दरा अंडरपास हादसे पर जीएम का बड़ा खुलासा, बोले- डिजाइन को नहीं किया गया फॉलो, कोटा-भोपाल रेल लाइन मार्च 2027 तक होगी शुरू
दरा अंडरपास हादसे पर जीएम का बड़ा खुलासा, बोले- डिजाइन को नहीं किया गया फॉलो, कोटा-भोपाल रेल लाइन मार्च 2027 तक होगी शुरू पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कोटा दौरे पर रेलवे स्टेशन, वर्कशॉप और अमृत भार…

सौजन्य से:- ETV Bharat
दरा अंडरपास हादसे पर जीएम का बड़ा खुलासा, बोले- डिजाइन को नहीं किया गया फॉलो, कोटा-भोपाल रेल लाइन मार्च 2027 तक होगी शुरू
पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कोटा दौरे पर रेलवे स्टेशन, वर्कशॉप और अमृत भारत योजना के कार्यों का निरीक्षण किया.
Published : June 28, 2026 at 8:34 AM IST
कोटा : पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के महाप्रबंधक (जीएम) दिलीप कुमार सिंह अपने दो दिवसीय विशेष दौरे पर विशेष ट्रेन से शिक्षा नगरी कोटा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कोटा रेल मंडल के तहत विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की, रेलवे संगठनों के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और रेलवे वर्कशॉप का सघन निरीक्षण किया. दौरे के अंतिम दिन शाम को करीब 7:15 बजे कोटा जंक्शन स्थित मैनेजर रूम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मीडिया से खुलकर बातचीत की और क्षेत्र की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं सहित हाल ही में हुए दरा अंडरपास हादसे पर बड़े खुलासे किए.
हादसे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह दुखद हादसा था. उन्होंने अपने दो अच्छे इंजीनियर को खो दिया है. दूसरी तरफ इस हादसे के लिए उन्होंने डिजाइन को जिम्मेदार बताया है. इस तरह की घटनाओं से हमें काफी कुछ सीखने को मिलता है, कुछ गलतियां रही है. उन्होंने कहा कि ड्राइंग को फॉलो नहीं किया गया था. वहां की जमीन दिखाने में लग रही थी कि काफी स्ट्रॉंग या फिर ठोस है, लेकिन ऐसा नहीं था, जमीन दिखाने में अच्छी लग रही है, लेकिन गर्मी में उसका बिहेवियर चेंज हो गया है, इससे हादसा हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि वहां पर मिट्टी की टेस्टिंग में गलती हुई है, इसी के चलते यह हादसा हुआ है.
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जीएम ने कहा कि इस हादसे से रेलवे प्रशासन ने बहुत बड़ा सबक सीखा है. अब भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है. उन्होंने घोषणा की कि आगामी 15 अगस्त तक हर हाल में इस अंडरपास के निर्माण कार्य को पूरा करने की अंतिम समय-सीमा (Dead Line) तय की गई है और वर्तमान में काम पूरी मुस्तैदी और अतिरिक्त सुरक्षा मानकों के साथ किया जा रहा है.
जीएम दिलीप कुमार सिंह दो दिवसीय दौरे पर विशेष ट्रेन के जरिए कोटा आएं थे. यहां पर उन्होंने रेलवे संगठनों के कार्यक्रम में भाग लिया. इसके बाद रेलवे वर्कशॉप का निरीक्षण किया. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहे कोटा रेलवे स्टेशन व न्यू कोटा स्टेशन पर चल रहे कार्य का निरीक्षण किया. समय से क्वालिटी वर्क पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है. उनके साथ कोटा डीआरएम अनिल कालरा, एडीआरएम ललित कुमार धुरंधर, योगेश कुमार मित्तल, मुख्य परियोजना प्रबंधक सौरभ मिश्रा के साथ सीनियर डीसीएम सौरभ जैन भी मौजूद रहे.
मार्च 2027 तक कोटा से भोपाल सीधी रेल सेवा की उम्मीद : पिछले 22 वर्षों से लंबित पड़ी भोपाल-रामगंजमंडी रेल लाइन परियोजना पर बात करते हुए जीएम ने कोटा और मध्य प्रदेश के यात्रियों को बड़ी सौगात दी. मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि इस वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के शेष कार्यों को गति दे दी गई है. कोटा रेल मंडल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी कार्यों को आने वाले कुछ ही महीनों के भीतर पूरी तरह समाप्त कर लिया जाएगा, जिसके समानांतर भोपाल की तरफ का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है. उनका कहना है कि वित्तीय वर्ष यानी मार्च 2027 के पहले पूरा कार्य होने की उम्मीद है. इससे उम्मीद है कि कोटा से रामगंजमंडी होकर भोपाल से सीधा जुड़ जाएगा. ऐसे में कोटा से भोपाल की दूरी भी 100 किलोमीटर कम होगी.
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दिलीप सिंह ने कहा कि न्यू कोटा स्टेशन का कार्य लगभग पूरा जैसा है, अगले 1 से 2 महीने में उसका काम पूरा हो जाएगा. जबकि कोटा जंक्शन का काम नवंबर 2026 तक निर्माण हो जाएगा. उसके बाद फिनिशिंग का कार्य रहेगा. यह दिसंबर तक हो जाएगा, तब तक इनॉग्रेशन का समय भी आ जाएगा और स्टेशन पर यात्रियों को सुविधाएं भी मिलने लग जाएगी.
कर्मचारी संगठनों से संवाद : दौरे के दौरान कोटा स्टेशन पर महाप्रबंधक से मुलाकात करने वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के सचिव अब्दुल खालिक और पश्चिम मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद (बीएमएस) के मंडल सचिव प्रबोध बल्दुआ के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे. प्रतिनिधिमंडलों ने जीएम के साथ बैठक कर रेल कर्मचारियों की विभिन्न स्थानीय व तकनीकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और अपना मांग पत्र सौंपा. महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने सभी जायज मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उनके शीघ्र सकारात्मक निस्तारण का ठोस आश्वासन दिया.
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