राजस्थान में दौड़ेंगी 1150 ई-बसें, जयपुर को इसी महीने मिलेगी 300 बसें, बदलेगा शहरी परिवहन का चेहरा
राजस्थान में दौड़ेंगी 1150 ई-बसें, जयपुर को इसी महीने मिलेगी 300 बसें, बदलेगा शहरी परिवहन का चेहरा पहले चरण में जयपुर को 300 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, जबकि दूसरे चरण में 150 अतिरिक्त बसें दी जाएंगी. Published : June 7, 20…

सौजन्य से:- ETV Bharat
राजस्थान में दौड़ेंगी 1150 ई-बसें, जयपुर को इसी महीने मिलेगी 300 बसें, बदलेगा शहरी परिवहन का चेहरा
पहले चरण में जयपुर को 300 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, जबकि दूसरे चरण में 150 अतिरिक्त बसें दी जाएंगी.
Published : June 7, 2026 at 5:18 PM IST
जयपुर : राजस्थान के शहरी परिवहन तंत्र में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से प्रदेश के 9 प्रमुख शहरों में कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी. यह योजना पीएम ई-ड्राइव (PM e-Drive) योजना के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, प्रदूषण मुक्त और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है. योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) को सौंपी गई है. प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत इसी जून महीने में जयपुर को 300 ई बसें मिलने की संभावना है.
जयपुर को मिलेगा सबसे बड़ा हिस्सा : राजस्थान के शहरों में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव के बीच 1150 इलेक्ट्रिक बसों की पीएम ई-ड्राइव (PM e-Drive) केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि हरित शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. खासकर जयपुर के लिए 450 ई-बसों का नया बेड़ा राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई पहचान देने वाला साबित हो सकता है. योजना के तहत राजधानी जयपुर को सबसे ज्यादा लाभ मिलने जा रहा है. पहले चरण में जयपुर को 300 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, जबकि दूसरे चरण में 150 अतिरिक्त बसें दी जाएंगी. इस तरह जयपुर के पास कुल 450 नई इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा होगा. दूसरे चरण में बीकानेर और अलवर को 50-50 जबकि जोधपुर को 25 अतिरिक्त बसें भी मिलेंगी.
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जून में मिल सकती है पहली सौगात : स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने बताया कि जेसीटीएसएल की ओर से नई बसों की खरीद प्रक्रिया जारी है और प्रधानमंत्री ई-बस सेवा का पहला चरण इसी जून महीने में शुरू होने की संभावना है. राजस्थान के लिए करीब 1150 ई-बसें स्वीकृत हुई हैं, जिनमें जयपुर को दो चरणों में 450 बसें मिलेंगी. इसके अलावा जेसीटीएसएल की ओर से वीजीएफ मॉडल पर 450 बसें लेने की प्रक्रिया भी चल रही है. 155 अन्य बसों के प्रोक्योरमेंट की कार्रवाई भी की जा रही है.
टोडी और बगराना बनेंगे ई-बस हब : जयपुर में इन बसों का संचालन टोडी और बगराना डिपो से किया जाएगा. दोनों डिपो पर अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं. इनका निर्माण कार्य राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (रुडसिको) की ओर से अंतिम चरण में है. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और रखरखाव अधिक सुगम हो सकेगा. आधुनिक तकनीक से लैस ये इलेक्ट्रिक बसें एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी. इससे संचालन लागत में कमी आएगी और प्रदूषण भी घटेगा.
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ई-बसों के बाद 870 बसों का होगा बेड़ा : नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद जयपुर का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और मजबूत होगा. राजधानी में कुल बसों की संख्या करीब 870 हो जाएगी, जिनमें 120 डीजल बसें, 300 सीएनजी बसें, 450 इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी. बहरहाल, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरों में कार्बन उत्सर्जन कम होगा, ईंधन पर होने वाला खर्च घटेगा और यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर मिलेगा. बढ़ती आबादी और यातायात दबाव के बीच ये योजना राजस्थान के शहरी परिवहन को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है.
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