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जयपुर में जमीन खरीदना होगा महंगा, डीएलसी दरें बढ़ाए जाने की मंजूरी

जयपुर में जमीन खरीदने की कीमतें बढ़ गई हैं। सरकार ने डीएलसी दरों में 10 से 49 फीसदी की बढ़ोतरी की है। यह बदलाव रेडियस टाउन और अन्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों में किया गया है। इससे जमीन खरीदने और संपत्ति की रजिस्ट्री करने पर लोगों को अधिक शुल्क देना होगा।

ETV Bharat के अनुसार7 जुलाई 2026 को 10:21 am बजे
जयपुर में जमीन खरीदना होगा महंगा, डीएलसी दरें बढ़ाए जाने की मंजूरी

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर में जमीन खरीदना होगा महंगा, 10 से 49 फीसदी तक डीएलसी दरें बढ़ाने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई

जयपुर कलेक्ट्रेट में सोमवार को जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में डीएलसी कमेटी की बैठक आयोजित हुई.

Published : July 6, 2026 at 10:48 PM IST

जयपुर: राजधानी जयपुर में जमीन खरीदना अब और महंगा होने जा रहा है. एक बार फिर डीएलसी दरों में इजाफा हो गया है. जिला कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में डीएलसी कमेटी की बैठक में अलग-अलग इलाकों की नई दरों पर चर्चा की गई. अधिकांश क्षेत्रों में 5 से 40 फीसदी तक और कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में 49 फीसदी तक डीएलसी दरें बढ़ाने के प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है.

इस तरह जयपुर में जमीनों की डीएलसी दरों में 10 से 49 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है. नई दरें लागू होने के बाद आम जनता पर अधिक भार पड़ेगा. डीएलसी बढ़ने से जमीन खरीदना तो महंगा होगा साथ ही रजिस्ट्री कराने पर स्टाम्प ड्यूटी भी अधिक देनी होगी. बैठक में शहरी क्षेत्रों की उन जमीनों पर विशेष फोकस किया गया, जहां वर्तमान बाजार मूल्य और सरकारी डीएलसी दरों में बड़ा अंतर है. ऐसे क्षेत्रों में अधिकतम 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजार मूल्य को देखते हुए अधिकांश स्थानों पर 35 प्रतिशत तक डीएलसी दर बढ़ाने की सिफारिश की गई है.

संशोधित डीएलसी लागू होने के बाद यहां जमीनों की सरकारी कीमतों में बढ़ोतरी होगी. डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दर वह सरकारी मूल्य होता है, जिसके आधार पर जमीन और संपत्ति की खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री की जाती है. किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री डीएलसी दर से कम मूल्य पर नहीं हो सकती. आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी के साथ-साथ सड़क की चौड़ाई के अनुसार भी डीएलसी दरे निर्धारित की जाती हैं.

सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों और भू-स्वामियों को दिए जाने वाले मुआवजे के निर्धारण में भी डीएलसी दर महत्वपूर्ण आधार होती है. ऐसे में प्रस्तावित बढ़ोतरी का असर संपत्ति की खरीद-बिक्री, स्टांप शुल्क, रजिस्ट्रेशन शुल्क और भूमि अधिग्रहण मुआवजे पर भी देखने को मिलेगा. अब डीएलसी कमेटी की सिफारिशों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद संशोधित दरें लागू की जाएंगी, जिससे प्रदेशभर में जमीनों के सरकारी मूल्य में व्यापक बदलाव होने की संभावना है.

1 अप्रैल 2024 में डीएलसी दरों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी. दिसंबर 2024 में सरकार ने फिर 5 से 15 फीसदी तक दरें बढ़ाईं. इस साल अप्रैल में जयपुर के अलावा प्रदेश के सभी जिलों में भी सरकार ने 10 फीसदी डीएलसी की दरों में बढ़ोतरी की थी. कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि कुछ क्षेत्र की डीएलसी दरों में 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी का प्रस्ताव आया हैं. ऐसे प्रस्तावों को मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया हैं. इसी तरह कुछ क्षेत्रों की मौजूदा डीएलसी दरों में कमी करने का प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया है. 50 प्रतिशत से कम बढ़ोतरी वाले प्रस्ताव 7 दिन में लागू हो जाएंगे.

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