उदयपुर का मकान बना 'नागलोक', 30 मिनट में एक-एक कर सामने आए 23 जहरीले सांप, अंडे नहीं सीधे बच्चे देती है इनकी मां
Udaipur Snake News: उदयपुर प्रतापनगर के ढीकली गांव में बुधवार को एक घर का ट्यूबवेल चेंबर 'नागलोक' बन गया। घरवालों ने सिर्फ एक सांप देखकर रेस्क्यू टीम बुलाई थी, लेकिन चेंबर खोलने पर महज 30 मिनट में एक-एक कर 23 रसेल वाइपर…

सौजन्य से:- Navbharat Times
Udaipur Snake News: उदयपुर प्रतापनगर के ढीकली गांव में बुधवार को एक घर का ट्यूबवेल चेंबर 'नागलोक' बन गया। घरवालों ने सिर्फ एक सांप देखकर रेस्क्यू टीम बुलाई थी, लेकिन चेंबर खोलने पर महज 30 मिनट में एक-एक कर 23 रसेल वाइपर सांप बाहर निकले।
उदयपुर: झीलों की नगरी उदयपुर का एक शांत सा घर उस समय अचानक 'नागलोक' में तब्दील हो गया, जब वहां रहने वाले परिवार के पैरों तले से जमीन खिसक गई। प्रतापनगर क्षेत्र के ढीकली गांव में बुधवार को एक घर के पीछे बने ट्यूबवेल चेंबर से महज 30 मिनट के भीतर एक-एक कर पूरे 23 बेहद जहरीले सांप बाहर निकल आए। रोंगटे खड़े कर देने वाले इस नजारे को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई।
दरअसल, घरवालों ने चेंबर के पास सिर्फ एक सांप रेंगते हुए देखा था और घबराकर रेस्क्यू टीम को फोन किया था। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि चेंबर का ढक्कन हटाते ही वह सांपों के एक बड़े 'डेरे' का सामना करने वाले हैं।
जब 30 मिनट तक चेंबर से लगातार निकलते रहे सांप
वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर के संभागीय अध्यक्ष चमन सिंह चौहान जैसे ही सूचना पाकर अपने साथी लक्ष्मीलाल गमेती के साथ मौके पर पहुंचे, तो मामला बेहद गंभीर निकला। टीम ने जैसे ही चेंबर के भीतर हाथ डाला और अपना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, वहां मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं। महज आधे घंटे के भीतर चेंबर के अंधेरे कोने से 1 विशाल मादा सांप और उसके 22 नवजात बच्चे यानी कुल 23 रेंगते हुए कटीले मेहमान बाहर निकाले गए। डॉ. चमन सिंह ने बताया कि ये सभी सांप भारत के सबसे विषैले और जानलेवा सांपों में शुमार 'रसेल वाइपर' प्रजाति के हैं।
बिना अंडे दिए लाइव डिलीवरी, हैरान कर देगा रसेल वाइपर का ये सच
इस रेस्क्यू के दौरान डॉ. चमन सिंह ने रसेल वाइपर से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प और हैरान कर देने वाला बायोलॉजिकल सच बताया, जिसे सुनकर ग्रामीण दंग रह गए।
आमतौर पर लोग मानते हैं कि दुनिया के सारे सांप अंडे देते हैं, लेकिन रसेल वाइपर के साथ ऐसा नहीं है। यह प्रजाति अंडे देने के बजाय इंसानों या स्तनधारियों की तरह सीधे जीते-जागते बच्चों को जन्म देती है। इनका मेटिंग पीरियड (प्रजनन काल) नवंबर महीने में होता है और मादा जून या जुलाई के पहले सप्ताह में बच्चों को जन्म देती है।
चमन सिंह चौहान, रेस्क्यू सेंटर के संभागीय अध्यक्ष
चूंकि जून का महीना शुरू हो चुका है और मानसून की पहली बारिश आने वाली है, इसलिए यह मादा सांप अपने बच्चों की सुरक्षित डिलीवरी और उन्हें बाहरी खतरों से बचाने के लिए इस अंधेरे और ठंडे ट्यूबवेल चेंबर को अपना 'सीक्रेट मेटरनिटी वार्ड' बनाकर छिप गई थी।
23 सांपों को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
विशेषज्ञों के मुताबिक, पहली बारिश के बाद उमस बढ़ते ही बिलों में पानी भर जाता है, जिससे सांप सुरक्षित ठिकानों के लिए बस्तियों का रुख करते हैं। गनीमत रही कि ढीकली गांव के इस परिवार ने समझदारी दिखाई। फिलहाल, रेस्क्यू टीम ने सभी 23 सांपों को सुरक्षित डिब्बों में पैक कर आबादी से मीलों दूर घने जंगलों में छोड़ दिया है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
मानसून की आहट: वन्यजीव विशेषज्ञों की बड़ी चेतावनी
लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।
राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।
पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत
पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

89K views · 2.2K reactions | राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले का एक गांव, इस्लामपुर, इन दिनों प्रदेश की राजनीति और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है. गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने की मांग हो रही है. इसकी चर्चा गांव की गलियों से लेकर राजधानी जयपुर तक है. रिपोर्टः मोहर सिंह मीणा वीडियो एडिटिंगः निमित वत्स | BBC News हिन्दी

जयपुर: पाकिस्तान तक फेसबुक से बना कॉन्टेक्ट, कलमा पढ़कर बनी 'खदीजा', महिला स्लीपर सेल गिरफ्तार

जयपुर के न्यू सांगानेर रोड पर जाम खत्म करने का ब्लूप्रिंट तैयार; 24 करोड़ होंगे खर्च


