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राजस्थान में मेयर-सभापतियों को 100 दिन में बदलनी होगी शहरों की तस्वीर; CM भजनलाल शर्मा की दो टूक

राजस्थान में मेयर-सभापतियों को 100 दिन में बदलनी होगी शहरों की तस्वीर; CM भजनलाल शर्मा की दो टूक मुख्यमंत्री ने निकाय प्रमुखों से कहा कि वे अपने-अपने शहर के लिए 100 दिन का स्पष्ट रोडमैप तैयार करें। इसमें ऐसे काम शामिल कि…

Hindustan के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 01:05 am बजे
राजस्थान में मेयर-सभापतियों को 100 दिन में बदलनी होगी शहरों की तस्वीर; CM भजनलाल शर्मा की दो टूक

सौजन्य से:- Hindustan

राजस्थान में मेयर-सभापतियों को 100 दिन में बदलनी होगी शहरों की तस्वीर; CM भजनलाल शर्मा की दो टूक

मुख्यमंत्री ने निकाय प्रमुखों से कहा कि वे अपने-अपने शहर के लिए 100 दिन का स्पष्ट रोडमैप तैयार करें। इसमें ऐसे काम शामिल किए जाएं, जिनका असर सीधे आम लोगों को दिखाई दे।

राजस्थान के शहरों में अगले 100 दिन बदलाव के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नवनिर्वाचित महापौर, सभापति और चेयरमैन को साफ संदेश दिया है कि अब काम का असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सोमवार को सीएमआर में नगरीय निकायों के प्रमुखों के साथ संवाद करते हुए शहरों के विकास और व्यवस्थाओं को लेकर 100 दिन का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास की उम्मीद के साथ शहरी सरकारों को चुना है, इसलिए उसे बदलाव का अहसास भी होना चाहिए।

दीपावली से पहले चमकाने होंगे शहर

मुख्यमंत्री ने दीपावली से पहले शहरों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर खास जोर दिया। उन्होंने सफाई, सड़क, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, नालियों, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण से जुड़े काम एक महीने में पूरा करने के निर्देश दिए।

सीएम ने कहा कि त्योहारों के दौरान शहर साफ-सुथरे और व्यवस्थित नजर आने चाहिए। इसके लिए निकायों को अपने स्तर पर प्राथमिकता तय करके काम की रफ्तार बढ़ानी होगी। शहरों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

100 दिन का रोडमैप, सिर्फ कागज पर नहीं दिखे

मुख्यमंत्री ने निकाय प्रमुखों से कहा कि वे अपने-अपने शहर के लिए 100 दिन का स्पष्ट रोडमैप तैयार करें। इसमें ऐसे काम शामिल किए जाएं, जिनका असर सीधे आम लोगों को दिखाई दे।

उन्होंने कहा कि शहरी विकास की योजनाएं केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए समयबद्ध तरीके से काम किया जाए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी हो।

संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के 10 नगर निगमों के महापौर जयपुर स्थित सीएमआर में मौजूद रहे। वहीं उप महापौर, सभापति, उप सभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।

अब निकायों को खुद बढ़ानी होगी कमाई

मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि निकायों को कुशल वित्त प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा और अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने होंगे।

सीएम ने निकाय प्रमुखों से कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत निकाय ही शहरों के विकास को लंबे समय तक गति दे सकते हैं। इसलिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ आय के नए स्रोत तलाशने पर भी ध्यान दिया जाए।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश

मुख्यमंत्री ने निकाय प्रमुखों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में काम ईमानदारी से होना चाहिए और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।

उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सबसे जरूरी है। निकाय प्रमुखों को अपने कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।

वार्ड की सीमा से बाहर निकलकर पूरे शहर के बारे में सोचें

मुख्यमंत्री ने पार्षदों से भी अपील की कि वे केवल अपने वार्ड तक सीमित होकर काम न करें। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए सामूहिक सोच जरूरी है। पार्षदों को वार्ड की सीमाओं से ऊपर उठकर पूरे शहर के हित को ध्यान में रखना चाहिए।

सीएम ने कहा कि किसी एक वार्ड में बेहतर सड़क या सीवरेज व्यवस्था कर देने से पूरा शहर विकसित नहीं हो जाता। शहर के सभी हिस्सों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनानी होंगी।

वार्डवार नहीं, पूरे शहर को ध्यान में रखकर प्लानिंग

मुख्यमंत्री ने सड़क, सीवरेज और दूसरी मूलभूत सुविधाओं की प्लानिंग को लेकर भी दिशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि विकास की योजना केवल वार्डवार नहीं बनाई जानी चाहिए, बल्कि पूरे शहर की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाए।

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