भगत की कोठी) में आकार ले रहा है. करीब 360 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे इस अत्याधुनिक डिपो के प्रथम चरण का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. परियोजना पूरी होने के बाद जोधपुर देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव का प्रमुख केंद्र बन जाएगा.

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि डिपो को भविष्य में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है. यहां 24 कोच वाली पूर्ण वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रखरखाव किया जा सकेगा. एक साथ तीन ट्रेनों का निरीक्षण एवं मेंटेनेंस संभव होगा.

30 हजार वर्गमीटर में ट्रेनिंग सेंटर बनेगा: डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि डिपो में 600 मीटर लंबा आधुनिक शेड, निरीक्षण पिट, सिंक्रोनाइज्ड लिफ्टिंग सिस्टम, ड्रॉप पिट टेबल, पिट व्हील लेथ, ऑटोमेटेड वॉशिंग सिस्टम तथा व्हील और बॉगी मेंटेनेंस जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. इन तकनीकों से ट्रेनों का रखरखाव पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और गुणवत्तापूर्ण होगा. इस परियोजना का दूसरा चरण भी जल्द शुरू होगा. इसमें लगभग 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और सिमुलेटर रूम बनाए जाएंगे, जहां कर्मचारियों को वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

प्रधानमंत्री ने किया था शिलान्यास: भगत की कोठी (जोधपुर) में स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण के लिए 167 करोड़ रुपए की लागत से वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो के निर्माण कार्य का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने 16 फरवरी 2024 को किया था. इसके बाद विस्तार किया गया. दूसरे चरण की घोषणा हुई. पूरी लागत 360 करोड़ रखी गई.

पढ़ें: जोधपुर में होगा वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो का विस्तार, 195 करोड़ रुपए और मंजूर

इन सुविधाओं का भी होगा विस्तार: भगत की कोठी में मेंटेनेंस कम वर्कशॉप डिपो के द्वितीय चरण के कार्य में अनुरक्षण सुविधाओं के विस्तार में इंस्पेक्शन बे-लाइन पर कवर्ड शेड़, वृह्द कवर्ड वर्कशॉप क्षेत्र का विकास, ओएचई सुविधा युक्त पिट लाइन, पिट व्हील अनुरक्षण का विस्तार व सर्विस बिल्डिंगों का निर्माण इत्यादि का कार्य किया जाएगा.

मेंटेनेंस सह वर्कशॉप डिपो के निर्माण से लाभ

- एक जगह अत्याधुनिक तकनीक युक्त स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण की सुविधा मिलेगी

- अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से संरक्षा में बढ़ोतरी होगी

- अनुरक्षण सुविधा बेहतर होने से अधिक ट्रेनों को संचालित करने की क्षमता में बढ़ोतरी

- अधिक ट्रेनों के संचालन से क्षेत्र में रेल कनेक्टीविटी को मजबूती मिलेगी

- प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनेक तरह के रोजगारों का सृजन होगा

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें