एमपी के दो टीआई समेत 100 पर राजस्थान में FIR: घाटाखेड़ी गांव में ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने का दावा था; कोर्ट ने कार्रवाई को फर्जी बताया - Agar Malwa News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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एमपी के दो टीआई समेत 100 पर राजस्थान में FIR:घाटाखेड़ी गांव में ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने का दावा था; कोर्ट ने कार्रवाई को फर्जी बताया
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राजस्थान में मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारियों समेत 100 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में हुई NDPS कार्रवाई से जुड़ा है।
चौमहला कोर्ट के 13 जून को दिए आदेश पर डग थाने में सोमवार (15 जून) को आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने कहा कि जांच में अन्य आरोपियों की पहचान भी की जाएगी।
बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ पकड़ने का दावा किया था
21 जनवरी 2026 को आगर पुलिस ने फैजान नाम के युवक को 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि ड्रग्स घाटाखेड़ी के शाहिर, मुनव्वर और ताहिर से लाया था।
एसपी विनोद सिंह के मुताबिक फैजान की निशानदेही पर 28 जनवरी को 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ दबिश दी गई थी। यहां बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स बनाने की सामग्री बरामद करने का दावा किया गया था। इस दौरान दो भाई शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा गिरफ्तार किए गए थे।
पांच पॉइंट्स, जिनसे कार्रवाई पर उठे सवाल
- आगर मालवा के तत्कालीन एसपी विनोद कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई के दौरान दो बंदूकें, एक ग्राइंडर मशीन और दो ड्रम जब्त करने का दावा किया था। जांच के दौरान सामान नया दिखने पर सवाल उठे, लेकिन एसपी ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया था।
- दावा किया गया कि कार्रवाई में राजस्थान पुलिस भी शामिल थी, लेकिन जांच में सामने आया कि उसे इसकी जानकारी ही नहीं थी।
- एसपी विनोद कुमार सिंह ने कहा था कि ई-साक्ष्य ऐप से कार्रवाई की रिकॉर्डिंग की गई थी, लेकिन जांच में सामने आया कि वीडियोग्राफी नहीं हुई थी।
- पुलिस रिकॉर्ड में शाहिर की गिरफ्तारी सुबह 4:40 बजे, मुनव्वर की 4:45 बजे और जब्ती 5:40 बजे दर्शाई गई। जांच में वीडियोग्राफी और सीसीटीवी से सामने आया कि आगर पुलिस की डग थाना क्षेत्र में आखिरी मौजूदगी 5:05 बजे तक ही थी।
- बताया गया कि मध्य प्रदेश पुलिस के वाहन घाटाखेड़ी में करीब 30 मिनट ही रुके थे। इसी दौरान तलाशी, गिरफ्तारी, जब्ती और अन्य कार्रवाई का दावा किया गया, जबकि इतने कम समय में NDPS अधिनियम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होना संभव नहीं था।
परिवार ने शुरुआत से पुलिस कार्रवाई को फर्जी बताया
गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान शुरुआत से ही कार्रवाई को फर्जी बताते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने स्थानीय राजस्थान पुलिस को सूचना दिए बिना घर में प्रवेश किया, परिजन से बदसलूकी की और उनके बेटों को झूठे NDPS प्रकरण में फंसाया।
तलाशी-गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े रिकॉर्ड नहीं मिले
हमीद खान ने 21 फरवरी 2026 को चौमहला कोर्ट में परिवाद (शिकायती आवेदन) दायर किया। कोर्ट ने उसी दिन जिला पुलिस अधीक्षक झालावाड़ अमित को जांच के आदेश दिए। एसपी ने जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) भागचंद्र मीणा को सौंपी।
एएसपी मीणा ने आगर आकर दबिश में शामिल थाना प्रभारी शशि उपाध्याय समेत कई पुलिसकर्मियों के बयान लिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती से जुड़े कई रिकॉर्ड नहीं मिले।
जांच रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर FIR के आदेश
जांच रिपोर्ट और उपलब्ध सबूतों पर विचार के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद डग थाने में शशि उपाध्याय, रूप सिंह राजपूत, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट, राहुल विश्वकर्मा, पुलिसकर्मी शुभम समेत करीब 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जांच के बाद और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस आरोपों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जाएगी। इसके बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आशंका है कि जांच के बाद और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। साथ ही, धाराएं भी बढ़ सकती हैं।
आगर-मालवा के एसपी दिलीप कुमार सोनी ने कहा- हम राजस्थान पुलिस की जांच में सहयोग कर रहे हैं। NDPS के मामले में जनवरी में जो कार्रवाई हुई थी, उस मामले में आगर मालवा पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। कोर्ट में मामला लंबित है।
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