राजस्थान हाईकोर्ट का अल्टिमेटम, 20 जुलाई को चुनाव शेड्यूल के साथ सरकार और सीईसी तलब
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर सख्ती दिखाई। राज्य निर्वाचन आयोग को 20 जुलाई को चुनाव कार्यक्रम के साथ पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार और सीईसी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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पंचायत-निकाय चुनाव: हाईकोर्ट का अल्टिमेटम, 20 जुलाई को चुनाव शेड्यूल के साथ सरकार-सीईसी तलब
Thu, 16 Jul 2026 04:15 PM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Thu, 16 Jul 2026 04:15 PM IST
सार
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर फिर सख्ती दिखाई। राज्य निर्वाचन आयोग को 20 जुलाई को चुनाव कार्यक्रम के साथ पेश होने का निर्देश दिया है।
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विस्तार
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत निकाय चुनावों को लेकर 20 जुलाई को राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायतरी राज विभाग व स्थानीय निकाय विभाग को चुनाव शेड्यूल लेकर बुलाया है। गुरुवार को हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त तथा ओबीसी आयोग के सचिव को तलब किया था।
लगातार दूसरे दिन हुई सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार के साथ-साथ राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। गुरुवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजेश्वर सिंह को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर चुनाव कराने के लिए 90 दिन का समय मांगने वाला पत्र किस आधार पर लिखा गया। इस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने राज्य सरकार के कहने पर ही उन्होंने यह पत्र लिखा। सीईसी ने कहा कि चुनाव समय पर करवाने के लिए उन्होंने कई बार सरकार को पत्र लिखे हैं।
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सीईसी से मौखिक रूप से कहा कि "आपके खिलाफ अवमानना याचिका लंबित है, उस पर कार्रवाई शुरू करवा दें।" अदालत ने यह भी पूछा कि जब पहले से समय-सीमा तय थी तो चुनाव कार्यक्रम जारी करने के बजाय अतिरिक्त समय मांगने की जरूरत क्यों पड़ी।
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कोर्ट ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 7 दिन में पेश करने के लिए कहा दिया है। कोर्ट ने कहा कि हम इसके लिए लिए 14 अगस्त तक का वक्त नहीं देंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग व सरकार को चुनाव कार्यक्रम तारीख लेकर 20 जुलाई को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
लगातार दूसरे दिन सख्त रही अदालत
इससे एक दिन पहले बुधवार को भी हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही देरी पर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि उसके पूर्व आदेशों का पालन नहीं होने को वह गंभीरता से देख रही है। इसी मामले में विधायक संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका भी विचाराधीन है।
सरकार ने मांगा था अतिरिक्त समय
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में कहा है कि ओबीसी राजनीतिक आरक्षण के लिए 'ट्रिपल टेस्ट' की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। सरकार के अनुसार राजस्थान राज्य ओबीसी आयोग 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा और 31 अगस्त तक आरक्षण का अंतिम विवरण तैयार हो सकेगा। इसके बाद पंचायत चुनाव चार चरणों और निकाय चुनाव दो चरणों में कराने के लिए करीब 90 दिन की आवश्यकता होगी।
इनका कहना है
हाईकोर्ट ने पंचायत व निकाय चुनावों को लेकर ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 7 दिन में पेश करने के लिए कहा है। साथ ही 20 जुलाई को राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायती राज विभाग व स्थानीय निकाय विभाग को चुनाव शेड्यूल लेकर तलब किया है।
पुनीत सिंघवी- -याचिकाकर्ता संयम लोढ़ा के अधिवक्ता
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लगातार दूसरे दिन हुई सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार के साथ-साथ राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। गुरुवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजेश्वर सिंह को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर चुनाव कराने के लिए 90 दिन का समय मांगने वाला पत्र किस आधार पर लिखा गया। इस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने राज्य सरकार के कहने पर ही उन्होंने यह पत्र लिखा। सीईसी ने कहा कि चुनाव समय पर करवाने के लिए उन्होंने कई बार सरकार को पत्र लिखे हैं।
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सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सीईसी से मौखिक रूप से कहा कि "आपके खिलाफ अवमानना याचिका लंबित है, उस पर कार्रवाई शुरू करवा दें।" अदालत ने यह भी पूछा कि जब पहले से समय-सीमा तय थी तो चुनाव कार्यक्रम जारी करने के बजाय अतिरिक्त समय मांगने की जरूरत क्यों पड़ी।
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कोर्ट ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 7 दिन में पेश करने के लिए कहा दिया है। कोर्ट ने कहा कि हम इसके लिए लिए 14 अगस्त तक का वक्त नहीं देंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग व सरकार को चुनाव कार्यक्रम तारीख लेकर 20 जुलाई को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
लगातार दूसरे दिन सख्त रही अदालत
इससे एक दिन पहले बुधवार को भी हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही देरी पर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि उसके पूर्व आदेशों का पालन नहीं होने को वह गंभीरता से देख रही है। इसी मामले में विधायक संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका भी विचाराधीन है।
सरकार ने मांगा था अतिरिक्त समय
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में कहा है कि ओबीसी राजनीतिक आरक्षण के लिए 'ट्रिपल टेस्ट' की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। सरकार के अनुसार राजस्थान राज्य ओबीसी आयोग 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा और 31 अगस्त तक आरक्षण का अंतिम विवरण तैयार हो सकेगा। इसके बाद पंचायत चुनाव चार चरणों और निकाय चुनाव दो चरणों में कराने के लिए करीब 90 दिन की आवश्यकता होगी।
इनका कहना है
हाईकोर्ट ने पंचायत व निकाय चुनावों को लेकर ओबीसी आयोग की रिपोर्ट 7 दिन में पेश करने के लिए कहा है। साथ ही 20 जुलाई को राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायती राज विभाग व स्थानीय निकाय विभाग को चुनाव शेड्यूल लेकर तलब किया है।
पुनीत सिंघवी- -याचिकाकर्ता संयम लोढ़ा के अधिवक्ता
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