राजस्थान बजट 2026: दीया कुमारी का वादा, पर्यटन को बनाएंगे आर्थिक विकास का इंजन, यहां देखें प्रमुख घोषणाएं
राजस्थान बजट 2026: दीया कुमारी का वादा, पर्यटन को बनाएंगे आर्थिक विकास का इंजन, यहां देखें प्रमुख घोषणाएं बजट में कहा गया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे…

सौजन्य से:- ETV Bharat
राजस्थान बजट 2026: दीया कुमारी का वादा, पर्यटन को बनाएंगे आर्थिक विकास का इंजन, यहां देखें प्रमुख घोषणाएं
बजट में कहा गया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे.
Published : February 11, 2026 at 2:15 PM IST
उदयपुर: प्रदेश की भजनलाल सरकार का तीसरा बजट बुधवार को उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में पेश किया. इस बार भजनलाल सरकार के पिटारे से पर्यटन को नई योजनाएं मिली हैं. सरकार ने राजस्थान को वैश्विक पर्यटन और इको-टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए बड़ा रोडमैप पेश किया है. जानिए पर्यटन को लेकर क्या-क्या घोषणाएं हुईं.
उपमुख्यमंत्री, वित्त एवं पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने बजट भाषण में कहा कि संस्कृति हमारी पहचान है और विकास हमारी उड़ान, इसी सोच के साथ सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास का मजबूत इंजन बनाएगी. उन्होंने बताया कि पर्यटन नीति 2025 और पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 लागू कर दी गई है. इससे राजस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे. सरकार ने 5000 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों के लिए राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कैपेसिटी बिल्डिंग फंड के गठन की घोषणा की है, जिससे राज्यभर में पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा.
जैसलमेर बनेगा लग्जरी टूरिज्म हब: पश्चिमी राजस्थान में जैसलमेर को अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन (STZ) के रूप में विकसित किया जाएगा. कुलधरा में पर्यटक सुविधा केंद्र बनेगा, जिससे सैलानियों को बेहतर ऑन-ग्राउंड अनुभव मिलेगा. पुष्कर, खाटू श्यामजी, देशनोक, पोखरण और मंडावर में मुख्य प्रवेश मार्गों को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा. इन पर 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे. भरतपुर में 100 करोड़ रुपए की लागत से ब्रज कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा.
शेखावाटी की हवेलियों को मिलेगा नया जीवन: झुंझुनू, चूरू और सीकर में 660 से अधिक ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण, फसाद इम्प्रूवमेंट और उन्हें पर्यटन इकाई में बदलने पर अगले दो वर्षों में 200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. साथ ही इन्हें यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास होंगे. जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जालौर को मिलाकर थार डेजर्ट कल्चर सर्किट बनाया जाएगा, जिससे मरुस्थली संस्कृति और लोककला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी.
वीरता और आस्था को सम्मान: झुंझुनू में वार म्यूजियम बनाया जाएगा. वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत 6000 बुजुर्गों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ (काठमांडू) और 50 हजार को एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी. होमस्टे संचालकों को ब्याज अनुदान और हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग दी जाएगी. चयनित गांवों में आधारभूत सुविधाएं विकसित होंगी. गैर, घूमर और भवाई जैसे लोक नृत्यों के लिए संभाग स्तर पर उत्सव आयोजित किए जाएंगे.
पर्यटक सुरक्षा प्राथमिकता: पर्यटकों की सुरक्षा और सहयोग के लिए पर्यटन सहायता बल को मजबूत किया जाएगा. महिला सुरक्षा कर्मियों और महिला गाइड की भी नियुक्ति होगी. दीपावली, होली, शिवरात्रि, रामनवमी और गुरु पूर्णिमा जैसे पर्वों पर मंदिरों में विशेष सजावट और आरती कार्यक्रम होंगे. इस पर 13 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
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