आइए जानें, क्यों फिसल गया जयपुर का 5वें से 16वें नंबर पर, और उदयपुर का टॉप-10 का स्थान बरकरार?
जयपुर और उदयपुर के शहरों के वैश्विक और महाद्वीपीय रैंकिंग्स की जानकारी और उन्हें कैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन निर्देशालय में जगह मिली।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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वर्ल्ड के टॉप-20 शहरों में जयपुर 16वें नंबर पर:5वें से 11 स्थान फिसला, उदयपुर का 12वां नंबर; एशिया की लिस्ट में दोनों शहर टॉप-10 में
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वर्ल्ड की टॉप 20 बेस्ट सिटीज में इस बार राजस्थान का जयपुर 16वें स्थान पर आया है। वहीं उदयपुर का 12वां स्थान है। दुनिया की प्रतिष्ठित पर्यटन पत्रिका Travel + Leisure ने वर्ल्ड बेस्ट अवॉर्ड 2026 रैंकिंग जारी की हैं।
दोनों शहरों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों (World's Best Cities) और एशिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों (Best Cities in Asia) की दोनों सूचियों में स्थान मिला है।
इस बार जयपुर 5वें स्थान से फिसल कर 16वें नंबर आ गया है। पिछली बार उदयपुर इस लिस्ट में शामिल नहीं था। एशिया में टॉप 10 बेस्ट सिटी में उदयपुर 8वें और जयपुर 10वें नंबर पर अपना स्थान बनाए हुए है।
वहीं वर्ल्ड की बात करें तो टॉप 10 बेस्ट सिटीज में मैक्सिको का सैन मिगुएल डी एलेंडे ने 1 नंबर पर अपनी जगह बनाई है, जबकि एशिया में टॉप 10 बेस्ट सिटी में जापान का क्योटो 1 नंबर पर आया है।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी शहर का एक साथ वैश्विक और महाद्वीपीय दोनों सूचियों में शामिल होना बेहद खास उपलब्धि है। इससे न केवल विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन निवेश, होटल उद्योग, ट्रैवल कंपनियों, स्थानीय हस्तशिल्प, परिवहन और रोजगार के नए अवसर भी तेजी से बढ़ते हैं।
पहले जानिए, कैसे होता है चयन?
Travel + Leisure की वर्ल्ड बेस्ट अवॉर्ड्स दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पर्यटन सम्मानों में शामिल हैं। वर्ष 2026 के सर्वे में 2.07 लाख से अधिक पाठकों ने हिस्सा लिया और 6.61 लाख से अधिक वोट डाले। इन वोटों के आधार पर दुनिया भर के 10,088 से अधिक पर्यटन स्थलों, शहरों, होटलों, क्रूज, एयरलाइंस और अन्य पर्यटन सेवाओं का मूल्यांकन किया गया।
शहरों के चयन में प्रमुख रूप से कई मानकों को शामिल किया गया। इनमें ऐतिहासिक विरासत और स्मारक, सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय अनुभव, पर्यटक आकर्षण, स्थानीय भोजन (Cuisine), होटल एवं आतिथ्य सेवाएं, खरीदारी और पारंपरिक बाजार, स्थानीय लोगों का व्यवहार और स्वागत, स्वच्छता एवं यात्रा अनुभव, वैल्यू फॉर मनी और पर्यटकों की समग्र संतुष्टि मुख्य रूप से शामिल थी।
जयपुर क्यों बना दुनिया की पसंद?
सर्वे के अनुसार, जयपुर आज केवल एक ऐतिहासिक शहर नहीं, बल्कि ऐसा पर्यटन गंतव्य बन चुका है, जहां विश्व धरोहर, शाही स्थापत्य, पारंपरिक बाजार, आधुनिक लग्जरी हॉस्पिटैलिटी और स्थानीय संस्कृति एक साथ देखने को मिलती है।
यूनेस्को विश्व धरोहर परकोटा शहर, आमेर किला, हवा महल, जंतर-मंतर और सिटी पैलेस को टूरिस्ट्स ने सबसे ज्यादा पसंद किया और अपनी राय रखी। वहीं पारंपरिक बाजार जौहरी बाजार, बापू बाजार, त्रिपोलिया, हस्तशिल्प, ब्लॉक प्रिंट, ब्लू पॉटरी और आभूषण, राजस्थानी खानपान, लग्जरी हेरिटेज होटल को सबसे ज्यादा पसंद किया गया। इन्हीं विशेषताओं ने जयपुर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की पसंदीदा सूची में लगातार बनाए रखा है।
उदयपुर की झीलों और शाही विरासत का जादू कायम
उदयपुर ने एक बार फिर साबित किया कि उसे सिटी ऑफ लेक्स क्यों कहा जाता है। लेक पिछोला, सिटी पैलेस, फतेहसागर, अरावली की प्राकृतिक सुंदरता, राजसी होटल और विश्वस्तरीय वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उसकी पहचान ने उसे दुनिया के शीर्ष शहरों में जगह दिलाई।
दुनिया-एशिया की सूची में उदयपुर-जयपुर का शामिल होना राजस्थान के लिए गर्व
पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने कहा कि दुनिया और एशिया दोनों की सूची में उदयपुर और जयपुर का शामिल होना पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश की समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति, उत्कृष्ट आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दीया कुमारी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार राजस्थान को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनका विश्वास है कि इस उपलब्धि से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, पर्यटन निवेश को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राजस्थान पर्यटन को मिलेगा बड़ा लाभ
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान का सीधा प्रभाव राजस्थान की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा। इससे विदेशी पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन निवेश आकर्षित होगा।
लग्जरी होटल और रिसॉर्ट सेक्टर को फायदा मिलेगा। डेस्टिनेशन वेडिंग उद्योग को नई गति मिलेगी। स्थानीय हस्तशिल्प और व्यापार को वैश्विक बाजार मिलेगा। पर्यटन आधारित रोजगार में वृद्धि होगी। राजस्थान की ब्रांड वैल्यू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
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