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भजनलाल सरकार को दस में से मिले नौ मार्क्स, राजस्थान के 10 नगर निगम में जानें कौन बना नया मेयर

सुनील कोठारी बने जयपुर के नए मेयर जयपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी के सुनील कोठारी ने शानदार जीत दर्ज कर महापौर पद पर कब्जा जमाया। 150 वार्डों वाली इस निगम में बहुमत के लिए 76 वोटों की आवश्यकता थी। सुनील कोठारी को 8…

Navbharat Times के अनुसार25 सितंबर 2026 को 01:04 pm बजे
भजनलाल सरकार को दस में से मिले नौ मार्क्स, राजस्थान के 10 नगर निगम में जानें कौन बना नया मेयर

सौजन्य से:- Navbharat Times

सुनील कोठारी बने जयपुर के नए मेयर

जयपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी के सुनील कोठारी ने शानदार जीत दर्ज कर महापौर पद पर कब्जा जमाया। 150 वार्डों वाली इस निगम में बहुमत के लिए 76 वोटों की आवश्यकता थी। सुनील कोठारी को 89 मत मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मावर को 60 मत प्राप्त हुए और 1 वोट नोटा को गया। भाजपा के पास अपने 78 पार्षद थे, जिन्होंने 11 निर्दलीयों के समर्थन के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

भीलवाड़ा में जसवंत कंवर निर्विरोध मेयर चुनी गईं

भीलवाड़ा नगर निगम के कुल 70 वार्डों में से भाजपा ने 45 वार्ड जीतकर चुनाव में ही स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया था। यहां निर्दलीयों को 15 और कांग्रेस को सिर्फ 10 सीटें मिली थीं। स्पष्ट बहुमत होने और विपक्ष की ओर से कोई मजबूत चुनौती न होने के कारण वार्ड नंबर 9 से पार्षद चुनी गईं जसवंत कंवर भीलवाड़ा की निर्विरोध मेयर बनीं।

अजमेर में जीतते-जीतते हारी कांग्रेस, अनामिका शर्मा बनीं मेयर

अजमेर नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। 37 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से चूक गई। भाजपा (32 सीटें) ने निर्दलीयों के बूते सेंधमारी करते हुए 43 मत हासिल किए और भाजपा की अनामिका शर्मा ने कांग्रेस की किरण गड़वाल को 6 वोटों से हराकर महापौर की कुर्सी कब्जा ली।

अनिल कल्ला ने कांग्रेस की बचाई लाज, बीकानेर के बने नए मेयर

बीकानेर नगर निगम प्रदेश की इकलौती ऐसी निगम रही जहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत रखते हुए जीत दर्ज की। 80 वार्डों में से कांग्रेस ने 42 सीटों पर सीधी जीत हासिल कर बहुमत का आंकड़ा पार किया था। कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने 50 वोट हासिल कर भाजपा के डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत को हरा दिया और नए मेयर बने।

कोटा में अनुसुइया गोस्वामी ने एकतरफा जीता मैदान

कोटा नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की अनुसुइया गोस्वामी ने एकतरफा जीत हासिल की। कोटा में कांग्रेस खेमे में भारी सेंधमारी देखने को मिली, जहां अनुसुइया गोस्वामी को 65 मत मिले, जबकि कांग्रेस की सुनीता सुमन को केवल 35 मत प्राप्त हुए। 100 सदस्यीय सदन में भाजपा के पास 57 पार्षद थे, लेकिन कांग्रेस के 4 पार्षदों द्वारा की गई क्रॉस-वोटिंग के बूते भाजपा प्रत्याशी ने 65 वोटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया।

उदयपुर में एकतरफा जीती बीजेपी, पारस सिंघवी बने मेयर

उदयपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी ने शुरुआत से ही अपनी बढ़त बनाए रखी। 80 वार्डों वाली इस निगम में भाजपा ने 53 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। भाजपा प्रत्याशी पारस सिंघवी ने बिना किसी अड़चन के आसानी से जीत का आंकड़ा पार कर उदयपुर के मेयर पद पर पार्टी का परचम लहराया।

भरतपुर में निर्दलियों ने बीजेपी का दिया साथ, अनुराधा सिंह बनीं मेयर

भरतपुर नगर निगम में मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र होने के प्रभाव के चलते निर्दलीयों ने खुलकर भाजपा का साथ दिया। 65 वार्डों में भाजपा को 20 सीटें मिली थीं, जबकि निर्दलीयों ने 36 सीटों पर जीत दर्ज की थी। निर्दलीयों के समर्थन और विपक्ष की ओर से नामांकन वापस लिए जाने के बाद भाजपा की अनुराधा हजारी सिंह यहाँ निर्विरोध मेयर निर्वाचित हुईं।

अलवर में निर्दलियों के समर्थन से मेयर बनीं सुमनलता अग्रवाल

अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था और बोर्ड त्रिशंकु था। भाजपा को 28 और कांग्रेस को 23 सीटें मिली थीं। हालांकि, 13 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करते हुए भाजपा प्रत्याशी सुमनलता अग्रवाल ने 42 वोटों के साथ बहुमत सिद्ध किया और महापौर पद पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस के कामेश शर्मा को 23 वोट मिले।

जोधपुर में गहलोत का गढ़ ढहाया, प्रसन्नचंद मेहता बने नए मेयर

जोधपुर नगर निगम में कांटे के मुकाबले के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रसन्नचंद मेहता नए महापौर बने। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सोलंकी को पराजित किया। 100 वार्डों वाले इस बोर्ड में बहुमत का आंकड़ा 51 था। भाजपा के पास मूल रूप से 45 पार्षद थे, लेकिन प्रसन्नचंद मेहता ने निर्दलीयों में सेंधमारी करते हुए 53 मत हासिल किए, वहीं राजेंद्र सोलंकी 47 वोटों पर ही सिमट गए।

पाली में बड़े उलटफेर के बाद मेयर बनीं नमिता बुबकिया

पाली नगर निगम के 65 सदस्यीय बोर्ड में कड़े मुकाबले के बीच बड़ा उलटफेर हुआ। कांग्रेस 29 सीटें जीतकर बहुमत (33 वोट) के बिल्कुल करीब थी। हालांकि, कांग्रेस में आंतरिक बगावत का फायदा उठाते हुए महज 21 सीटों वाली भाजपा प्रत्याशी नमिता बुबकिया ने 33 वोटों का जादुई आंकड़ा जुटाया और पाली की पहली महिला महापौर बनकर इतिहास रच दिया।

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